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नेपाल सीमा पर तैनात जवान नेपालियों के लिए बने अन्नदाता
Madotanda
Updated Sun, 06 Dec 2015 11:10 PM IST
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नेपाल मेें मधेसी आंदोलन के चलते जरूरी सामान के किल्लत के साथ महंगाई भी बढ़ी है। लेकिन सीमावर्ती इलाकों में बसे नेपाली नागरिक के लिए सीमा पर तैनात भारतीय सुरक्षा बल के जवान जीवनदाता बने हुए हैं। नेपालियों के मुताबिक सीमा पर सतर्कता बढ़ने के बावजूद भारतीय बाजारों से वह अपने खाने पीने व रसद का सामान लाने में उनको परेशान नहीं किया जा रहा है।
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इंडो नेपाल सीमा से सटे इलाकों में नेपाली नागरिक बसे हैं। मधेसी आंदोलन के शुरू होते ही नेपाल का सीमांत इलाका भी इसकी गरमाहट से धधक उठा। आंदोलन के चलते इन इलाकों में रोजमर्रा के काम आने वाली चीजों का संकट पैदा होने के साथ महंगाई भी बढ़ गई। वहीं एसएसबी ने साइकिलों से रोजाना नेपाल में जाकर फेरी लगाने वालों पर सुरक्षा की दृष्टि से पाबंदी लगा रखी है, लेकिन इस संकट के बावजूद सीमा पर बसे नेपाली एसएसबी की तारीफ कर रहे हैं।
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उनका कहना है कि भले ही भारतीय लोग भय के चलते फेरी लगाने नहीं आ रहे हैं, लेकिन वह लोग भारतीय क्षेत्र की बाजारों में जाकर अपना रोजमर्रा का घरेलू व खेती से जुड़ा सामान भारत से ला रहे हैं। उन्हें जवान परेशान नहीं करते। यदि एसएसबी खाद्यान्न लाने पर पाबंदी लगा देती, तो उन लोगों के सामने बड़ा संकट पैदा हो जाता। भले ही यह नेपाली नागरिक भारतीय इलाके के समीप बसे हैं, लेकिन नेपाल में उनका यह इलाका काफी दूरस्थ इलाका कहलाता है।
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यही नहीं भारतीय क्षेत्र में नेपाली आसानी से मजदूरी करने भी आ रहे हैं। अलबत्ता मधेसी आंदोलन का वह समर्थन करते हुए कहते हैं कि माओवाद गलत था, लेकिन मधेशियों की मांगे जायज हैं। उन्हें नेपाल सरकार को पूरा करना चाहिए।