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ओमिक्रॉन से निपटने के लिए पीएचसी स्तर पर मिलनी चाहिए जरूरी सुविधाएं : वरुण गांधी
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पीलीभीत। सांसद वरुण गांधी ने कोविड के बाद अब ओमिक्रोन पर चिंता जाहिर करते हुए शनिवार को जिले के प्रमुख चिकित्सकों तथा चिकित्साधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की। बचाव और सतर्कता पर उनकी राय जानी। अपने सुझाव भी दिए। कहा, ओमिक्रॉन से निपटने के लिए पीएचसी स्तर पर लोगों को जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
दिल्ली से वर्चुअल मीटिंग में सांसद ने कहा कि बच्चों को लेकर हमें ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। अगर कोई बच्चा संक्रमित होता है तो उसे तत्काल इलाज मिले। जिन ग्राम सभाओं में टीकाकरण की कमी रह गई है। वहां शिविर लगाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी महामारी से निपटने के लिए सीएचसी और पीएचसी में ऑक्सीजन समेत तमाम जरूरी सुविधाएं अवश्य होना चाहिए। चिकित्सा सेवाओं को उच्चीकृत किया जाए। सांसद ने कहा कि निगरानी समितियों को फिर से सक्रिय किया जाए। टेस्टिंग बढ़ाई जाए। इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएं। टेलीमेडिसिन पद्धति से ओपीडी शुरू की जाए। प्राइवेट चिकित्सा विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 18 साल से ऊपर के जिन लोगों को पहला टीका लग चुका है, उन्हें दूसरा टीका समय पर दिया जाए। वर्चुअल मीटिंग में सीडीओ प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ आलोक कुमार शर्मा, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरपी सिंह सुमन, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अनीता चौरसिया के अलावा डॉ. लोकेश कुमार, डॉ. विनय कुमार, डॉ. अजीज हसन अंसारी, डॉ. एसके सिंह, डॉ. ठाकुरदास, डॉ. श्रीराम, डॉ. चंद्रकुमार, डॉ. आरके सिंह, डॉ. दीपक गंगवार, डॉ. पीडी सिंह, डॉ. सीबी चौरसिया आदि मौजूद रहे।
मेरा प्रयास यही है कि महामारी से निपटने के लिए दवाइयों और जरूरी चीजों की कोई कमी नहीं होने दी जाए। आवश्यकता पड़ने पर पूर्व की भांति हर सहयोग के लिए मैं हमेशा तैयार हूं। किसी भी वक्त मुझसे संपर्क किया जा सकता है।
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- वरुण गांधी, सांसद
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दिल्ली से वर्चुअल मीटिंग में सांसद ने कहा कि बच्चों को लेकर हमें ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। अगर कोई बच्चा संक्रमित होता है तो उसे तत्काल इलाज मिले। जिन ग्राम सभाओं में टीकाकरण की कमी रह गई है। वहां शिविर लगाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी महामारी से निपटने के लिए सीएचसी और पीएचसी में ऑक्सीजन समेत तमाम जरूरी सुविधाएं अवश्य होना चाहिए। चिकित्सा सेवाओं को उच्चीकृत किया जाए। सांसद ने कहा कि निगरानी समितियों को फिर से सक्रिय किया जाए। टेस्टिंग बढ़ाई जाए। इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएं। टेलीमेडिसिन पद्धति से ओपीडी शुरू की जाए। प्राइवेट चिकित्सा विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 18 साल से ऊपर के जिन लोगों को पहला टीका लग चुका है, उन्हें दूसरा टीका समय पर दिया जाए। वर्चुअल मीटिंग में सीडीओ प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ आलोक कुमार शर्मा, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरपी सिंह सुमन, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अनीता चौरसिया के अलावा डॉ. लोकेश कुमार, डॉ. विनय कुमार, डॉ. अजीज हसन अंसारी, डॉ. एसके सिंह, डॉ. ठाकुरदास, डॉ. श्रीराम, डॉ. चंद्रकुमार, डॉ. आरके सिंह, डॉ. दीपक गंगवार, डॉ. पीडी सिंह, डॉ. सीबी चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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मेरा प्रयास यही है कि महामारी से निपटने के लिए दवाइयों और जरूरी चीजों की कोई कमी नहीं होने दी जाए। आवश्यकता पड़ने पर पूर्व की भांति हर सहयोग के लिए मैं हमेशा तैयार हूं। किसी भी वक्त मुझसे संपर्क किया जा सकता है।
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- वरुण गांधी, सांसद