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संशोधित ::: नौकरी मिलने के बाद शादी से मुकरी प्रेमिका, इंजीनियर ने जहर खाकर दी जान

Fri, 10 Apr 2026 01:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 01:00 AM IST
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Modified ::: After getting a job, girlfriend refused to marry, engineer committed suicide by consuming poison
शहर निवासी युवती से प्रेम-प्रसंग की बात आई सामने, जांच में जुटी पुलिस
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पीलीभीत/हाफिजगंज। छतरी चौराहे के पास एक होटल में तीन दिन से ठहरे बरेली जिले के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव योसलपुर निवासी इंजीनियर दीपांशु (27) ने बुधवार रात जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात 11 बजे उनकी मौत हो गई। बताते हैं कि दीपांशु ने बरेली में अपनी बुआ के घर रहकर पढ़ाई की थी। इसी दौरान युवती से उसका प्रेम संबंध हो गया था। बीते दिनों युवती सरकारी स्कूल में शिक्षिका बन गई तो उसने शादी से इन्कार कर दिया। इससे दीपांशु परेशान था।

जानकारी के मुताबिक, दीपांशु ने जहरीला पदार्थ खाने के बाद होटल के कमरे से ही शहर की वल्लभनगर कॉलोनी निवासी अपने एक परिचित को कॉल करके इसकी जानकारी दी। इसके बाद उनका परिचित होटल पहुंचा। घटना के बारे में होटल के कर्मचारियों को बताया। परिचित और कर्मचारियों ने दीपांशु को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां कुछ देर बाद दीपांशु की मौत हो गई। सूचना पर सुनगढ़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।
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पुलिस की ओर से सूचना मिलने पर दीपांशु के परिजन भी आ गए। मृतक के पिता ने बताया कि दीपांशु ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। उसकी एक सरकारी कंपनी में नौकरी भी लग गई थी, लेकिन उसने ज्वॉइन नहीं किया था। अभी वह एक निजी कंपनी में काम कर रहे थे। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी नरेश त्यागी ने बताया कि काफी समझाने पर परिजन पोस्टमाॅर्टम के लिए राजी हुए। पोस्टमाॅर्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। प्राथमिक जांच में प्रेम-प्रसंग के चलते जहर खाने की बात सामने आई है।
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पांच महीने पहले भी की थी जान देने की कोशिश

परिवार के लोगों ने बताया कि दीपांशु ने करीब पांच महीने पहले भी बरेली में किराये के मकान में जान देने की कोशिश की थी। तब उसे बचा लिया गया था। पिता जयप्रकाश गंगवार ने बताया कि दीपांशु पढ़ाई में होशियार था। बीटेक करने के बाद वह दिल्ली की एक कंपनी में इंजीनियर की नौकरी कर रहा था। वह बाहर ही रहता था। हालांकि, परिवार से लगभग रोज ही बात होती थी। हालांकि, उन्हें यह नहीं पता था कि वह तीन दिन से पीलीभीत के एक होटल में रुका हुआ था। संवाद
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