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Pilibhit News: जिले के तीन ‘ब’ से जोड़कर मोदी ने साधा समीकरण
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प्रधानमंत्री ने बाघ, बांसुरी और बंगाली समाज का किया जिक्र
पीलीभीत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में तीन ब (बांसुरी, बाघ और बंगाली समाज) से चुनावी समीकरण साधा। प्रधानमंत्री ने जिले के उन सभी प्रमुख स्थानों, बातों और कार्यों को अपने संबोधन में शामिल किया, जो जिले की जनता से सीधे जुड़ाव रखती हैं।
बांसुरी पीलीभीत जिले का एक जिला-एक उत्पाद योजना में है। बांसुरी को जिले की पहचान भी कहा जाता है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की पहचान बाघों से होती है। प्रधानमंत्री ने इन दोनों का जिक्र अपने संबोधन में किया। अयोध्या राम मंदिर भेजी गई बांसुरी के बारे में बताया। ईको टूरिज्म को रोजगार से जोड़ा। कहा कि जिले में ईको टूरिज्म का एक नया सिस्टम बनाया जा रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में जिले के विकास पर भी जोर दिया। बंद उद्योगों को शुरू किए जाने। नौजवानों को रोजगार और स्वरोजगार के मंत्र से जोड़ने का प्रयास किया। चुनावी समीकरण साधते हुए उन्होंने जिले के बंगाली समाज को भी अपने संबोधन में शामिल किया। इस तरह प्रधानमंत्री ने ‘’तीन ब’’ और जिले के किसान और नौजवान से जुड़कर चुनावी समीकरण साधा। मतदाताओं को विकास के मुद्दे पर वोट की अपील कर गए। संवाद
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किसान का सम्मान और आध्यात्मिक पहचान
प्रधानमंत्री ने जिले के किसानों को साधने का प्रयास किया तो दूसरी ओर पीलीभीत की आध्यात्मिक पहचान का जिक्र करना भी नहीं भूले। उन्होंने अपने संबोधन में आदि गंगा मां गोमती स्थल का नाम लिया। शहर के प्रसिद्ध यशवंतरी देवी मंदिर का जिक्र कर लोगों से आध्यात्मिक जुड़ाव भी किया। कहा कि पीलीभीत और आसपास के क्षेत्र खेती-किसान के लिए जाने जाते हैं।
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पीलीभीत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में तीन ब (बांसुरी, बाघ और बंगाली समाज) से चुनावी समीकरण साधा। प्रधानमंत्री ने जिले के उन सभी प्रमुख स्थानों, बातों और कार्यों को अपने संबोधन में शामिल किया, जो जिले की जनता से सीधे जुड़ाव रखती हैं।
बांसुरी पीलीभीत जिले का एक जिला-एक उत्पाद योजना में है। बांसुरी को जिले की पहचान भी कहा जाता है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की पहचान बाघों से होती है। प्रधानमंत्री ने इन दोनों का जिक्र अपने संबोधन में किया। अयोध्या राम मंदिर भेजी गई बांसुरी के बारे में बताया। ईको टूरिज्म को रोजगार से जोड़ा। कहा कि जिले में ईको टूरिज्म का एक नया सिस्टम बनाया जा रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में जिले के विकास पर भी जोर दिया। बंद उद्योगों को शुरू किए जाने। नौजवानों को रोजगार और स्वरोजगार के मंत्र से जोड़ने का प्रयास किया। चुनावी समीकरण साधते हुए उन्होंने जिले के बंगाली समाज को भी अपने संबोधन में शामिल किया। इस तरह प्रधानमंत्री ने ‘’तीन ब’’ और जिले के किसान और नौजवान से जुड़कर चुनावी समीकरण साधा। मतदाताओं को विकास के मुद्दे पर वोट की अपील कर गए। संवाद
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किसान का सम्मान और आध्यात्मिक पहचान
प्रधानमंत्री ने जिले के किसानों को साधने का प्रयास किया तो दूसरी ओर पीलीभीत की आध्यात्मिक पहचान का जिक्र करना भी नहीं भूले। उन्होंने अपने संबोधन में आदि गंगा मां गोमती स्थल का नाम लिया। शहर के प्रसिद्ध यशवंतरी देवी मंदिर का जिक्र कर लोगों से आध्यात्मिक जुड़ाव भी किया। कहा कि पीलीभीत और आसपास के क्षेत्र खेती-किसान के लिए जाने जाते हैं।
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