{"_id":"650c8f139b5ac8219d00e964","slug":"medical-college-only-the-board-of-the-district-hospital-changed-not-the-arrangements-pilibhit-news-c-121-1-pbt1005-4559-2023-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज : जिला अस्पताल का सिर्फ बोर्ड बदला... व्यवस्थाएं नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज : जिला अस्पताल का सिर्फ बोर्ड बदला... व्यवस्थाएं नहीं
Fri, 22 Sep 2023 12:14 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 22 Sep 2023 12:14 AM IST
विज्ञापन
जिला चिकित्सालय में लगी भीड़ । संवाद
पीलीभीत। जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन संसाधनों में आज तक कोई इजाफा नहीं हुआ है। बस बोर्ड भर बदला गया है। हालात ये हैं कि एक व्यवस्था बनती है, तो दूसरी बिगड़ जाती है। शुरू से ही डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद यहां 34 जूनियर रेजिडेंट (जेआर) का चयन किया गया था, लेकिन ज्वाइन 28 ने ही किया। धीरे-धीरे 14 नौकरी छोड़कर चले गए। बाकी 14 में से भी अब सात ने नौकरी छोड़ने का नोटिस दे दिया है।
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभागीय अधिकारी प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यहां डॉक्टर नहीं टिक रहे हैं। 28 जूनियर डॉक्टर में से महज 14 बचे हैं। इस महीने के अंत तक इनमें से भी सात नौकरी छोड़ देंगे। कुछ पीजी में प्रवेश को इसकी वजह बता रहें तो कुछ रहने, खाने-पीने का ठीक इंतजाम न होने से यहां नहीं रहना चाहते हैं।
दरअसल, मेडिकल कॉलेज का भवन अभी तक नहीं बन सका है। जिला अस्पताल में ही मेडिकल कॉलेज चल रहा है। जूनियर डॉक्टर के अलावा एक सीनियर रेजिडेंट ही मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में रोगियों की बढ़ती संख्या और डॉक्टरों की कमी से सारी व्यवस्थाएं ही चौपट हैं। नए डॉक्टर भी इतने मरीजों का बोझ नहीं झेल पा रहे हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
जल्द मिलेंगे दो प्रोफेसर, सात एसोसिएट प्रोफसर
मेडिकल कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई के लिए 11 से 27 जुलाई तक हुए साक्षात्कार का परिणाम भी आ गया है। मेडिकल कॉलेज के लिए दो प्रोफेसर, सात एसोसिएट प्रोफेसर व 11 असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन हुआ है। जल्द ही उन्हें नियुक्ति पत्र प्राप्त हो जाएंगे। इसके बाद वे यहां आकर पदभार ग्रहण कर लेंगे।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
पांच विशेषज्ञ के साथ तीन एमबीबीएस डॉक्टर भी मिले
लंबे समय से चले आ रहे रिक्त पदों को अब शासन ने भरना शुरू कर दिया है। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पिछले लंबे अर्से से डॉक्टरों की मांग कर रहे थे। वह लगातार शासन को पत्र लिख रहे थे। इसको देखते हुए शासन ने यहां पांच विशेषज्ञ समेत तीन एमबीबीएस डॉक्टरों की तैनाती दी है। इससे यहां पहुंचने वाले मरीजों को अच्छे उपचार के साथ राहत मिल सकेगी।
-- -- -- -- -- -- -- --
वर्जन:
व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। कुछ जेआर ने आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए काम छोड़ा है। हालांकि मेडिकल कॉलेज में पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर उपचार देने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही नए डॉक्टर आ जाएंगे। - डॉ. संजीव सक्सेना, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभागीय अधिकारी प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यहां डॉक्टर नहीं टिक रहे हैं। 28 जूनियर डॉक्टर में से महज 14 बचे हैं। इस महीने के अंत तक इनमें से भी सात नौकरी छोड़ देंगे। कुछ पीजी में प्रवेश को इसकी वजह बता रहें तो कुछ रहने, खाने-पीने का ठीक इंतजाम न होने से यहां नहीं रहना चाहते हैं।
विज्ञापन
दरअसल, मेडिकल कॉलेज का भवन अभी तक नहीं बन सका है। जिला अस्पताल में ही मेडिकल कॉलेज चल रहा है। जूनियर डॉक्टर के अलावा एक सीनियर रेजिडेंट ही मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में रोगियों की बढ़ती संख्या और डॉक्टरों की कमी से सारी व्यवस्थाएं ही चौपट हैं। नए डॉक्टर भी इतने मरीजों का बोझ नहीं झेल पा रहे हैं।
विज्ञापन
जल्द मिलेंगे दो प्रोफेसर, सात एसोसिएट प्रोफसर
मेडिकल कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई के लिए 11 से 27 जुलाई तक हुए साक्षात्कार का परिणाम भी आ गया है। मेडिकल कॉलेज के लिए दो प्रोफेसर, सात एसोसिएट प्रोफेसर व 11 असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन हुआ है। जल्द ही उन्हें नियुक्ति पत्र प्राप्त हो जाएंगे। इसके बाद वे यहां आकर पदभार ग्रहण कर लेंगे।
पांच विशेषज्ञ के साथ तीन एमबीबीएस डॉक्टर भी मिले
लंबे समय से चले आ रहे रिक्त पदों को अब शासन ने भरना शुरू कर दिया है। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पिछले लंबे अर्से से डॉक्टरों की मांग कर रहे थे। वह लगातार शासन को पत्र लिख रहे थे। इसको देखते हुए शासन ने यहां पांच विशेषज्ञ समेत तीन एमबीबीएस डॉक्टरों की तैनाती दी है। इससे यहां पहुंचने वाले मरीजों को अच्छे उपचार के साथ राहत मिल सकेगी।
वर्जन:
व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। कुछ जेआर ने आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए काम छोड़ा है। हालांकि मेडिकल कॉलेज में पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर उपचार देने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही नए डॉक्टर आ जाएंगे। - डॉ. संजीव सक्सेना, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।