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Pilibhit News: मझोला-बिरहनी फोरलेन परियोजना को मिली रफ्तार, छठी किस्त जारी
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मझोला से भरा पचपेड़ा जाने वाला मार्ग। संवाद
पीलीभीत/ मंझोला। उत्तराखंड सीमा से सटे पीलीभीत के मझोला-बिरहनी (भरा पचपेड़ा) फोरलेन परियोजना को सरकार ने नई रफ्तार दे दी है। 13.94 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए शासन ने पांच करोड़ रुपये की छठी किस्त जारी कर दी है। इससे निर्माण कार्य में तेजी आने का रास्ता साफ हो गया है।
यह परियोजना न सिर्फ पीलीभीत और उत्तराखंड के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी, बल्कि भरा पचपेड़ा में विकसित हो रहे औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक हब को भी नई पहचान दिलाएगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्र में निवेश, व्यापार, परिवहन और रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024 में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी देते हुए 113.18 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। परियोजना के तहत मझोला से बिरहनी तक सड़क को चार लेन में विकसित करने के साथ उसका सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। शासन की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छठी किस्त का उपयोग केवल स्वीकृत कार्यों पर किया जाएगा( विभाग को सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक शर्तों का पालन सुनिश्चित करना होगा। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य पहले से चल रहा है और नई धनराशि मिलने से कार्य की गति और तेज होगी। संवाद
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औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
भरा पचपेड़ा क्षेत्र को प्रदेश सरकार औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित कर रही है। ऐसे में यह फोरलेन सड़क इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा साबित होगी। सड़क चौड़ी होने से भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही निर्बाध होगी, जिससे उद्योगों तक कच्चा माल समय पर पहुंचेगा और तैयार उत्पादों को देश के विभिन्न हिस्सों तक कम समय और कम लागत में भेजा जा सकेगा।
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सैकड़ों गांवों के लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना का लाभ मझोला, बिरहनी और आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों को मिलेगा। बेहतर सड़क बनने से ग्रामीणों को जिला मुख्यालय, मंडियों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में कम समय लगेगा। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी, जबकि छोटे व्यापारियों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। सड़क चौड़ी होने से दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और बढ़ते यातायात का दबाव भी आसानी से संभाला जा सकेगा।
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लॉजिस्टिक नेटवर्क होगा मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क किसी भी औद्योगिक क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। मझोला-बिरहनी फोरलेन बनने के बाद भरा पचपेड़ा औद्योगिक क्षेत्र सीधे बेहतर सड़क संपर्क से जुड़ जाएगा। इससे माल परिवहन का समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी और लॉजिस्टिक लागत कम होगी। इसका सीधा असर उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर पड़ेगा और नए निवेशकों को आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।
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औद्योगिक कॉरिडोर व उत्तराखंड को जोड़ने वाले मार्ग के निर्माण का काम पूरा होने से कनेक्टविटी काफी मजबूत होगी। इसके लिए शासन से धनराधि जारी की गई है। इस काम को बेहतर तरीके से जल्द से जल्द पूरा किया जाए इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
- ज्ञानेंद्र सिंह, डीएम
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यह परियोजना न सिर्फ पीलीभीत और उत्तराखंड के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी, बल्कि भरा पचपेड़ा में विकसित हो रहे औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक हब को भी नई पहचान दिलाएगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्र में निवेश, व्यापार, परिवहन और रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
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प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024 में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी देते हुए 113.18 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। परियोजना के तहत मझोला से बिरहनी तक सड़क को चार लेन में विकसित करने के साथ उसका सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। शासन की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छठी किस्त का उपयोग केवल स्वीकृत कार्यों पर किया जाएगा( विभाग को सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक शर्तों का पालन सुनिश्चित करना होगा। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य पहले से चल रहा है और नई धनराशि मिलने से कार्य की गति और तेज होगी। संवाद
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औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
भरा पचपेड़ा क्षेत्र को प्रदेश सरकार औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित कर रही है। ऐसे में यह फोरलेन सड़क इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा साबित होगी। सड़क चौड़ी होने से भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही निर्बाध होगी, जिससे उद्योगों तक कच्चा माल समय पर पहुंचेगा और तैयार उत्पादों को देश के विभिन्न हिस्सों तक कम समय और कम लागत में भेजा जा सकेगा।
सैकड़ों गांवों के लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना का लाभ मझोला, बिरहनी और आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों को मिलेगा। बेहतर सड़क बनने से ग्रामीणों को जिला मुख्यालय, मंडियों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में कम समय लगेगा। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी, जबकि छोटे व्यापारियों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। सड़क चौड़ी होने से दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और बढ़ते यातायात का दबाव भी आसानी से संभाला जा सकेगा।
लॉजिस्टिक नेटवर्क होगा मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क किसी भी औद्योगिक क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। मझोला-बिरहनी फोरलेन बनने के बाद भरा पचपेड़ा औद्योगिक क्षेत्र सीधे बेहतर सड़क संपर्क से जुड़ जाएगा। इससे माल परिवहन का समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी और लॉजिस्टिक लागत कम होगी। इसका सीधा असर उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर पड़ेगा और नए निवेशकों को आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।
औद्योगिक कॉरिडोर व उत्तराखंड को जोड़ने वाले मार्ग के निर्माण का काम पूरा होने से कनेक्टविटी काफी मजबूत होगी। इसके लिए शासन से धनराधि जारी की गई है। इस काम को बेहतर तरीके से जल्द से जल्द पूरा किया जाए इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
- ज्ञानेंद्र सिंह, डीएम