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Pilibhit News: महात्मा गोविंददास ने 13वें दिन समाधि को दिया विराम
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बीसलपुर। गांव बिचपुरी स्थित आश्रम के महात्मा गोविंददास ने शनिवार को 13वें दिन अपनी समाधि खत्म कर दी।
महात्मा गोविंद दास ने 10 जून से आश्रम परिसर में अंगारों के बीच अपनी समाधि शुरू की थी। वह रोजाना दोपहर 12 बजे से एक बजे तक समाधि पर बैठते थे। कुछ लोगों ने महात्मा को भीषण गर्मी में समाधि नहीं लगाने का सुझाव भी दिया, लेकिन वह अपने निर्णय पर अटल रहे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्होंने शनिवार को अपनी समाधि खत्म कर दी। उन्होंने बताया कि वह प्रत्येक वर्ष जून में लगातार 13 दिन आश्रम परिसर में अंगारों के बीच और सर्दी में जनवरी की कड़ाके की ठंड के बीच जलधारा कार्यक्रम करते हैं। इस कार्यक्रम के तहत वह रोजाना दोपहर 12 बजे से एक बजे तक ठंडे पानी से नहाते हैं।
उन्होंने कहा कि यह सिलसिला पिछले कई वर्षों से चला आ रहा है। उन्होंने बताया कि उनका एक आश्रम इसी जिले में कलीनगर के पास और दूसरा हरियाणा में पानीपत के पास है। बताया कि वह यह कार्यक्रम जनहित मेंं करते हैं। ऐसा करने से उन्हें काफी सुकून मिलता है। जब तक उनके शरीर में ताकत रहेगी, तब तक वह ऐसा करते रहेंगे।
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महात्मा गोविंद दास ने 10 जून से आश्रम परिसर में अंगारों के बीच अपनी समाधि शुरू की थी। वह रोजाना दोपहर 12 बजे से एक बजे तक समाधि पर बैठते थे। कुछ लोगों ने महात्मा को भीषण गर्मी में समाधि नहीं लगाने का सुझाव भी दिया, लेकिन वह अपने निर्णय पर अटल रहे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्होंने शनिवार को अपनी समाधि खत्म कर दी। उन्होंने बताया कि वह प्रत्येक वर्ष जून में लगातार 13 दिन आश्रम परिसर में अंगारों के बीच और सर्दी में जनवरी की कड़ाके की ठंड के बीच जलधारा कार्यक्रम करते हैं। इस कार्यक्रम के तहत वह रोजाना दोपहर 12 बजे से एक बजे तक ठंडे पानी से नहाते हैं।
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उन्होंने कहा कि यह सिलसिला पिछले कई वर्षों से चला आ रहा है। उन्होंने बताया कि उनका एक आश्रम इसी जिले में कलीनगर के पास और दूसरा हरियाणा में पानीपत के पास है। बताया कि वह यह कार्यक्रम जनहित मेंं करते हैं। ऐसा करने से उन्हें काफी सुकून मिलता है। जब तक उनके शरीर में ताकत रहेगी, तब तक वह ऐसा करते रहेंगे।
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