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Pilibhit News: एलआईयू के कांस्टेबल से लाखों की ठगी
Thu, 15 May 2025 12:27 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 15 May 2025 12:27 AM IST
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पीलीभीत। एलआईयू में तैनात कांस्टेबल से एक परिचित परिवार ने लाखों की ठगी कर ली। मामले की जानकारी लगने पर कांस्टेबल ने शहर कोतवाली में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र के गांव पारसौल निवासी नितिन मलिक वर्तमान में स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) पीलीभीत में तैनात है। वह देवहा चौकी परिसर में रहते हैं। विनायक बिहार कॉलोनी के निवासी ऋषभ चौधरी व उसके परिवार वालों से अच्छे संबंध थे। उसका भाई दिव्यांशु चौधरी उर्फ यश, मां कुसुम सिंह और पिता आजाद कुमार सिंह ने उसे बुलाया और कहा कि उनकी फर्म के खाते में 67 लाख 98 हजार 927 रुपये हैं। किसी कारणवश खाता फ्रीज हो गया है। यह बात कहकर उन्होंने उससे रुपये उधार लिए।
उसने आरोपियों की बातों में आकर अपने वेतन पर 11 अप्रैल 2023 को एसबीआई बैंक से 8.25 लाख, 17 अक्तूबर 2023 को बीओबी बैंक से 9.90 लाख रुपये लोन लेकर आरोपियों की फर्म के खाते में 13.80 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। 4.40 लाख रुपये नकद दिए गए। आरोपियों ने कहा कि फर्म का जब तक एकाउंट चालू नहीं होता है। तब तक वह किस्त अदा करते रहेंगे। फिर एकाउंट खुलते ही रुपये वापस कर देंगे।
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काफी समय बाद भी जब खाता चालू नहीं हुआ, तो उसने रुपये वापस मांगे। इसके बाद भी नहीं दिया गया। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली राजीव कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना की जा रही है।
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ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र के गांव पारसौल निवासी नितिन मलिक वर्तमान में स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) पीलीभीत में तैनात है। वह देवहा चौकी परिसर में रहते हैं। विनायक बिहार कॉलोनी के निवासी ऋषभ चौधरी व उसके परिवार वालों से अच्छे संबंध थे। उसका भाई दिव्यांशु चौधरी उर्फ यश, मां कुसुम सिंह और पिता आजाद कुमार सिंह ने उसे बुलाया और कहा कि उनकी फर्म के खाते में 67 लाख 98 हजार 927 रुपये हैं। किसी कारणवश खाता फ्रीज हो गया है। यह बात कहकर उन्होंने उससे रुपये उधार लिए।
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उसने आरोपियों की बातों में आकर अपने वेतन पर 11 अप्रैल 2023 को एसबीआई बैंक से 8.25 लाख, 17 अक्तूबर 2023 को बीओबी बैंक से 9.90 लाख रुपये लोन लेकर आरोपियों की फर्म के खाते में 13.80 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। 4.40 लाख रुपये नकद दिए गए। आरोपियों ने कहा कि फर्म का जब तक एकाउंट चालू नहीं होता है। तब तक वह किस्त अदा करते रहेंगे। फिर एकाउंट खुलते ही रुपये वापस कर देंगे।
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काफी समय बाद भी जब खाता चालू नहीं हुआ, तो उसने रुपये वापस मांगे। इसके बाद भी नहीं दिया गया। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली राजीव कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना की जा रही है।