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Pilibhit News: पत्नी की हत्या कर शव छिपाने पर दोषी को आजीवन कारावास

Sun, 01 Sep 2024 02:53 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 01 Sep 2024 02:53 AM IST
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Life imprisonment for the accused for killing his wife and hiding her body
पीलीभीत। पत्नी की हत्या कर शव छिपाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार डुंगराकोटी ने पति को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
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थाना बिलसंडा के ग्राम तुर्राह निवासी धर्मेंद्र कुमार ने थाना बिलसंडा में 11 जनवरी 2022 को तहरीर देकर कहा कि उसकी पत्नी ग्राम प्रधान है। उसके गांव का विमल कुमार एक महिला को लेकर आया था, जो उसके साथ रहती थी। नौ जनवरी 2022 को संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मृत्यु हो गई।
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उसने गांव व मोहल्ले में बिना किसी को जानकारी दिए शाम को अंधेरे में किसी अज्ञात स्थान पर महिला के शव को गाड़ दिया। किसी अनहोनी की आशंका है। ऐसी दशा में विमल कुमार की पत्नी (मृतका) के शव को गड्ढे से निकाल कर सही कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराना आवश्यक है।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विमल कुमार को गिरफ्तार कर मृतका नैना का विमल कुमार के खेत से शव बरामद कर लिया। पुलिस ने बाद विवेचना विमल कुमार के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कई गवाह पेश किए गए। वहीं आरोपी ने खुद को निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की ओर से सुनवाई करने के बाद आरोपी पर दोष सिद्ध होना मानते हुए आजीवन कारावास की सुनाई और अर्थदंड से दंडित किया।
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युवती के अपहरण की कोशिश में पांच साल सश्रम कारावास

पीलीभीत। फेसबुक पर युवती से हुई दोस्ती टूटने के बाद दिनदहाड़े शहर के बीच से युवती का अपहरण करने के इरादे से की गई खींचतान और मारपीट करने का दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने दोषी को पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 13,500 रुपये अर्थदंड लगाया है।
शहर की एक युवती और जहानाबाद थाना क्षेत्र के गौनेरीदान निवासी हरचरन लाल के पुत्र अभिषेक गंगवार की एक वर्ष पूर्व फेसबुक पर जान पहचान हुई थी। बातचीत बाद में दोस्ती में बदल गई। इस बीच युवती को अभिषेक के बदलते हुए व्यवहार और चरित्र के बारे पता चला तो उसने किनारा कर लिया।

यह बात अभिषेक को नागवार गुजरी तो उसने 13 जून 2017 को अपराह्न तीन बजे अपनी बहन के साथ थाना सुनगढ़ी के पास स्थित एक जिम के बाहर युवती को रोक लिया। अभिषेक बाइक से उसकी स्कूटी का पीछा करता हुआ वहां तक आया था। जैसे ही वह जिम के अंदर जाने को हुई तो उसका अपहरण करने के इरादे से उसे पकड़कर बाइक पर बैठाने को खींचतान करने लगा। विरोध करने पर उसकी नाक और मुंह अपने हाथ से दबा दिया। युवती किसी तरह छूट कर भागी।

यह पूरी घटना जिम के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। अगले दिन युवती की तहरीर पर पुलिस ने दोषी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मुकदमे की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने पत्रावली का अवलोकन करने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पर दोष सिद्ध होना पाते हुए 13,500 रुपये अर्थदंड सहित पांच वर्ष सश्रम कारावास से दंडित किया। संवाद
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