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Pilibhit News: मां की हत्या करने वाले बेटे को उम्रकैद
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आरोपी को पीलीभीत कोर्ट ने दोषी पाते हुए सुनाई कड़ी सजा
पीलीभीत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवीन्द्र कुमार-चतुर्थ की कोर्ट ने पैसे के विवाद में अपनी सगी मां की जान लेने वाले बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
वारदात पीलीभीत जिले के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सिसैया का है। 31 दिसंबर 2022 की सुबह करीब 9:30 बजे आरोपी महेशपाल उर्फ मथुरा का अपनी मां कैलाश कुमारी से पैसों को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि महेशपाल ने पास ही रखे गन्ना छीलने वाले बांके से अपनी मां के सिर पर वार कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार-चतुर्थ ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी महेशपाल को दोषी करार दिया। न्यायालय ने अपने फैसले में दोषी को उम्रकैद एवं दस हजार रुपये का आर्थिक दंड की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने अतिरिक्त 2 वर्ष की सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने आदेश दिया है कि जुर्माने की आधी राशि मृतका के कानूनी उत्तराधिकारी और मामले के वादी सत्यपाल को दी जाएगी।
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बुधवार को सुनाए गए इस फैसले ने एक बार फिर समाज को कड़ा संदेश दिया है कि कानून की नजर में अपराध कभी छिपता नहीं है, चाहे वह अपनों के खिलाफ ही क्यों न किया गया हो। संवाद
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पीलीभीत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवीन्द्र कुमार-चतुर्थ की कोर्ट ने पैसे के विवाद में अपनी सगी मां की जान लेने वाले बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
वारदात पीलीभीत जिले के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सिसैया का है। 31 दिसंबर 2022 की सुबह करीब 9:30 बजे आरोपी महेशपाल उर्फ मथुरा का अपनी मां कैलाश कुमारी से पैसों को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि महेशपाल ने पास ही रखे गन्ना छीलने वाले बांके से अपनी मां के सिर पर वार कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार-चतुर्थ ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी महेशपाल को दोषी करार दिया। न्यायालय ने अपने फैसले में दोषी को उम्रकैद एवं दस हजार रुपये का आर्थिक दंड की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने अतिरिक्त 2 वर्ष की सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने आदेश दिया है कि जुर्माने की आधी राशि मृतका के कानूनी उत्तराधिकारी और मामले के वादी सत्यपाल को दी जाएगी।
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बुधवार को सुनाए गए इस फैसले ने एक बार फिर समाज को कड़ा संदेश दिया है कि कानून की नजर में अपराध कभी छिपता नहीं है, चाहे वह अपनों के खिलाफ ही क्यों न किया गया हो। संवाद