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Pilibhit News: एलआईसी ने उत्तराधिकारी को तेरह साल बाद किया 30 लाख का भुगतान
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पीलीभीत। बेटी की हत्या के बाद दुर्घटना क्लेम पाने के लिए उत्तराधिकारी (नॉमिनी) मां को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। जिले से लेकर राज्य उपभोक्ता फोरम तक मामला लड़ा। अब राज्य उपभोक्ता फोरम ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की अपील निरस्त कर भुगतान का आदेश दिया। एलआईसी ने बृहस्पतिवार को उत्तराधिकारी को नौ प्रतिशत ब्याज मिलाकर 30 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
मुख्य जीवन बीमा सलाहकार रामऔतार गंगवार ने बताया कि वर्ष 2011 में बीसलपुर निवासी शिप्रा रानी का एलआईसी ने 14.95 लाख रुपये का बीमा किया था। वर्ष 2012 में शिप्रा रानी की हत्या कर दी गई। भारतीय जीवन बीमा निगम ने मृत्यु दावा के तहत शिप्रा रानी की उत्तराधिकारी मां को 15 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
मगर दुर्घटना क्लेम के करीब 15 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया। इसकी वजह शिप्रा के पिता की मृत्यु का कारण छिपाना बताया। इस पर उत्तराधिकारी ने मुख्य जीवन बीमा सलाहकार की मदद से जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। उपभोक्ता फोरम ने 27 सितंबर 2023 को एलआईसी को नौ प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया। भुगतान के बजाय एलआईसी ने राज्य उपभोक्ता फोरम में अपील कर दी।
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करीब 12 साल बाद राज्य उपभोक्ता फोरम ने अक्तूबर 2024 में एलआईसी की अपील निरस्त कर दी। अपील निरस्त होने के करीब छह माह बाद एलआईसी ने बृहस्पतिवार को शिप्रा रानी की मां को 30 लाख रुपये का चेक सौंप दिया।
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मुख्य जीवन बीमा सलाहकार रामऔतार गंगवार ने बताया कि वर्ष 2011 में बीसलपुर निवासी शिप्रा रानी का एलआईसी ने 14.95 लाख रुपये का बीमा किया था। वर्ष 2012 में शिप्रा रानी की हत्या कर दी गई। भारतीय जीवन बीमा निगम ने मृत्यु दावा के तहत शिप्रा रानी की उत्तराधिकारी मां को 15 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
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मगर दुर्घटना क्लेम के करीब 15 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया। इसकी वजह शिप्रा के पिता की मृत्यु का कारण छिपाना बताया। इस पर उत्तराधिकारी ने मुख्य जीवन बीमा सलाहकार की मदद से जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। उपभोक्ता फोरम ने 27 सितंबर 2023 को एलआईसी को नौ प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया। भुगतान के बजाय एलआईसी ने राज्य उपभोक्ता फोरम में अपील कर दी।
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करीब 12 साल बाद राज्य उपभोक्ता फोरम ने अक्तूबर 2024 में एलआईसी की अपील निरस्त कर दी। अपील निरस्त होने के करीब छह माह बाद एलआईसी ने बृहस्पतिवार को शिप्रा रानी की मां को 30 लाख रुपये का चेक सौंप दिया।