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साहब ! कुछ कीजिए.. कहीं यहां भी न बिगड़ जाएं हालात

Tue, 30 Jul 2019 02:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2019 02:48 AM IST
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Lepord
माधोटांडा (पीलीभीत)। नेपाल सीमा से सटे नौजल्हा, बूंदीभूड़, बंदरबोज समेत कई गांवों की सीमा में एक बार फिर तेंदुओं की सक्रियता बढ़ गई है। खास बात यह है कि अलग-अलग क्षेत्रों में करीब चार तेंदुओं की मौजूदगी देखी जा रही है। बावजूद इसके रोकथाम को ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। आबादी क्षेत्र में मवेशियों को निवाला बनाने की घटनाओं के चलते ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। ऐसे में समय रहते विभाग ने रोकथाम के प्रयास नहीं किए तो यहां भी हालात बिगड़ सकते हैं।
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बराही रेंज के अंतर्गत नौजल्हा जंगल क्षेत्र से निकल रहे चार तेंदुओं की पिछले आठ माह से दहशत है। दस किमी के दायरे में चहलकदमी कर रहे तेंदुए आबादी क्षेत्र में घुसकर लगातार मवेशियों को निवाला बना रहे हैं। अब तक करीब पांच दर्जन मवेशी तेंदुओं को निवाला बन चुके है। तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता के चलते ग्रामीण रात को निकलने से भी डर रहे है।
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घट रहा जंगल का दायरा
टाइगर रिजर्व में वैसे तो वन्यजीवों की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है, लेकिन जंगल क्षेत्र का दायरा कम होता जा रहा है। बराही रेंज के अंतर्गत नौजल्हा क्षेत्र के वन क्षेत्र में अतिक्रमण की भरमार है। इसे रोकने के लिए विभाग की ओर से पहले विभागीय केस भी काटे गए, लेकिन उसके बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई। नतीजतन जंगल का दायरा कम होने से वन्यजीव जंगल से बाहर मैदानी इलाके की ओर बढ़ने लगे हैं।
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पूर्व में क्षेत्र से पकड़े जा चुके हैं तीन तेंदुए
करीब तीन माह पूर्व मुख्यालय से अनुमति मिलनेे के बाद टाइगर रिजर्व के अफसरों ने तेंदुओं को पकड़ने की योजना बनाई। नौजल्हा में तैनात डिप्टी रेंजर गिरीश कुमार नाराज ग्रामीणों को विश्वास में लेकर दो माह के अंदर तीन तेंदुओं को सुरक्षित पकड़ने में सफल रहे। तेंदुओं को टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ दिया गया।

शासन से पुरस्कृत हुए डिप्टी रेंजर को हटाया
तीन तेंदुओं को सुरक्षित पकड़ने वाले डिप्टी रेंजर को लखनऊ बुलाया गया। जहां पीसीसीएफ ने पुरस्कृत किया था। इसके अलावा टाइगर रिजर्व प्रशासन के अफसरों ने भी प्रशंसा पत्र दिया, लेकिन पिछले दिनों हरीपुर रेंज में अवैध कटान का मामला उजागर होने के बाद उनका हरीपुर ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि डिप्टी रेंजर ने तैनाती के दौरान हरीपुर रेंज में हुई मुठभेड़ में दो वन अपराधियों के मारे जाने से रंजिश का हवाला देकर तबादला रद्द करने को अफसरों को पत्र भेजा। क्षेत्रीय लोगों ने भी तबादला रोकने को लेकर पत्र भेजे, लेकिन फिलहाल तबादला रद्द नहीं किया गया है। एक बार फिर उनकी जरूरत महसूस की जा रही है।

बोले ग्रामीण: तेंदुए फिर बन रहे मुसीबत
सीमावर्ती क्षेत्र में अब फिर तीन से चार तेंदुए लगातार आबादी क्षेत्र के निकट देखे जा रहे हैं। वनकर्मी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-पुनीत अरोरा, महाराजपुर

आबादी क्षेत्र में घुसकर तेंदुए लगातार मवेशियों को निवाला बन रहे है। यह समस्या लंबे समय से है। कोई वनकर्मी घटना के बाद नहीं पहुंचता है। ऐसे में रात के समय निकलना मुश्किल हो गया है।

- अरुण भंडार, नौजल्हा

सीमावर्ती क्षेत्र में तेंदुओं की निगरानी करने के लिए संबंधित क्षेत्र के वनकर्मियों को निर्देशित किया गया हैं। अगर इसमें कोई लापरवाही बरती जा रही है तो कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवीण खरे, एसडीओ, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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