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सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा होने पर लेखपाल निलंबित
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पीलीभीत/अमरिया। सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा होने के मामले में प्रथम दृष्टया लेखपाल की लापरवाही सामने आई। कब्जेदार ने लेखपाल पर जमीन कब्जा कराने के बदले सुविधा शुल्क लेने के आरोप लगाए थे। इसके बाद अमरिया की एसडीएम ने सख्ती की। एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया है। कब्जा कराने के एवज में सुविधा शुल्क वसूलने के लगे आरोपों को लेकर भी जांच के आदेश किए गए हैं।
तहसील अमरिया क्षेत्र के मुड़लिया गौसू गांव निवासी मंगली प्रसाद ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया था। 27 जुलाई को प्रशासन ने टीम भेजकर कब्जे को हटवा दिया था। इसके बाद दोबारा ग्रामीण ने उसी जमीन पर दोबारा कब्जा करके पक्का निर्माण करा लिया। शिकायत मिलने पर एसडीएम अंजली गंगवार शुक्रवार को खुद मौके पर गईं और जेसीबी मशीन से अतिक्रमण ध्वस्त कराकर जमीन को दोबारा कब्जामुक्त कराया था।
जमीन पर कब्जा हटवाते समय कब्जेदार ने स्थानीय लेखपाल को जमीन पर कब्जा करने के बदले सुविधा शुल्क देने की भी बात कही थी। इसके बाद तो एसडीएम काफी नाराज हुईं। उसके बाद से ही लेखपाल पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा था। शनिवार को एसडीएम ने लेखपाल के निलंबन की कार्रवाई कर दी।
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एसडीएम ने बताया कि एक बार अतिक्रमण हटाए जाने के बाद सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा कर लिया गया। इसकी न तो लेखपाल द्वारा समय से उन्हें कोई जानकारी दी गई, न ही लेखपाल ने अपनी ओर से कार्रवाई कराई। यह लापरवाही की श्रेणी में आता है। एसडीएम अंजली गंगवार ने बताया कि इस मामले में लेखपाल धर्मेंद्र भारती को निलंबित कर दिया गया है। अब वह कब्जेदार द्वारा लेखपाल को सरकारी जमीन पर कब्जा करने के बदले में सुविधा शुल्क लेने के आरोपों की भी जांच कराएंगी।
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तहसील अमरिया क्षेत्र के मुड़लिया गौसू गांव निवासी मंगली प्रसाद ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया था। 27 जुलाई को प्रशासन ने टीम भेजकर कब्जे को हटवा दिया था। इसके बाद दोबारा ग्रामीण ने उसी जमीन पर दोबारा कब्जा करके पक्का निर्माण करा लिया। शिकायत मिलने पर एसडीएम अंजली गंगवार शुक्रवार को खुद मौके पर गईं और जेसीबी मशीन से अतिक्रमण ध्वस्त कराकर जमीन को दोबारा कब्जामुक्त कराया था।
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जमीन पर कब्जा हटवाते समय कब्जेदार ने स्थानीय लेखपाल को जमीन पर कब्जा करने के बदले सुविधा शुल्क देने की भी बात कही थी। इसके बाद तो एसडीएम काफी नाराज हुईं। उसके बाद से ही लेखपाल पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा था। शनिवार को एसडीएम ने लेखपाल के निलंबन की कार्रवाई कर दी।
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एसडीएम ने बताया कि एक बार अतिक्रमण हटाए जाने के बाद सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा कर लिया गया। इसकी न तो लेखपाल द्वारा समय से उन्हें कोई जानकारी दी गई, न ही लेखपाल ने अपनी ओर से कार्रवाई कराई। यह लापरवाही की श्रेणी में आता है। एसडीएम अंजली गंगवार ने बताया कि इस मामले में लेखपाल धर्मेंद्र भारती को निलंबित कर दिया गया है। अब वह कब्जेदार द्वारा लेखपाल को सरकारी जमीन पर कब्जा करने के बदले में सुविधा शुल्क लेने के आरोपों की भी जांच कराएंगी।