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शेल्टर होमों में लटकाए ताले, घरों पर ही किए जा रहे क्वारंटीन

Sat, 16 May 2020 01:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2020 01:13 AM IST
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lack of facilities in shelter home
पीलीभीत/पूरनपुर। कोरोना संक्रमण के शुरुआत में बहुत तेजी से बनाए गए शेल्टर होम अब लगभग बंद हो गए हैं। खाने-पीने आदि की समस्या सामने आने के बाद बिना किसी लिखित आदेश के इन शेल्टर होम में अब दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों व अन्य को रखने के बजाय स्क्रीनिंग करके घर भेज दिया जा रहा है। शहर में केवल ड्रमंड कॉलेज में बना शेल्टर होम चालू हालत में रह गया, बाकी ज्यादातर बंद कर दिए गए हैं। पूरनपुर के चारों बंद हो गए। अब महाराष्ट्र, गुजरात जैसे राज्यों से आने वाले मजदूरों को तुरंत ही घर भेजने के कारण कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
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देश के विभिन्न राज्यों और यूपी के अन्य जिलों से आने वालों को स्क्रीनिंग के बाद 14 दिन तक शेल्टर होम में क्वारंटीन करने के लिए ये शेल्टर होम बनाए गए थे। ताकि कोई कोरोना संक्रमित हो तो वहीं तक इस वायरस का संक्रमण रहे। ऐसा ही एक केस पकड़ में भी आया था। मगर अब सभी शेल्टर होम पर ताले लटके हैं। इससे आने वाले दिनों में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ने की आशंका है। शेल्टर होम में 14 दिन तक रहने पर कोरोना के लक्षण उभर आने की पक्की संभावना रहती थी। मगर अब घर पहुंचने के बाद यदि कोई संक्रमित व्यक्ति परिजन व पड़ोसियों से मिला जुला तो उनमें भी संक्रमण फैलने का डर रहेगा।
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पूरनपुर कस्बे में चार शेल्टर होम गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, लक्ष्य डिग्री कॉलेज, लकी स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में बनाए गए थे। शुरू में बाहर से आने वालों को इन शेल्टर होमों में रखा जाता था। इसका मकसद यह था कि अगर बाहर से आने वाला कोरोना संक्रमित है तो उसका संक्रमण गांव के दूसरे लोगों में न फैल सके। इनमें बाहर से आने वालों को खाना देेने का भी प्रावधान था। मगर, 10 दिन पहले सभी शेल्टर होम बंद कर दिए गए। अब इनमें ताले लटक रहे हैं। कोरोना का सर्वाधिक कहर महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली और गुजरात में है। अब इन्हीं प्रदेशों से बड़ी संख्या में श्रमिक आ रहे हैं। ये सब सीधे होम क्वारंटीन किए जा रहे हैं। अपने गांव या मोहल्ले में जाकर इनमें से अधिकतर लोग होम क्वारंटीन नियमों का पालन नहीं करते। कुछ दिन में वे घूमने निकल पड़ते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में कोरोना संक्रमित केस बढ़ने का पूरा खतरा है।
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महाराष्ट्र से ट्रक और कैंटर से पहुंचे 19 लोग
पूरनपुर। महाराष्ट्र से शुक्रवार को भी गांव लोधीपुर, धरमंगदपुर में 19 लोग कैंटर से पहुंचे। इन लोगों ने सीएचसी पहुंचकर जांच करवाई। जांच के बाद सभी को 21 दिन के लिए होम क्वारंटीन कर दिया गया। बाहर से आने वालों ने बताया कि वाहन न मिलने पर महाराष्ट्र से वे ट्रक से लखनऊ आए। वहां किराए पर कैंटर करके पूरनपुर पहुंचे हैं।
महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात से आने वालों की जिला मुख्यालय पर स्क्रीनिंग की जा रही है। पहले इन्हें शेल्टर होम में रखने के आदेश थे। मगर, अब होम क्वारंटीन करने के आदेश हैं। -राजेंद्र प्रसाद, एसडीएम, पूरनपुर
बाहर से आने वालों को पहले शेल्टर होम में रखने के आदेश थे। अब होम क्वारंटीन करने के आदेश हैं। कोरोना के लक्षण मिलने पर उसकी सैंपलिंग करवाई जाती है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर आइसोलेशन में रखा जाता है। -डॉ. सीपी सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पूरनपुर सीएचसी

देश के अन्य प्रांतों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों की स्क्रीनिंग कराने के बाद रैंडम सैंपलिंग कराई जा रही है। इसके बाद उन्हें होम क्वारंटीन किया जाता है। यदि किसी प्रवासी श्रमिक में कोई लक्षण दिखते हैं तो उसे शेल्टर होम में क्वारंटीन किया जाता है। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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