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Pilibhit News: कोच की कमी से ठहर गया खेल प्रतिभाओं का सफर
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गांधी स्टेडियम में बिना कोच के बास्केट वाल खेलते खिलाड़ी। संवाद
पीलीभीत। गांधी स्टेडियम में प्रमुख खेलों के कोच नहीं होने से खिलाड़ियों को लंबे समय से प्रशिक्षण नहीं मिल रहा है। मौजूदा समय में इन खेलों में भले ही रुचि लेने वाले खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है। वे नियमित आते हैं, लेकिन खेलो को लेकर जानकारी के अभाव में साधारण अभ्यास करके लौट जाते हैं। वहीं, इन खेलों को लेकर जिला सहित प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी इनकी भागीदारी नहीं हो पाती है।
वर्तमान में गांधी स्टेडियम में 11 खेलों का संचालन हो रहा है। इनमें क्रिकेट में 40 खिलाड़ी, हॉकी में 50, एथलेटिक्स में 35, बास्केट बॉल में 35, बैडमिंटन में 30, फुटबॉल में 45, वॉलीबॉल में 25, वेट लिफ्टिंग में 30, तैराकी में 45 व टेबल टेनिस में 15, कबड्डी में 15 खिलाड़ियों को पंजीकरण है। सभी खिलाड़ी नियमित अभ्यास के लिए आते हैं, लेकिन इन खेलों में बैडमिंटन, कबड्डी, टेबिल टेनिस, बॉलीवाल, बास्केटवाल आदि खेल में प्रशिक्षक नहीं हैं। इसके चलते इन प्रमुख खेलों में नियमित आने वाले खिलाड़ियों को तकनीकी अभ्यास नही मिल पाता है। इसके चलते जिला, मंडलीय, प्रदेश सहित अन्य प्रतियोगिताओं में यह खिलाड़ी भाग भी नहीं ले पाते हैं।
जिला क्रीड़ाधिकारी जयवीर सिंह का कहना है कि उनकी ओर से समस्त खेलो के कोच को लेकर प्रस्ताव निदेशालय भेजे जा चुके हैं। संवाद
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वर्तमान में गांधी स्टेडियम में 11 खेलों का संचालन हो रहा है। इनमें क्रिकेट में 40 खिलाड़ी, हॉकी में 50, एथलेटिक्स में 35, बास्केट बॉल में 35, बैडमिंटन में 30, फुटबॉल में 45, वॉलीबॉल में 25, वेट लिफ्टिंग में 30, तैराकी में 45 व टेबल टेनिस में 15, कबड्डी में 15 खिलाड़ियों को पंजीकरण है। सभी खिलाड़ी नियमित अभ्यास के लिए आते हैं, लेकिन इन खेलों में बैडमिंटन, कबड्डी, टेबिल टेनिस, बॉलीवाल, बास्केटवाल आदि खेल में प्रशिक्षक नहीं हैं। इसके चलते इन प्रमुख खेलों में नियमित आने वाले खिलाड़ियों को तकनीकी अभ्यास नही मिल पाता है। इसके चलते जिला, मंडलीय, प्रदेश सहित अन्य प्रतियोगिताओं में यह खिलाड़ी भाग भी नहीं ले पाते हैं।
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जिला क्रीड़ाधिकारी जयवीर सिंह का कहना है कि उनकी ओर से समस्त खेलो के कोच को लेकर प्रस्ताव निदेशालय भेजे जा चुके हैं। संवाद