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साहब ! नए सत्र की तैयारी...पिछला 225 करोड़ का भुगतान कब होगा

Thu, 16 Sep 2021 01:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 01:36 AM IST
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kisan
जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। गन्ना किसान को 14 दिनों में भुगतान का दावा झूठा साबित हो रहा है। मिलों को बंद हुए करीब तीन माह बीत चुके हैं। मगर तीन मिलों पर अभी तक 225.53 करोड़ भुगतान बकाया है जबकि अधिकारी जल्दी भुगतान कराने का लगातार दावा कर रहे हैं। जनपद में 13,453 किसान ऐसे भी हैं, जिनको अभी तक भुगतान के नाम पर एक धेला भी नहीं मिला है। फसल को बेचकर भविष्य संवारने के सपने भी किसानों के पूरे नहीं हो रहे है। जबकि गन्ना पेराई का नया सत्र अगले महीने शुरू होने वाला है।
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जनपद में कुल एक लाख 73 हजार 502 गन्ना किसान हैं। इन किसानों का गन्ना खरीदने के लिए चार मिलें है। शहर स्थित एलएच शुगर मिल, बरखेड़ा स्थित बजाज हिंदुस्तान लि. बीसलपुर स्थित सहकारी चीनी मिल, पूरनपुर स्थित सहकारी चीनी मिल। चालू पेराई सत्र में शहर की एलएच चीनी मिल ने 99766 किसानों का गन्ना खरीदा था। इसका भुगतान 677001.65 लाख था। मिल ने अगस्त तक पूरा भुगतान गन्ना किसानों के खातों में भेज दिया। सौ फीसदी भुगतान करने वाली पहली मिल है। जबकि बरखेड़ा स्थित बजाज हिंदुस्तान मिल ने 38828 किसानों का गन्ना खरीदा था। जिसका भुगतान 29592.02 लाख है। इसमें मिल ने अभी तक 15781.81 लाख किसानों के खातों में भेज दिया है जबकि 13810.21 करोड़ किसानों को भुगतान बकाया है। बीसलपुर सहकारी मिल ने 21324 किसानों को गन्ना खरीदा था। जिसका भुगतान 10623.47 लाख के सापेक्ष 3767.91 लाख किसानों के खाते में भेजा गया है। पूरनपुर सहकारी मिल ने 13453 किसानों को गन्ना खरीदा। इसका भुगतान 7696.75 लाख था। इसके सापेक्ष इस मिल ने 3033.67 लाख किसानों के खातों में भुगतान भेजा है।
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किस मिल पर कितने किसानों का है बकाया
मिल - कुल किसान - भुगतान - अभी तक नहीं
एलएच 99766 - 99766 - 00
बजाज 38828 - 29995 - 8833
बीसलपुर 21324 - 18779 - 2545
पुरनपुर 13584 - 11509 - 2075
000
किसने कितना किया भुगतान
मिल - भुगतान - शेष - प्रतिशत
एलएच 67701.65 - 00 - 100
बजाज 15781.81 - 13810.21 - 46.67
बीसलपुर 3767.91 - 6855.56 - 64.53
पूरनपुर 3033.67 - 4663.08 - 58.07
--------------------------------------
कुल 93030.5 -22583.39 लाख में
किसान बोले: सरकार भी वादा पर नहीं उतरी खरी
सरकार ने गन्ना किसानों को 14 दिनों में भुगतान कराने का वादा किया था। मगर सरकार भी अपने वादा पर खरी नहीं उतरी। किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। करीब सात करोड़ भुगतान बकाया है। मकान का निर्माण भी रुका हुआ है। कोई व्यवसाय भी नहीं कर पा रहे है। भुगतान मिल जाता तो, सहूलियत हो जाती। दीपक पांडेय, किसान बरखेड़ा
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गन्ने का बकाया भुगतान नहीं होने से काफी दिक्कत होती है। हायर एजूकेशन में बच्चों को एडमिशन, शादी ब्याह के लिए किसानों को काफी दिक्कत हो रही है। मेरा अभी 50 फीसदी भुगतान रुका हुआ है। भुगतान रुकने से नई फसल की पैदावार में भी दिक्कत आती है। दोबारा नई फसल करने में का मन भी नहीं होता। - कमलेश शर्मा, किसान बरखेड़ा
ढाई लाख से ज्यादा मिल पर गन्ने का भुगतान बकाया है। शासन का 14 दिनों में वादा भी छूटा साबित हो रहा है। मिलों के साथ सरकार भी अपने वादे से झूठा साबित हो रही है। कोरोना के कारण किसान पहले ही परेशान हैं। भुगतान नहीं मिलने से जमीन का बैनामा नहीं करा पा रहे। बजाज मिल को छोड़कर बाकी मिले लगातार भुगतान कर रहीं है। - अजय कुमार, किसान, बहादुरपुर हुक्मी
करीब दो लाख से ज्यादा बकाया है। 24 नवंबर को चार बीघा खेत का बैनामा कराया था। ब्याज पर पैसा लिया था। जिसका ब्याज हर माह देना पड़ता है। खुद का पैसा होने के बाद भी ब्याज भी देना पड़ रहा है। बेटी की शादी के लिए रिश्ता भी नहीं खोज रहे है। बच्चों का एडमिशन के लिए पत्नी का जेवर गिरवी डालकर कराया। लाखन सिंह वर्मा, जादौपुर पट्टी

एक मिल ने भुगतान शत-प्रतिशत कर दिया है। बाकी मिलों को भी तत्काल भुगतान तेजी के साथ करने के निर्देश दिए गए है। इसी माह में भुगतान तेजी से कराया जाएगा। जल्द ही मिलों को पूरा भुगतान करने को लेकर कहा जा रहा है।- जितेंद्र मिश्रा, जिला गन्ना अधिकारी
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