{"_id":"615b5b438ebc3e0ec11fb421","slug":"khiri-kisan-hadsa-pilibhit-news-bly461860791","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखीमपुर कांड का पीलीभीत में व्यापक विरोध हंगामा और प्रदर्शन के साथ हुई नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखीमपुर कांड का पीलीभीत में व्यापक विरोध हंगामा और प्रदर्शन के साथ हुई नारेबाजी
विज्ञापन
कचहरी तिराहे के पास रोकने जाने पर धरना के दौरान एएसपी से होती नोकझोंक। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। तिकुनिया की घटना को लेकर रविवार को जिले में शुरू हुए धरना प्रदर्शन सोमवार को भी कई स्थानों पर जारी रहे। संयुक्त किसान मोर्चा ने घेराव का एलान किया था। इसलिए सोमवार सुबह से ही कलक्ट्रेट को छावनी में तब्दील कर दिया। हालांकि किसान संगठन नहीं पहुंचे पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को घटनास्थल पर जाने से रोके जाने से गुस्साएं सपाइयों ने नकटादाना चौराहे से कलक्ट्रेट की जुलूस निकाला। कई बार सपाइयों की पुलिस से भी झड़प हुई। कलक्ट्रेट पहुंचने के बाद एडीएम को ज्ञापन दिया तब उग्र सपाई शांत हुए।
लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जिले में किसान सड़कों पर उतर आए। रविवार देर रात तक किसान हाईवे पर जमे रहे। सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से सभी जनपदों में डीएम कार्यालय घेराव का ऐलान किया गया था। इसी को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में सुबह से ही भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दिया गया था। हालांकि इसी दौरान घटनास्थल की ओर जाने के लिए लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को रोक दिया गया। इसकी जानकारी मिलते ही जिले में सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। इसके बाद सुबह बड़ी संख्या में सपाई नकटादाना स्थित कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट की ओर निकल पड़े। सिविल लाइंस चौकी के पास पुलिस ने रोकने की कोशिश की, मगर पुलिस प्रशासन सफल नहीं हो सका। इसके बाद कचहरी तिराहे पर बैरीकेडिंग की गई। तिराहे पर रोके जाने से गुस्साएं पदाधिकारी सड़क पर ही धरना देने लगे। सूचना मिलने पर पहुंचे एएसपी पवित्र मोहन ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की, मगर वे नहीं माने। इस दौरान एएसपी और सपा पदाधिकारियों में जमकर नोकझोंक हुई। एएसपी के वापस जाते ही सपा पदाधिकारियों बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ डीएम कार्यालय की ओर बढ़ गए। विकास भवन गेट के पास आधे घंटा तक सपाई डटे रहे। बाद में पुलिस ने खुद ही बैरीकेडिंग को हटा दिया और तिकुनिया पार्क के पास एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्रा को पांच सूत्री ज्ञापन सौंप दिया। ज्ञापन में घटना में मारे गए किसानों की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, घायलों की उच्च स्तरीय इलाज समेत पांच मांगे शामिल रहीं।
टनकपुर हाईवे पर जुलूस के दौरान लगा जाम
सपाइयों के जुलूस के दौरान सिविल लाइंस पुलिस चौकी के पास लंबा जाम लग गया। इससे राहगीरों को खासी दिक्कत उठानी पड़ी। करीब एक घंटा तक टनकपुर हाईवे जाम की गिरफ्त में रहा। इससे कचहरी जाने वाले वादकारियों को खासी दिक्कत उठानी पड़ी।
विज्ञापन
सभी सड़कों को बंद कर तैनात किया गया था फोर्स
कलक्ट्रेट के घेराव की सूचना पर पुलिस पहले ही अलर्ट हो गई थी। आफीसर्स कॉलोनी रोड के टनकपुर मोड़ के पास बंद कर दिया गया। इसके अलावा कचहरी तिराहे को पूरी तरह से बेरीकेडिंग लगाकर बंद किया गया। विकास भवन गेट के पास डीएम कार्यालय के मुख्य गेट को पूरी तरह बंद करने के बाद बड़ी संख्या मे फोर्स को तैनात किया गया था।
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जिले में किसान सड़कों पर उतर आए। रविवार देर रात तक किसान हाईवे पर जमे रहे। सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से सभी जनपदों में डीएम कार्यालय घेराव का ऐलान किया गया था। इसी को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में सुबह से ही भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दिया गया था। हालांकि इसी दौरान घटनास्थल की ओर जाने के लिए लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को रोक दिया गया। इसकी जानकारी मिलते ही जिले में सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। इसके बाद सुबह बड़ी संख्या में सपाई नकटादाना स्थित कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट की ओर निकल पड़े। सिविल लाइंस चौकी के पास पुलिस ने रोकने की कोशिश की, मगर पुलिस प्रशासन सफल नहीं हो सका। इसके बाद कचहरी तिराहे पर बैरीकेडिंग की गई। तिराहे पर रोके जाने से गुस्साएं पदाधिकारी सड़क पर ही धरना देने लगे। सूचना मिलने पर पहुंचे एएसपी पवित्र मोहन ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की, मगर वे नहीं माने। इस दौरान एएसपी और सपा पदाधिकारियों में जमकर नोकझोंक हुई। एएसपी के वापस जाते ही सपा पदाधिकारियों बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ डीएम कार्यालय की ओर बढ़ गए। विकास भवन गेट के पास आधे घंटा तक सपाई डटे रहे। बाद में पुलिस ने खुद ही बैरीकेडिंग को हटा दिया और तिकुनिया पार्क के पास एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्रा को पांच सूत्री ज्ञापन सौंप दिया। ज्ञापन में घटना में मारे गए किसानों की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, घायलों की उच्च स्तरीय इलाज समेत पांच मांगे शामिल रहीं।
विज्ञापन
टनकपुर हाईवे पर जुलूस के दौरान लगा जाम
सपाइयों के जुलूस के दौरान सिविल लाइंस पुलिस चौकी के पास लंबा जाम लग गया। इससे राहगीरों को खासी दिक्कत उठानी पड़ी। करीब एक घंटा तक टनकपुर हाईवे जाम की गिरफ्त में रहा। इससे कचहरी जाने वाले वादकारियों को खासी दिक्कत उठानी पड़ी।
विज्ञापन
सभी सड़कों को बंद कर तैनात किया गया था फोर्स
कलक्ट्रेट के घेराव की सूचना पर पुलिस पहले ही अलर्ट हो गई थी। आफीसर्स कॉलोनी रोड के टनकपुर मोड़ के पास बंद कर दिया गया। इसके अलावा कचहरी तिराहे को पूरी तरह से बेरीकेडिंग लगाकर बंद किया गया। विकास भवन गेट के पास डीएम कार्यालय के मुख्य गेट को पूरी तरह बंद करने के बाद बड़ी संख्या मे फोर्स को तैनात किया गया था।