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Pilibhit News: जंगल के बीच बसे चलतुआ गांव में नहीं हो सका संयुक्त सर्वे

Fri, 13 Dec 2024 12:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2024 12:21 AM IST
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Joint survey could not be done in Chaltua village situated in the middle of the forest
पूरनपुर। राजस्व विभाग की टीम के न पहुंचने से जंगल में बसे गांव चलतुआ की जमीन की पैमाइश नहीं हो सकी। वन विभाग की टीम घंटों इंतजार के बाद लौट गई। अब बुधवार को वन और राजस्व विभाग की टीम संयुक्त सर्वेे को पहुंचेगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद रहेगी। ताकि वन्य जीव के हमलों के बाद तुरंत पीड़ित को इलाज मिल सके।
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थाना सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र का चलतुआ गांव जंंगल के बीच में किशनपुर सेंचुरी क्षेत्र में बसा है। गांव में पहुंचने के लिए चार किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ती है। गांव में जाने के लिए पगडंडी से जाना पड़ता है। गांव में प्राइमरी स्कूल है। इसके अलावा मूलभूत सुविधाओं में बिजली, सड़कें, मोबाइल नेटवर्क आदि कुछ भी नहीं है।
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चारों ओर जंगल से घिरे गांव में अक्सर जंगली जानवरों का भय बना रहता है। ढ़ाई साल पहले खेत की रखवाली कर रहे बुजुर्ग को हाथी ने पटककर मार डाला था। करीब पांच साल पहले मानव-वन्य जीव संघर्ष में लोगों ने बाघ को लाठियों से पीटकर मौत के घाट उतार दिया। ऐसे में करीब छह महीने पहले गांव पहुंचे डीएम संजय सिंह को लोगों ने समस्याएं बताईं।
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डीएम ने ग्रामीणों की समस्याओं से शासन को अवगत कराया। डीएम ने ग्रामीणों की मंशा जानने के लिए तीन सदस्यीय टीम भी गठित की। टीम में एसडीएम पूरनपुर, एसडीओ वन, रेंजर चलतुआ को शामिल किया गया।
टीम को गांव मेंं बैठक कर लोगों की राय जाननी थी। इसमें गांव छोड़ने वालों को 15 लाख रुपये या दो हेक्टेयर जमीन देने का निर्णय लिया गया। मूलभूत सुविधाएं न होने को लेकर गांव के लोग दशकों से गांव में नहीं रहना चाहते।
गांव राजस्व या वन विभाग की जमीन पर बसा है। ऐसे में राजस्व और वन विभाग की संयुक्त सर्वे टीम बनाई गई। संयुक्त सर्वे के लिए बुधवार का दिन तय किया गया। वन विभाग की टीम सर्वे के लिए गांव पहुंची, लेकिन राजस्व विभाग की टीम के न पहुंचने से घंटों इंतजार के बाद लौट गई।

एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि टीम सदस्यों में भ्रम की स्थिति रही। उन्होंने बताया कि अब अगले बुधवार को राजस्व और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी।
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