{"_id":"6887b839d9ee27ddf40e2f78","slug":"joint-struggle-steering-committee-staged-a-sit-in-protest-pilibhit-news-c-121-1-pbt1005-140632-2025-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: संयुक्त संघर्ष संचालन समिति ने किया धरना प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: संयुक्त संघर्ष संचालन समिति ने किया धरना प्रदर्शन
Mon, 28 Jul 2025 11:19 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 28 Jul 2025 11:19 PM IST
विज्ञापन
पीलीभीत। संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के कर्मचारियों ने विभिन्न मांगे रखते हुए सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की संख्या 50 से कम होने पर उनको बंद किया गया है। जब खोलते समय मानक नहीं थे तो बंद करने पर मानक का क्या प्रावधान है। साथ ही ओल्ड पेंशन स्कीम व समाप्त किए गए भत्तों की बहाली करने की मांग की गई है। वर्षों से संविदा, मानदेय सहित वेतन व आउटसोर्सिंग आदि के रूप में कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण करने की मांग की है।
इसके अलावा शिक्षा अनुदेशकों को 12 माह तक समान कार्य के लिए समान वेतन देने और राज्य में निजीकरण, संविदा, आउटसोर्सिंग प्रथा को बंद करने आदि की मांग की गई है। ज्ञापन में माध्यम से कुछ अन्य मांगे भी रखी गई हैं। इस मौके पर मौजूद संप्रेक्षक नागेंद्र भूषण पांडेय, संयुक्त मंत्री अजीत प्रताप सिंह यादव, आरके वर्मा सहित अन्य कर्मचारियों ने मांगों के जल्द निस्तारण की मांग की है।
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी दिया ज्ञापन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला संयोजक संजय प्रकाश सक्सेना ने वरिष्ठ उपाध्यक्ष को ज्ञापन भेजा है। इसमें बताया कि 20 दिसंबर को नई कार्यकारिणी के गठन के लिए द्विवार्षिक अधिवेशन संपन्न होगा। राज्य कर्मचारियों की विभिन्न समस्याएं आ रही है, उनका निस्तारण जरूरी है।
विज्ञापन
ज्ञापन में कहा गया है कि परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की संख्या 50 से कम होने पर उनको बंद किया गया है। जब खोलते समय मानक नहीं थे तो बंद करने पर मानक का क्या प्रावधान है। साथ ही ओल्ड पेंशन स्कीम व समाप्त किए गए भत्तों की बहाली करने की मांग की गई है। वर्षों से संविदा, मानदेय सहित वेतन व आउटसोर्सिंग आदि के रूप में कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण करने की मांग की है।
विज्ञापन
इसके अलावा शिक्षा अनुदेशकों को 12 माह तक समान कार्य के लिए समान वेतन देने और राज्य में निजीकरण, संविदा, आउटसोर्सिंग प्रथा को बंद करने आदि की मांग की गई है। ज्ञापन में माध्यम से कुछ अन्य मांगे भी रखी गई हैं। इस मौके पर मौजूद संप्रेक्षक नागेंद्र भूषण पांडेय, संयुक्त मंत्री अजीत प्रताप सिंह यादव, आरके वर्मा सहित अन्य कर्मचारियों ने मांगों के जल्द निस्तारण की मांग की है।
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी दिया ज्ञापन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला संयोजक संजय प्रकाश सक्सेना ने वरिष्ठ उपाध्यक्ष को ज्ञापन भेजा है। इसमें बताया कि 20 दिसंबर को नई कार्यकारिणी के गठन के लिए द्विवार्षिक अधिवेशन संपन्न होगा। राज्य कर्मचारियों की विभिन्न समस्याएं आ रही है, उनका निस्तारण जरूरी है।