{"_id":"66258dfff828294b1607f724","slug":"injured-tiger-caught-after-two-and-a-half-hours-of-effort-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-115129-2024-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: ढाई घंटे की मशक्कत के बाद चोटिल बाघ पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: ढाई घंटे की मशक्कत के बाद चोटिल बाघ पकड़ा
विज्ञापन
बाघ को रेस्क्यू करने के बाद मौजूद वन विभाग की टीम। स्रोत - विभाग
कलीनगर (पीलीभीत)। लंबे समय से वन विभाग की पकड़ से दूर लंगड़ाकर चलने वाला बाघ रविवार को ढाई घंटे की मशक्कत के बाद बेहोश कर पकड़ लिया गया। बाघ को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज के जंगल में छह माह पूर्व एक बाघ का लंगड़ाकर चलने का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो का संज्ञान लेकर वन विभाग के अफसरों ने टीम को निगरानी के लिए लगाया था। उस समय चिकित्सकों ने बाघ की स्थिति सामान्य बताई थी। इधर, करीब दस दिन पूर्व लंगड़ाकर चलने वाले बाघ की दोबारा वीडियो वायरल हुई। जिसमें पैर की स्थिति ज्यादा खराब नजर आ रही थी।
डीएफओ मनीष सिंह ने मामले को गंभीरता से लेकर चार टीमों को निगरानी के लिए लगाया। कैमरों की मदद से भी निगरानी कराई गई। बाघ को पकड़ने की अनुमति मिलने के बाद टीम उसे पकड़ने की कोशिश में लग गई। रविवार सुबह बाघ बख्शी के तालाब क्षेत्र से जंगल से बाहर मल्लपुर गांव की सीमा में पहुंचा।
विज्ञापन
जानकारी के बाद वन विभाग की टीमें निगरानी में जुट गईं। डीएफओ मनीष सिंह ने मौके पर पहुंचकर बाघ की स्थिति को परखा। 12 बजे लंगड़ाकर चलने वाले बाघ की पुष्टि हुई। तीन बजे पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार मौके पर पहुंचे। करीब ढाई घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद बाघ को बेहोश कर पकड़ लिया गया। पिंजरे में कैदकर बाघ को वाहन से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। यहां डीएफओ, बायोलाजिस्ट लवप्रीत सिंह के अलावा डब्ल्यूटीआई की टीम नजर बनाए हुए है।
000
नौ साल उम्र, सड़ गया पैर
पकड़ा गया बाघ नर है। जिसकी उम्र करीब नौ साल बताई जा रही है। आगे का एक पैर सड़ गया है। पैर में समस्या कैसे और क्यों हुई। इसको लेकर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज के जंगल में छह माह पूर्व एक बाघ का लंगड़ाकर चलने का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो का संज्ञान लेकर वन विभाग के अफसरों ने टीम को निगरानी के लिए लगाया था। उस समय चिकित्सकों ने बाघ की स्थिति सामान्य बताई थी। इधर, करीब दस दिन पूर्व लंगड़ाकर चलने वाले बाघ की दोबारा वीडियो वायरल हुई। जिसमें पैर की स्थिति ज्यादा खराब नजर आ रही थी।
विज्ञापन
डीएफओ मनीष सिंह ने मामले को गंभीरता से लेकर चार टीमों को निगरानी के लिए लगाया। कैमरों की मदद से भी निगरानी कराई गई। बाघ को पकड़ने की अनुमति मिलने के बाद टीम उसे पकड़ने की कोशिश में लग गई। रविवार सुबह बाघ बख्शी के तालाब क्षेत्र से जंगल से बाहर मल्लपुर गांव की सीमा में पहुंचा।
विज्ञापन
जानकारी के बाद वन विभाग की टीमें निगरानी में जुट गईं। डीएफओ मनीष सिंह ने मौके पर पहुंचकर बाघ की स्थिति को परखा। 12 बजे लंगड़ाकर चलने वाले बाघ की पुष्टि हुई। तीन बजे पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार मौके पर पहुंचे। करीब ढाई घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद बाघ को बेहोश कर पकड़ लिया गया। पिंजरे में कैदकर बाघ को वाहन से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। यहां डीएफओ, बायोलाजिस्ट लवप्रीत सिंह के अलावा डब्ल्यूटीआई की टीम नजर बनाए हुए है।
000
नौ साल उम्र, सड़ गया पैर
पकड़ा गया बाघ नर है। जिसकी उम्र करीब नौ साल बताई जा रही है। आगे का एक पैर सड़ गया है। पैर में समस्या कैसे और क्यों हुई। इसको लेकर जांच की जा रही है।

बाघ को रेस्क्यू करने के बाद मौजूद वन विभाग की टीम। स्रोत - विभाग