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Pilibhit News: कार्यशाला में दी आधुनिक शिक्षा पद्धति, शोध और बौद्धिक संपदा की जानकारी
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उपाधि महाविद्यालय में हुई कार्यशाला में मौजूद विद्यार्थी। स्रोत : प्राध्यापक
शहर के उपाधि महाविद्यालय में दो ऑनलाइन कार्यशालाओं का हुआ आयोजन, विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं काे शांत किया
पीलीभीत। शहर के उपाधि महाविद्यालय में शुक्रवार को दो ऑनलाइन कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। विषय विशेषज्ञों ने आधुनिक शिक्षा पद्धति, शोध और बौद्धिक संपदा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं काे शांत किया गया।
पहले सत्र में राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से सामाजिक विज्ञान में प्रोजेक्ट एवं रिसर्च सर्वे का महत्व विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला हुई। संयोजक प्रोफेसर विपिन कुमार नीरज ने कार्यशाला की उपयोगिता के बारे में बताया। प्रोफेसर महेंद्र प्रकाश (प्राचार्य, राजकीय महिला महाविद्यालय, अहरौला, आजमगढ़) ने कहा कि सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि सटीक प्रोजेक्ट और डेटा आधारित रिसर्च सर्वे के माध्यम से ही समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान संभव है।
दूसरे सत्र में संस्थागत नवाचार परिषद एवं अर्थशास्त्र विभाग की ओर से बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर चर्चा की गई। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अनुपम कुमार के कार्यशाला के विषय के बारे में बताया। मुख्य वक्ता डॉ. सूरज शर्मा, सहायक प्रोफेसर अर्थशास्त्र विभाग, एसएम कॉलेज, चंदौसी ने नवाचार और मौलिक विचारों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में प्राध्यापकों और शोधार्थियों को अपने बौद्धिक कार्यों के कॉपीराइट और पेटेंट के प्रति जागरूक होना अनिवार्य है। प्राचार्य प्रोफेसर दुष्यंत कुमार ने इन कार्यशालाओं को प्राध्यापकों के अकादमिक उन्नयन के लिए मील का पत्थर बताया।
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कार्यशाला में महाविद्यालय के प्रो. सतेंद्र नारायण, प्रो. मदन कुमार वर्मा, डॉ. दिवाकर सिंह, डॉ. राखी मिश्र, डॉ. जितेंद्र नाथ मिश्रा आदि मौजूद रहे। संवाद
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पीलीभीत। शहर के उपाधि महाविद्यालय में शुक्रवार को दो ऑनलाइन कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। विषय विशेषज्ञों ने आधुनिक शिक्षा पद्धति, शोध और बौद्धिक संपदा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं काे शांत किया गया।
पहले सत्र में राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से सामाजिक विज्ञान में प्रोजेक्ट एवं रिसर्च सर्वे का महत्व विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला हुई। संयोजक प्रोफेसर विपिन कुमार नीरज ने कार्यशाला की उपयोगिता के बारे में बताया। प्रोफेसर महेंद्र प्रकाश (प्राचार्य, राजकीय महिला महाविद्यालय, अहरौला, आजमगढ़) ने कहा कि सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि सटीक प्रोजेक्ट और डेटा आधारित रिसर्च सर्वे के माध्यम से ही समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान संभव है।
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दूसरे सत्र में संस्थागत नवाचार परिषद एवं अर्थशास्त्र विभाग की ओर से बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर चर्चा की गई। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अनुपम कुमार के कार्यशाला के विषय के बारे में बताया। मुख्य वक्ता डॉ. सूरज शर्मा, सहायक प्रोफेसर अर्थशास्त्र विभाग, एसएम कॉलेज, चंदौसी ने नवाचार और मौलिक विचारों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में प्राध्यापकों और शोधार्थियों को अपने बौद्धिक कार्यों के कॉपीराइट और पेटेंट के प्रति जागरूक होना अनिवार्य है। प्राचार्य प्रोफेसर दुष्यंत कुमार ने इन कार्यशालाओं को प्राध्यापकों के अकादमिक उन्नयन के लिए मील का पत्थर बताया।
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कार्यशाला में महाविद्यालय के प्रो. सतेंद्र नारायण, प्रो. मदन कुमार वर्मा, डॉ. दिवाकर सिंह, डॉ. राखी मिश्र, डॉ. जितेंद्र नाथ मिश्रा आदि मौजूद रहे। संवाद