{"_id":"5755af5c4f1c1b191d9c5502","slug":"in-the-absence-of-operation-of-accounts-52-anm-s-salary-withheld","type":"story","status":"publish","title_hn":"खातों का संचालन न होने से 52 एएनएम का वेतन रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खातों का संचालन न होने से 52 एएनएम का वेतन रोका
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Mon, 06 Jun 2016 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति के खातों का संचालन न होने से सीएमओ ने क्षेत्र की 52 एएनएम के वेतन पर रोक लगा दी है। खातों की रकम योजना में खर्च होने पर वेतन पर लगाई गई रोक हटाने की चेतावनी दी गई है। खातों की धनराशि का सद्पयोग न होने पर प्रधानों में रोष है।
गांवों में साफ-सफाई और संक्रामक रोग की रोकथाम के लिए दवा छिड़काव आदि के लिए प्रत्येक गांव की ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति को हर साल दस हजार रुपये मिलते हैं। उक्त धनराशि प्रधान और एएनएम के संयुक्त खाते में पहुंचती है। कई गांवों में ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति की धनराशि खर्च नहीं की गई। इसकी शिकायत कई प्रधान अफसरों से कर चुके है। जटपुरा की प्रधान मंजू देवी ने कुछ दिन पहले ही एमओआईसी से मिलकर खाते की धनराशि खर्च न करने का आरोप लगाया। सीएचसी के एमओआईसी डॉ. मोहम्मद असलम ने बताया कि खातों की धनराशि खर्च न होने के मामले में सीएमओ ने तहसील क्षेत्र की 52 एएनएम के वेतन पर रोक लगा दी। अब उक्त धनराशि खर्च होने पर ही एएनएम वेतन आहरण कर सकेंगी।
विज्ञापन
गांवों में साफ-सफाई और संक्रामक रोग की रोकथाम के लिए दवा छिड़काव आदि के लिए प्रत्येक गांव की ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति को हर साल दस हजार रुपये मिलते हैं। उक्त धनराशि प्रधान और एएनएम के संयुक्त खाते में पहुंचती है। कई गांवों में ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति की धनराशि खर्च नहीं की गई। इसकी शिकायत कई प्रधान अफसरों से कर चुके है। जटपुरा की प्रधान मंजू देवी ने कुछ दिन पहले ही एमओआईसी से मिलकर खाते की धनराशि खर्च न करने का आरोप लगाया। सीएचसी के एमओआईसी डॉ. मोहम्मद असलम ने बताया कि खातों की धनराशि खर्च न होने के मामले में सीएमओ ने तहसील क्षेत्र की 52 एएनएम के वेतन पर रोक लगा दी। अब उक्त धनराशि खर्च होने पर ही एएनएम वेतन आहरण कर सकेंगी।
विज्ञापन