{"_id":"682cc9fbdfef1049720be56e","slug":"husband-mother-in-law-and-father-in-law-acquitted-due-to-lack-of-evidence-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-136264-2025-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: साक्ष्य के अभाव में पति, सास व ससुर दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: साक्ष्य के अभाव में पति, सास व ससुर दोषमुक्त
Tue, 20 May 2025 11:59 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 20 May 2025 11:59 PM IST
विज्ञापन
पीलीभीत। दहेज हत्या के आरोपी पति, सास व ससुर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) छांगुर राम ने साक्ष्य के अभाव में सभी को बरी कर दिया।
थाना सेहरामऊ उत्तरी के गावं पटिहन निवासी महेशचंद्र पुत्र सुखलाल ने पुलिस को तहरीर में बताया कि उसने अपनी पुत्री रूबी देवी की शादी ग्राम दौलतपुर निवासी अमित पुत्र राजपाल से की थी। शादी में काफी दान दहेज दिया था। ससुराल वाले दहेज में वाशिंग मशीन व सोने की चेन की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर 23 मई 2020 को ससुराल वालों ने रूबी को मारकर फंदे पर लटका दिया था।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की। विवेचना के दौरान वादी ने बयान बदलते हुए अपने दामाद व उसके माता- पिता पर लगाए गए आरोप वापस ले लिए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि घटना के छह माह बाद ग्रामीणों के बहकावे में आकर अपने दामाद व उसके माता- पिता पर मुकदमा लिखा दिया था। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद तीनों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन
थाना सेहरामऊ उत्तरी के गावं पटिहन निवासी महेशचंद्र पुत्र सुखलाल ने पुलिस को तहरीर में बताया कि उसने अपनी पुत्री रूबी देवी की शादी ग्राम दौलतपुर निवासी अमित पुत्र राजपाल से की थी। शादी में काफी दान दहेज दिया था। ससुराल वाले दहेज में वाशिंग मशीन व सोने की चेन की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर 23 मई 2020 को ससुराल वालों ने रूबी को मारकर फंदे पर लटका दिया था।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की। विवेचना के दौरान वादी ने बयान बदलते हुए अपने दामाद व उसके माता- पिता पर लगाए गए आरोप वापस ले लिए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि घटना के छह माह बाद ग्रामीणों के बहकावे में आकर अपने दामाद व उसके माता- पिता पर मुकदमा लिखा दिया था। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद तीनों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन