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जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में अफसरों पर बरसे माननीय, फिर राज्यमंत्री ने जमकर हड़काया
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जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में मौजूद राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. दलजीत ?
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। जिला पंचायत सभागार में शनिवार को हुई पंचायत बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें जनप्रतिनिधि अफसरों पर हमलावर नजर आए। जन समस्याओं की बात पर अफसर भी उलझे। कुछ तो सटीक जवाब भी नहीं दे सके। बाद में पहुंचे राज्यमंत्री (गन्ना विकास एवं चीनी मिलें) संजय सिंह गंगवार ने भी अफसरों को जमकर लताड़ा। कहा कि जनता की बात सुनें, सवा नौ बजे ऑफिस में पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई तक की चेतावनी दी है।
डॉ. दलजीत कौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सबसे पहले पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की गई। उसके बाद 51.34 करोड़ से ज्यादा का बजट पास किया गया। इसके बाद जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और उसपर अफसरों के रवैये पर शिकायतों की झड़ी लगा दी। उनका कहना था कि विभागों के अफसर जनता की समस्याओं को नजरअदांज कर देते हैं। फोन करो तो उल्टा जवाब देते हैं। बैठक के आखिर में पहुंचे राज्यमंत्री संजय सिंह का स्वागत हुआ। उसके बाद उन्होंने जनता के मुद्दों पर बात की। सबसे पहले उन्होंने जिला अस्पताल की इमरजेंसी का मुद्दा उठाया। कहा कि वहां डॉक्टर नहीं मिलते। उन्होंने अफसरों से कहा कि वह साढ़े नौ बजे से पहले ऑफिस पहुंचे। जिस दिन निरीक्षण होगा तो कार्रवाई भी होगी। जिला पंचायत की सड़कें बनाने वाले ठेकेदारों के भुगतान तभी होंगे जब वो जिला पंचायत सदस्यों की मौजूदगी में कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। राज्यमंत्री ने सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने अफसरों की कार्यशाली पर भी सवाल उठाए। बोले कि अफसर अपनी कार्यशैली बदल लें। सरकार जनता के मुद्दों को लेकर सख्त है। भ्रष्ट अफसरों पर जरूरत पड़ी तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कई अफसरों के कार्यालय बाबू चला रहे हैं। वह अपने आप को सुधार लें।
बैठक के आखिर में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. दलजीत कौर के तेवर भी सख्त नजर आए। कहा, अफसर ठीक से जान लें जनता के कार्यों को प्राथमिकता दें। अगर गड़बड़ियां मिलीं तो कार्रवाई के लिए भी लिखा जाएगा। बैठक में पूरनपुर के विधायक बाबू राम पासवान, बरखेड़ा के विधायक स्वामी प्रवक्तानंद के अलावा जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, सीडीओ प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा, बीएसए चंद्रकेश सिंह, डीपीआरओ सुबोध जोशी समेत अन्य विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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शिकायतों, अफसर जवाब देने से कतराते नजर आए
पूरनपुर के एक सदस्य ने नई बस्ती के एक सरकारी स्कूल की शिकायत की। कहा कि वहां 348 बच्चों पर एक शिक्षक हैं जबकि कई स्कूलों में कम विद्यार्थी होने पर शिक्षकों की संख्या ज्यादा है। इसपर बीएसए ठीक जवाब नहीं दे पाए। ज्यादातर सदस्यों ने जिला पंचायत द्वारा बनने वाली सड़कों की बात उठाई। कहा कि ठेकेदार घटिया निर्माण करते हैं। कुछ ठेकेदारों के नाम गिनाते हुए उनको ब्लैक लिस्ट करने की मांग उठाई। अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई की बात उठी। कुछ कोटेदारों की शिकायतें आईं। सदस्यों ने कहा कि जब कोटेदारों से विभाग दस-दस हजार की वसूली करता है तो जनता की वो क्यों और क्या सुनेंगे। माधोटांडा, पूरनपुर, बीसलपुर समेत कई जगहों में पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जों का मुद्दा खूब गर्म हुआ। सदस्यों ने कुछ लोगों के नाम पर बताए जो पंचायत की सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्जा जमाए बैठे हैं। कहा कि इनके खिलाफ विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा। आपूर्ति विभाग के बाद सबसे ज्यादा शिकायतें बिजली विभाग की थीं। सदस्यों का कहना था कि अंधाधुंध कटौती हो रही है। जब क्षेत्र के एसडीओ से बात करो तो वह सीधे मुंह बात नहीं करते। उपभोक्ताअेें से बिजली का पोल लगाने के नाम पर वसूली की जाती है। इसपर एक्सईएन जवाब नहीं दे पाए।
पूर्ति विभाग, स्वास्थ्य और बिजली की सबसे ज्यादा शिकायतें
बैठक में लगभग हर विभाग के अफसर भी मौजूद थे। सबसे पहले पूर्ति विभाग, स्वास्थ्य और बिजली के मामले सामने रखे गए। राज्य मंत्री ने आपूर्ति अधिकारी से कहा कि सबसे ज्यादा उनके विभाग की शिकायतें हैं। उनकी एक रिकॉर्डिंग होने की भी बात कही। पात्रों को अनाज नहीं मिल रहा और अपात्र मजे मार रहे हैं। कुछ सदस्यों ने अमरिया अस्पताल की शिकायत उठाई। कहा कि वहां वैक्सीन लगाने के नाम पर दो सौ रुपये लिए जा रहे है। मेडिकल बनवाने के नाम पर वसूली होती। सीएमओ ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। पोस्टमार्टम हाउस में भी बारह सौ रुपये लिए जाने की शिकायत उठी। इसकी भी जांच कराने की बात सीएमओ ने कही।
जिला पंचायत की जमीनें होंगी खाली, भवनों का नक्शा जिला पंचायत से पास कराना होगा
जिले में जिला पंचायत की तमाम भूमि पर अवैध कब्जा है। बैठक में इसको लेकर काफी हंगामा हुआ। जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि तत्काल जमीनों को खाली कराया जाए। संपन्न लोगों के पट्टे निरस्त किए जाएं और जिनके पास भूमि नहीं है उनके पट्टे किए जाएं। इसके अलावा कहा गया कि जिले में जितने भी कामर्शियल भवन और कॉलोनी बनती हैं तो जिला पंचायत से नक्शे पास कराए जाएं। शहर में बनी कुछ कॉलोनी को नोटिस जारी करने की बात कही गई।
जिला पंचायत का नया भवन बनाने का उठा मुद्दा
राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने जिला पंचायत का नया भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार कराने को कहा। जल्द डीपीआर तैयार कराने को कहा। पंद्रह दिन में इसकी रिपोर्ट मांगी है।
जिला पंचायत की सड़कों की जानकारी नहीं दे पाए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर
पूरनपुर के विधायक बाबू राम पासवान ने जिला पंचायत की सड़कों के बारे में पूछा तो विभाग के इंजीनियर जवाब नहीं दे पाए। पूरनपुर में तीन सड़कें जिला पंचायत की हैं। उनके बनवाने का प्रस्ताव है। इसपर इंजीनियर ने कहा कि पूरे जिले की सूची है। अगली बैठक से पहले ब्लॉक बार सूची तैयार करा ली जाएगी।
जिले में बनेगी बड़ी गोशाला
राज्य मंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि जिन गोशालाओं के निर्माण अधूरे हैं उनको जल्द पूरा कराया जाए। इसके अलावा जिला स्तर पर एक बड़ी गोशाला बनने जा रही है। इसमें जिले भर से लाए गए पशु रखे जाएंगे।
51.34 करोड़ से ज्यादा का बजट हुआ पास
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष डॉ. दलजीत कौर की अध्यक्षता में 51 करोड़ 34 लाख 12 हजार 857. 62 रुपये का बजट पास किया गया है। मूल बजट वर्ष 2022- 23 के लिए 35 करोड़ 7 लाख की आय अनुमानित की गई है। पिछले वर्ष की अवशेष आय 16 करोड़ 27 लाख 12 हजार 857.62 रुपये है। व्यय की मद में 2022-23 के लिए 48 करोड़ 80 लाख 80 हजार का बजट प्रस्तावित है। पिछले वर्ष की अवशेष व्यय 2 करोड़ 53 लाख 32 हजार 857.62 रुपये है।
बैठक में ये प्रस्ताव थे
-गत बैठक 20-11-2021 की कार्यवाही की पुष्टि
- पुनरीक्षित आय-व्यय वर्ष 2021-22 एवं मूल आय व्यय वर्ष 2022-23 का अनुमोदन
- वर्ष 2021-22 के लिए निर्धारित कर, और संपत्तिकर का अनुमोदन
- वर्ष 2022-23 के केंद्रीय वित्त/राज्य वित्त योजना के तहत संभावित प्राप्त अनुदानों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने पर विचार।
- वर्ष 2022 23 के लिए तैयार जिला योजना के अनुमोदन पर विचार।
- अन्य विषय अध्यक्ष की अनुमति से।
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डॉ. दलजीत कौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सबसे पहले पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की गई। उसके बाद 51.34 करोड़ से ज्यादा का बजट पास किया गया। इसके बाद जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और उसपर अफसरों के रवैये पर शिकायतों की झड़ी लगा दी। उनका कहना था कि विभागों के अफसर जनता की समस्याओं को नजरअदांज कर देते हैं। फोन करो तो उल्टा जवाब देते हैं। बैठक के आखिर में पहुंचे राज्यमंत्री संजय सिंह का स्वागत हुआ। उसके बाद उन्होंने जनता के मुद्दों पर बात की। सबसे पहले उन्होंने जिला अस्पताल की इमरजेंसी का मुद्दा उठाया। कहा कि वहां डॉक्टर नहीं मिलते। उन्होंने अफसरों से कहा कि वह साढ़े नौ बजे से पहले ऑफिस पहुंचे। जिस दिन निरीक्षण होगा तो कार्रवाई भी होगी। जिला पंचायत की सड़कें बनाने वाले ठेकेदारों के भुगतान तभी होंगे जब वो जिला पंचायत सदस्यों की मौजूदगी में कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। राज्यमंत्री ने सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने अफसरों की कार्यशाली पर भी सवाल उठाए। बोले कि अफसर अपनी कार्यशैली बदल लें। सरकार जनता के मुद्दों को लेकर सख्त है। भ्रष्ट अफसरों पर जरूरत पड़ी तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कई अफसरों के कार्यालय बाबू चला रहे हैं। वह अपने आप को सुधार लें।
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बैठक के आखिर में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. दलजीत कौर के तेवर भी सख्त नजर आए। कहा, अफसर ठीक से जान लें जनता के कार्यों को प्राथमिकता दें। अगर गड़बड़ियां मिलीं तो कार्रवाई के लिए भी लिखा जाएगा। बैठक में पूरनपुर के विधायक बाबू राम पासवान, बरखेड़ा के विधायक स्वामी प्रवक्तानंद के अलावा जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, सीडीओ प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा, बीएसए चंद्रकेश सिंह, डीपीआरओ सुबोध जोशी समेत अन्य विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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शिकायतों, अफसर जवाब देने से कतराते नजर आए
पूरनपुर के एक सदस्य ने नई बस्ती के एक सरकारी स्कूल की शिकायत की। कहा कि वहां 348 बच्चों पर एक शिक्षक हैं जबकि कई स्कूलों में कम विद्यार्थी होने पर शिक्षकों की संख्या ज्यादा है। इसपर बीएसए ठीक जवाब नहीं दे पाए। ज्यादातर सदस्यों ने जिला पंचायत द्वारा बनने वाली सड़कों की बात उठाई। कहा कि ठेकेदार घटिया निर्माण करते हैं। कुछ ठेकेदारों के नाम गिनाते हुए उनको ब्लैक लिस्ट करने की मांग उठाई। अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई की बात उठी। कुछ कोटेदारों की शिकायतें आईं। सदस्यों ने कहा कि जब कोटेदारों से विभाग दस-दस हजार की वसूली करता है तो जनता की वो क्यों और क्या सुनेंगे। माधोटांडा, पूरनपुर, बीसलपुर समेत कई जगहों में पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जों का मुद्दा खूब गर्म हुआ। सदस्यों ने कुछ लोगों के नाम पर बताए जो पंचायत की सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्जा जमाए बैठे हैं। कहा कि इनके खिलाफ विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा। आपूर्ति विभाग के बाद सबसे ज्यादा शिकायतें बिजली विभाग की थीं। सदस्यों का कहना था कि अंधाधुंध कटौती हो रही है। जब क्षेत्र के एसडीओ से बात करो तो वह सीधे मुंह बात नहीं करते। उपभोक्ताअेें से बिजली का पोल लगाने के नाम पर वसूली की जाती है। इसपर एक्सईएन जवाब नहीं दे पाए।
पूर्ति विभाग, स्वास्थ्य और बिजली की सबसे ज्यादा शिकायतें
बैठक में लगभग हर विभाग के अफसर भी मौजूद थे। सबसे पहले पूर्ति विभाग, स्वास्थ्य और बिजली के मामले सामने रखे गए। राज्य मंत्री ने आपूर्ति अधिकारी से कहा कि सबसे ज्यादा उनके विभाग की शिकायतें हैं। उनकी एक रिकॉर्डिंग होने की भी बात कही। पात्रों को अनाज नहीं मिल रहा और अपात्र मजे मार रहे हैं। कुछ सदस्यों ने अमरिया अस्पताल की शिकायत उठाई। कहा कि वहां वैक्सीन लगाने के नाम पर दो सौ रुपये लिए जा रहे है। मेडिकल बनवाने के नाम पर वसूली होती। सीएमओ ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। पोस्टमार्टम हाउस में भी बारह सौ रुपये लिए जाने की शिकायत उठी। इसकी भी जांच कराने की बात सीएमओ ने कही।
जिला पंचायत की जमीनें होंगी खाली, भवनों का नक्शा जिला पंचायत से पास कराना होगा
जिले में जिला पंचायत की तमाम भूमि पर अवैध कब्जा है। बैठक में इसको लेकर काफी हंगामा हुआ। जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि तत्काल जमीनों को खाली कराया जाए। संपन्न लोगों के पट्टे निरस्त किए जाएं और जिनके पास भूमि नहीं है उनके पट्टे किए जाएं। इसके अलावा कहा गया कि जिले में जितने भी कामर्शियल भवन और कॉलोनी बनती हैं तो जिला पंचायत से नक्शे पास कराए जाएं। शहर में बनी कुछ कॉलोनी को नोटिस जारी करने की बात कही गई।
जिला पंचायत का नया भवन बनाने का उठा मुद्दा
राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने जिला पंचायत का नया भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार कराने को कहा। जल्द डीपीआर तैयार कराने को कहा। पंद्रह दिन में इसकी रिपोर्ट मांगी है।
जिला पंचायत की सड़कों की जानकारी नहीं दे पाए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर
पूरनपुर के विधायक बाबू राम पासवान ने जिला पंचायत की सड़कों के बारे में पूछा तो विभाग के इंजीनियर जवाब नहीं दे पाए। पूरनपुर में तीन सड़कें जिला पंचायत की हैं। उनके बनवाने का प्रस्ताव है। इसपर इंजीनियर ने कहा कि पूरे जिले की सूची है। अगली बैठक से पहले ब्लॉक बार सूची तैयार करा ली जाएगी।
जिले में बनेगी बड़ी गोशाला
राज्य मंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि जिन गोशालाओं के निर्माण अधूरे हैं उनको जल्द पूरा कराया जाए। इसके अलावा जिला स्तर पर एक बड़ी गोशाला बनने जा रही है। इसमें जिले भर से लाए गए पशु रखे जाएंगे।
51.34 करोड़ से ज्यादा का बजट हुआ पास
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष डॉ. दलजीत कौर की अध्यक्षता में 51 करोड़ 34 लाख 12 हजार 857. 62 रुपये का बजट पास किया गया है। मूल बजट वर्ष 2022- 23 के लिए 35 करोड़ 7 लाख की आय अनुमानित की गई है। पिछले वर्ष की अवशेष आय 16 करोड़ 27 लाख 12 हजार 857.62 रुपये है। व्यय की मद में 2022-23 के लिए 48 करोड़ 80 लाख 80 हजार का बजट प्रस्तावित है। पिछले वर्ष की अवशेष व्यय 2 करोड़ 53 लाख 32 हजार 857.62 रुपये है।
बैठक में ये प्रस्ताव थे
-गत बैठक 20-11-2021 की कार्यवाही की पुष्टि
- पुनरीक्षित आय-व्यय वर्ष 2021-22 एवं मूल आय व्यय वर्ष 2022-23 का अनुमोदन
- वर्ष 2021-22 के लिए निर्धारित कर, और संपत्तिकर का अनुमोदन
- वर्ष 2022-23 के केंद्रीय वित्त/राज्य वित्त योजना के तहत संभावित प्राप्त अनुदानों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने पर विचार।
- वर्ष 2022 23 के लिए तैयार जिला योजना के अनुमोदन पर विचार।
- अन्य विषय अध्यक्ष की अनुमति से।

जिला पंचायत की बैठक में मौजूद जिला पंचायत सदस्य।- फोटो : PILIBHIT