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दूसरे सत्र के टीकाकरण में आशा की बिगड़ी तबीयत, हड़कंप
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पूरनपुर। टीकाकरण के दौरान एक बार फिर सीएचसी पर एक आशा कार्यकत्री समेत दो अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की टीका लगने के बाद तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज किया गया। करीब एक घंटे के बाद स्वास्थ्य कर्मियों के होश मेें आने पर अफसरों ने राहत की सांस ली। दूसरे सत्र में सीएचसी का मुख्य गेट बंद करके टीकाकरण कराया गया। इस दौरान कोविड नियमों का पालन नहीं हो सका। सीएचसी के एमओआईसी मामले को दबाने में लगे रहे। हालांकि जिले के अफसरों ने एक आशा की हल्की तबीयत बिगड़ने की पुष्टि की।
शुक्रवार को पूरनपुर सीएचसी पर टीकाकरण के लिए दो बूथ बनाए गए थे। एक आशा कार्यकत्री को टीका लगाया गया। टीका लगाने के बाद उन्हें ऑब्जर्वेशन रूम में बैठाया गया। तभी अचानक उसे घबराहट होने लगी और वह बेहोश हो गई। आशा को बेहोश देखकर मौजूद टीम ने उसे इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज किया। सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल, कोविड नोडल प्रभारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी भी मौके पर पहुंच गए। करीब एक घंटे बाद आशा के होश में आने पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने राहत महसूस की। सूत्रों की मानें तो दो अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भी तबीयत खराब हुई थी। हालांकि उन्हें भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। टीकाकरण के दौरान सीएचसी के दोनों बूथों पर कोविड नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। अधिकांश स्वास्थ्य कर्मी बिना ऑब्जर्वेशन रूम में गए ही बाहर आ गए। सीएचसी का गेट बंद होने की वजह से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरीजों की शिकायत के बाद दूसरा गेट खोल गया। जहां डॉ. सहसपाल सिंह और डॉ. प्रियंका चतुर्वेदी ने ओपीडी कर मरीजों का इलाज किया।
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शुक्रवार को पूरनपुर सीएचसी पर टीकाकरण के लिए दो बूथ बनाए गए थे। एक आशा कार्यकत्री को टीका लगाया गया। टीका लगाने के बाद उन्हें ऑब्जर्वेशन रूम में बैठाया गया। तभी अचानक उसे घबराहट होने लगी और वह बेहोश हो गई। आशा को बेहोश देखकर मौजूद टीम ने उसे इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज किया। सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल, कोविड नोडल प्रभारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी भी मौके पर पहुंच गए। करीब एक घंटे बाद आशा के होश में आने पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने राहत महसूस की। सूत्रों की मानें तो दो अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भी तबीयत खराब हुई थी। हालांकि उन्हें भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। टीकाकरण के दौरान सीएचसी के दोनों बूथों पर कोविड नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। अधिकांश स्वास्थ्य कर्मी बिना ऑब्जर्वेशन रूम में गए ही बाहर आ गए। सीएचसी का गेट बंद होने की वजह से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरीजों की शिकायत के बाद दूसरा गेट खोल गया। जहां डॉ. सहसपाल सिंह और डॉ. प्रियंका चतुर्वेदी ने ओपीडी कर मरीजों का इलाज किया।
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