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जिला अस्पताल में सर्दी-जुकाम के पहुंचे 600 मरीज
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पीलीभीत। सर्दी के जोर पकड़ते ही कई तरह की बीमारियां भी तेजी के साथ बढ़ रही हैं। सबसे ज्यादा वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 800 मरीज पहुंचे। इनमें 600 लोग सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित थे।
मौसम के बदलाव और सुबह शाम सर्दी दिन में गर्मी से वायरल फीवर बढ़ रहा है। थोड़ी सी लापरवाही घातक साबित हो सकती है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। बुधवार को जिला अस्पताल में ओपीडी 800 के पार पहुंच गई है। इससे वायरल फीवर, डेंगू, उल्टी दस्त के मरीज आ रहे है। ऐसे में सावधानी बरतें की जरुरत है। सुबह और शाम को गर्म कपड़े पहने। दोपहर में धूप निकलने के बाद लापरवाही न दिए। इससे बुखार की गिरफ्त में आने का खतरा बना रहता है।
डॉक्टर बोले - ठंडी चीजों से करें परहेज
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि इन दिनों मौसम बदल रहा है। सुबह-शाम सर्दी का जोर होने के कारण गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। ठंडी चीजें खाने से परहेज करें। रात या फिर दिन में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। बुखार महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह से इलाज शुरू कराएं। थोड़ी से लापरवाही बीमार कर सकती है। बुधवार को ओपीडी में वायरल फीवर और उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या काफी रहीं।
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बरतें सावधानी
- बासी खाना खाने से परहेज करें
- कोल्ड्रिंग पीने से परहेज करें
- आइसक्रीम से परहेज करें
- पानी उबालकर ठंडा करके पीए
- सुबह शाम गर्म कपड़े पहने
- मच्छरदानी की प्रयोग करें
- घर में कहीं भी पानी जमा न होने दें
- घर के अंदर रहने पर पूरे कपड़े पहने
- कीटनाशक दवा का छिड़काव करें
- बुखार आने पर अच्छे डाक्टर से सलाह लें
- झोलाछाप से बचे
- गिलोय और पपीते के जूस का सेवन करें
डेंगू के लक्षण
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- शरीर पर पडने वाले लाल निशान जो थोड़े समय बाद ठीक होने के बाद पुन: वापस भी आ जाते हैं
- तेज बुखार
- बहुत तेज सिर दर्द
- आंखों के पीछे दर्द
- उल्टी आना और चक्कर महसूस होना
हर बुखार डेंगू नहीं होता
- वायरल फीवर आने पर भी प्लेट्सलेट घट सकतीं हैं
- प्लेट्सलेट 20 हजार से कम होने पर खतरा होता हैं
- अगर प्लेट्सलेट 20 हजार से ऊपर होने पर डॉक्टर की सलाह से इलाज कराएं और बेडरेस्ट करें
- प्लेट्सेट डाउन होने पर डाक्टर के सलाह से इलाज कराएं और घबराने की जरूरत नहीं हैं
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मौसम के बदलाव और सुबह शाम सर्दी दिन में गर्मी से वायरल फीवर बढ़ रहा है। थोड़ी सी लापरवाही घातक साबित हो सकती है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। बुधवार को जिला अस्पताल में ओपीडी 800 के पार पहुंच गई है। इससे वायरल फीवर, डेंगू, उल्टी दस्त के मरीज आ रहे है। ऐसे में सावधानी बरतें की जरुरत है। सुबह और शाम को गर्म कपड़े पहने। दोपहर में धूप निकलने के बाद लापरवाही न दिए। इससे बुखार की गिरफ्त में आने का खतरा बना रहता है।
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डॉक्टर बोले - ठंडी चीजों से करें परहेज
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि इन दिनों मौसम बदल रहा है। सुबह-शाम सर्दी का जोर होने के कारण गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। ठंडी चीजें खाने से परहेज करें। रात या फिर दिन में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। बुखार महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह से इलाज शुरू कराएं। थोड़ी से लापरवाही बीमार कर सकती है। बुधवार को ओपीडी में वायरल फीवर और उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या काफी रहीं।
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बरतें सावधानी
- बासी खाना खाने से परहेज करें
- कोल्ड्रिंग पीने से परहेज करें
- आइसक्रीम से परहेज करें
- पानी उबालकर ठंडा करके पीए
- सुबह शाम गर्म कपड़े पहने
- मच्छरदानी की प्रयोग करें
- घर में कहीं भी पानी जमा न होने दें
- घर के अंदर रहने पर पूरे कपड़े पहने
- कीटनाशक दवा का छिड़काव करें
- बुखार आने पर अच्छे डाक्टर से सलाह लें
- झोलाछाप से बचे
- गिलोय और पपीते के जूस का सेवन करें
डेंगू के लक्षण
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- शरीर पर पडने वाले लाल निशान जो थोड़े समय बाद ठीक होने के बाद पुन: वापस भी आ जाते हैं
- तेज बुखार
- बहुत तेज सिर दर्द
- आंखों के पीछे दर्द
- उल्टी आना और चक्कर महसूस होना
हर बुखार डेंगू नहीं होता
- वायरल फीवर आने पर भी प्लेट्सलेट घट सकतीं हैं
- प्लेट्सलेट 20 हजार से कम होने पर खतरा होता हैं
- अगर प्लेट्सलेट 20 हजार से ऊपर होने पर डॉक्टर की सलाह से इलाज कराएं और बेडरेस्ट करें
- प्लेट्सेट डाउन होने पर डाक्टर के सलाह से इलाज कराएं और घबराने की जरूरत नहीं हैं