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चिड़ियादाह की महिला में स्क्रब टाइफस के मिले लक्षण
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पीलीभीत। जिले में अभी तक डेंगू के केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग रोकथाम के लिए लगा हुआ था। अब एक महिला में स्क्रब टाइफस (एक तरह का बुखार) का संक्रमण पाए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि इसकी चपेट में आई महिला अब ठीक है। लेकिन मलेरिया विभाग ने गांव में जाकर परिवार के अन्य सदस्यों के सैंपल लेकर परीक्षण को भेजा है।
शहर से सटे गांव चिड़ियादाह की रहने वाली एक महिला को सप्ताह भर पहले बुखार आया था। इस पर परिवार वालों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से डॉक्टरों ने उसका सैंपल लेकर परीक्षण को भेजा। सैंपल मलेरिया विभाग को मिला तो उन्होंने लखनऊ जांच को भेज दिया। जांच रिपोर्ट में महिला में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन स्क्रब टाइफस का संक्रमण पाया गया। जो दिमागी बुखार के शुरुआती लक्षण में आता है। रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग में खलबली मच गई। सोमवार को टीम ने गांव पहुंचकर महिला का दोबारा सैंपल लेकर जांच की। साथ ही उसके परिवार के सदस्यों की भी जांच की। टीम ने गांव में जाकर दवा का छिड़काव भी कराया। इधर, विभाग का दावा है कि महिला पूर्ण रूप से ठीक है और एक निजी चिकित्सक से इलाज चल रहा है। वह घर पर ही आराम कर रही है।
ऐसे फैलता है स्क्रब टाइफस का वायरस
मलेरिया सहायक अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि यह वायरस बुखार की तरह ही होता है लेकिन यह जमीन से पैदा होता है। चूहा और छछूंदर से गिरकर जमीन में आता है। जमीन से संपर्क आने के बाद वायरस इंसानों में प्रवेश कर जाता है। इस वायरस के शरीर में जाने पर तेज बुखार आता है। यह बैक्टीरिया माइट चिग्गर कहलाता है। इससे होने वाला बुखार कभी कभी मस्तिष्क में चला जाता है जो दिमागी बुखार कहलाता है। इस तरह का जिले में पहला केस सामने आया है। गांव महिला के घर जमीन पर दवा का छिड़काव कराया गया है ताकि बीमारी न फैल सके।
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शहर से सटे गांव चिड़ियादाह की रहने वाली एक महिला को सप्ताह भर पहले बुखार आया था। इस पर परिवार वालों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से डॉक्टरों ने उसका सैंपल लेकर परीक्षण को भेजा। सैंपल मलेरिया विभाग को मिला तो उन्होंने लखनऊ जांच को भेज दिया। जांच रिपोर्ट में महिला में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन स्क्रब टाइफस का संक्रमण पाया गया। जो दिमागी बुखार के शुरुआती लक्षण में आता है। रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग में खलबली मच गई। सोमवार को टीम ने गांव पहुंचकर महिला का दोबारा सैंपल लेकर जांच की। साथ ही उसके परिवार के सदस्यों की भी जांच की। टीम ने गांव में जाकर दवा का छिड़काव भी कराया। इधर, विभाग का दावा है कि महिला पूर्ण रूप से ठीक है और एक निजी चिकित्सक से इलाज चल रहा है। वह घर पर ही आराम कर रही है।
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ऐसे फैलता है स्क्रब टाइफस का वायरस
मलेरिया सहायक अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि यह वायरस बुखार की तरह ही होता है लेकिन यह जमीन से पैदा होता है। चूहा और छछूंदर से गिरकर जमीन में आता है। जमीन से संपर्क आने के बाद वायरस इंसानों में प्रवेश कर जाता है। इस वायरस के शरीर में जाने पर तेज बुखार आता है। यह बैक्टीरिया माइट चिग्गर कहलाता है। इससे होने वाला बुखार कभी कभी मस्तिष्क में चला जाता है जो दिमागी बुखार कहलाता है। इस तरह का जिले में पहला केस सामने आया है। गांव महिला के घर जमीन पर दवा का छिड़काव कराया गया है ताकि बीमारी न फैल सके।
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