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मलेरिया और डेंगू से बचाएगा रोजमेरी और गेंदा का पौधा

Mon, 06 Sep 2021 01:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 01:05 AM IST
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Health
पीलीभीत। प्रकृति अगर किसी समस्या को जन्म देती है, तो उसका समाधान भी स्वत: कर देती है। ऐसी ही एक बड़ी समस्या है डेंगू व मलेरिया। इन बीमारियों को जन्म देने वाले मच्छर हर साल हजारों लोगों को अपनी चपेट में ले लेते हैं। मगर अब इन मच्छरों को घरों से दूर रखने के लिए गेंदा, रोजमेरी, सिट्रोनेला ग्रास और तुलसी का पौधा रामबाण साबित हुआ है। मानसून के मौसम में पनपने वाले मच्छरों को घर में नहीं घुसने देंगे। साथ ही घर का वातावरण भी शुद्ध रहेगा।
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बारिश में क्यूलेक्स और अन्य मच्छर पैदा होने लगते हैं। मलेरिया विभाग की ओर से इन्हें रोकने के लिए तमाम कवायद की जाती है। एंटी लार्वा दवा लेकर गम्बूसिया मछली तक तालाबों में डाली जाती है। मगर इसका परिणाम शत-प्रतिशत नहीं मिल पाता है। वर्तमान में मलेरिया के 14 मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि पिछले 38 मरीज मलेरिया के मिले थे और चार डेंगू के थे। हालांकि अभी तक डेंगू का कोई भी केस सामने नहीं आया है। कोरोना काल के बीच एक बार फिर मलेरिया विभाग संचारी रोग नियंत्रण करने के लिए जुटा हुआ है।
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मलेरिया विभाग के सहायक मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि मच्छरों को घर में पनपने से रोकने के लिए बालकनी और छत पर गेंदा, रोजमेरी, सिट्रोनेला ग्रास और तुलसी लगाना चाहिए। जो मच्छरों को आपके घर के आसपास नहीं भटकने देंगे। आज के समय में हर कोई अपनी बालकनी और छतों पर पौधे लगाता है। अगर इनके साथ ये पौधे लगाने से मच्छर घर के आसपास नहीं भटकेगा। उससे उठने वाली सुगंध मच्छरों को पसंद नहीं होती है। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
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ये पौधे मलेरिया और डेंगू के मच्छरों को रोकने में कारगर हैं। क्योंकि सिट्रोनेला ग्रास से मच्छरों के लिए प्रयोग किए गए मच्छररोधी ऑडोमास, क्वाइल तैयार की जाती है। इन चार पौधों से उठने वाली सुगंध क्यूलेक्स और डेंगू के मच्छरों को पसंद नहीं होती है, इसलिए जिन घरों में यह पौधे लगे होते हैं, वहां ये मच्छर नहीं पनपते हैं।
- डॉ. एस एस ढाका, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक
ये है इन पौधों की विशेषता
रोजमेरी
रोजमेरी अपने आप में एक प्राकृतिक मॉस्किटो रिप्लीयन्ट है। रोजमेरी के पौधे 4-5 फुट लंबे होते हैं और फूलों का रंग नीला होता है। मच्छरों से बचने के लिए रोजमेरी मॉस्किटो रिप्लीयन्ट की चार बूंदों को एक चौथाई जैतून के तेल के साथ मिलाकर भी लगाया जा सकता है।
सिट्रोनेला ग्रास
सिट्रोनेला ग्रास मच्छरों को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है। यह पौधा 2 मीटर तक बढ़ता है। इस ग्रास से निकलने वाला सिट्रोनेला ऑयल मोमबत्तियों, परफ्यूम्स और हर्बल प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किया जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि सिट्रोनेला ग्रास डेंगू पैदा करने वाले एडीज एजिप्टी मच्छरों को भी आपसे दूर रखने में मदद करता है।

गेंदा
गेंदा के फूलों में पाई जाने वाली गंध मक्खी-मच्छरों को पसंद नहीं होती है। ये पौधे 6 इंच से 3 फुट तक बढ़ते हैं। इससे उठने वाली सुगंध सूंघने के बाद मच्छर वहां नहीं रुकते हैं।
तुलसी
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है। तुलसी का पौधा मॉस्किटो (मच्छर रोधी) पौधा है। तुलसी से उठने वाली खुशबू से मच्छर दूर भागते हैं।
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