{"_id":"6132770a8ebc3eb62314e44d","slug":"health-pilibhit-news-bly458451341","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू को लेकर अलर्ट, जिला अस्पताल में फिर भी नहीं बना वार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू को लेकर अलर्ट, जिला अस्पताल में फिर भी नहीं बना वार्ड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। कोरोना संक्रमण के बाद अब जिले में वायरल फीवर ने पैर पसराना शुरू कर दिए हैं। जिले में अब तक मलेरिया के 14 केस भी मिल चुके है, लेकिन गनीमत यह है कि डेंगू का कोई भी केस सामने नहीं आया है। प्रदेश के अन्य जिलों में डेंगू के केस मिलने के बाद अलर्ट जारी किया गया था। मगर इसके बाद भी जिला अस्पताल में डेंगू से निपटने के लिए कोई तैयारी नहीं की गई है।
बरसात के बाद वायरल फीवर के साथ डेंगू और मलेरिया का खतरा भी मंडराने लगा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। प्रतिदिन सरकारी अस्पताल में सात से आठ सौ के लगभग मरीज दिखाने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 40 फीसदी मरीज वायरल, खांसी, बुखार और जुकाम के निकल रहे हैं। फिजीशियन के चैंबरों में मरीजों की भीड़ जुट हुई है। ऐसे में अगर किसी का बुखार तीन दिन के बाद भी नहीं उतर रहा है, तो डॉक्टर उसकी डेंगू की जांच कर रहे हैं। फिरोजाबाद और मथुरा में डेंगू के केस मिलने के बाद जिला स्तर पर भी अलर्ट जारी हुआ था। जिला अस्पताल और सीएचसी स्तर पर डेंगू वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक अस्पतालों में डेंगू वार्ड नहीं बना हैं। शुक्रवार को भी जिला अस्पताल में मरीजों की लाइन लगी रही। शुक्रवार को 768 की ओपीडी रही। इनमें 40 फीसदी मरीज वायरल- फीवर के थे। बृहस्पतिवार को शहर के अवध नगर कॉलोनी में रहने वाली एक दस साल की मासूम में संभावित डेंगू के लक्षण मिले थे। और मलेरिया के 14 केस भी आ चुके हैं। हालांकि अभी तक डेंगू का जिले में कोई मरीज नहीं मिला है और न ही बुखार का कोई गंभीर मरीज सामने आया है। अगर हालात बिगड़े तो यह लापरवाह रवैया भारी पड़ सकता है।
डेंगू को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। मलेरिया विभाग के साथ जिला अस्पताल में भी तैयारियां पूरी है। वार्ड भी तैयार हो चुका है। फिलहाल अभी तक बुखार व डेंगू का मरीज भर्ती नहीं है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
बरसात के बाद वायरल फीवर के साथ डेंगू और मलेरिया का खतरा भी मंडराने लगा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। प्रतिदिन सरकारी अस्पताल में सात से आठ सौ के लगभग मरीज दिखाने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 40 फीसदी मरीज वायरल, खांसी, बुखार और जुकाम के निकल रहे हैं। फिजीशियन के चैंबरों में मरीजों की भीड़ जुट हुई है। ऐसे में अगर किसी का बुखार तीन दिन के बाद भी नहीं उतर रहा है, तो डॉक्टर उसकी डेंगू की जांच कर रहे हैं। फिरोजाबाद और मथुरा में डेंगू के केस मिलने के बाद जिला स्तर पर भी अलर्ट जारी हुआ था। जिला अस्पताल और सीएचसी स्तर पर डेंगू वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक अस्पतालों में डेंगू वार्ड नहीं बना हैं। शुक्रवार को भी जिला अस्पताल में मरीजों की लाइन लगी रही। शुक्रवार को 768 की ओपीडी रही। इनमें 40 फीसदी मरीज वायरल- फीवर के थे। बृहस्पतिवार को शहर के अवध नगर कॉलोनी में रहने वाली एक दस साल की मासूम में संभावित डेंगू के लक्षण मिले थे। और मलेरिया के 14 केस भी आ चुके हैं। हालांकि अभी तक डेंगू का जिले में कोई मरीज नहीं मिला है और न ही बुखार का कोई गंभीर मरीज सामने आया है। अगर हालात बिगड़े तो यह लापरवाह रवैया भारी पड़ सकता है।
विज्ञापन
डेंगू को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। मलेरिया विभाग के साथ जिला अस्पताल में भी तैयारियां पूरी है। वार्ड भी तैयार हो चुका है। फिलहाल अभी तक बुखार व डेंगू का मरीज भर्ती नहीं है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
विज्ञापन