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सीएचसी अमरिया : गांवों में फैला बुखार, मगर सीएचसी तो खुद बीमार

Tue, 25 May 2021 12:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 25 May 2021 12:52 AM IST
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Health
पीलीभीत/अमरिया। कोरोना संक्रमण में भी सीएचसी अमरिया की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हो पाई। इलाज के अभाव में क्षेत्र के करीब 20 लोग जान गवां चुके हैं और 30 संक्रमित निकल चुके हैं, जबकि इतने ही बीमार हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग का ध्यान सुविधाएं दुरुस्त करने पर नहीं है। स्टाफ अधिकांश समय नदारद मिलता है, जिसके चलते मरीज बैरंग होने को मजबूर हैं। सर्दी, बुखार और जुकाम की भी जांच और दवा नहीं दी जा रही। टीकाकरण करने के बाद कर्मचारी ढूंढे नहीं मिलते।
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तहसील अमरिया में बने सामुदायिक केंद्र बना हुआ है। जहां उदयपुर, हरीपुर,कैचूटांडा, चटिया, भैसहा, मुगलखेड़ा, गोपालपुर, सिरसा, मुड़लिया गौसू, बक्शपुर निसरा और बड़ेपुरा समेत दर्जनों गांवों के मरीज इलाज की आस में यहां पहुंचते हैं। मरीजों को इलाज देने के लिए तीन डॉक्टर, दो स्टाफ नर्स, एक वार्ड ब्वॉय, एक फार्मासिस्ट और एक स्वीपर कार्यरत है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के बाद ओपीडी को बंद कर दिया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इमरजेंसी सुविधा 24 घंटे चालू है। सोमवार को सीएचसी पर पड़ताल की गई तो सुबह 10 बजे सीएचसी के गेट पर भीड़ लगी हुई थी, इमरजेंसी में ताला लगा हुआ था। इसके अलावा पूरे परिसर में कोई स्वास्थ्य कर्मी दिखाई नहीं दिया। टीकाकरण स्थल पर मात्र एक- दो लोग ही टीका लगवाने के लिए बैठे हुए थे। वहां बैठे मरीजों से बात की गई। तो ग्रामीणों ने अलग-अलग समस्या बताते हुए इलाज के लिए आने की बात कही, कुछ ने तो दो दिन से चक्कर लगाना भी बताया। 12 बजे के बाद एक स्वास्थ्य कर्मी वहां पहुंचता है, जोकि मरीजों का इलाज करने के बजाए उन्हें जिला अस्पताल जाने की बात कहकर वापस हो गया। सीएचसी से जुड़े इलाकों में संक्रमण भी फैला हुआ है। अभी दो दिन पहले ही डंडिया गांव में चार साल के मासूम समेत 30 संक्रमित निकले थे। हर्रायपुर गांव में बुखार आने के बाद दस से अधिक की जान चली गई है। अधिकांश घरों बुखार, खांसी, जुकाम, सर्दी और सिरदर्द के मरीज हैं। मगर उन्हें भी इलाज नहीं मिल पा रहा।
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टीकाकरण में भी पिछड़े
न तो ग्रामीणों को इलाज दिया जा सका है। वहीं, टीकाकरण के लक्ष्य में भी पिछड़े हुए हैं। एक अप्रैल से 45 साल वाले लोगों का टीकाकरण शुरू कराया था। अमरिया ब्लॉक में जनसंख्या की बात करें तो वहां 260317 है। शासन ने यहां पर 16254 का टारगेट दिया। जिसमें सिर्फ 14794 का ही टीकाकरण हो सका है। सोमवार को भी 500 लोगों का टारगेट मिला था। जिसमें शाम पांच बजे तक महज 200 लोगों ही टीकाकरण हो सका था।
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दो दिन से बुखार और खांसी आ रही थी। इसलिए सीएचसी पर दवा लेने के लिए गए थे, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इसलिए गांव के डॉक्टर से दवा लेकर काम चल रहे हैं। - चंद्रकली, अमरिया
इस वक्त सीएचसी पर मरीजों की कोई भी सुनने वाला नहीं है। अगर वहां जाओ तो टीकाकरण की बात करते हैं, लेकिन बुखार और खांसी की दवा मांगने पर मना कर दिया जाता है।- राकेश कुमार,भौनी
अस्पताल में इस समय कोई भी डॉक्टर देखने को वह दवा देने को तैयार नहीं है। ऐसे में गरीबों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। और गांव में झोलाछाप से ही अपना इलाज कराना पड़ रहा है।-मोहम्मदी बेगम , अमरिया

सीएचसी के सिर्फ दो डॉक्टरों की ड्यूटी एल-2 में लगाई गई थी। जो वह समय पूरा कर चुके हैं। जल्द ही ड्यूटी ज्वाइन करेंगे। बाकी लोग वहां मौजूद हैं। अगर लापरवाही मिली। तो कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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