{"_id":"604e4f138ebc3e59144f10bd","slug":"health-pilibhit-news-bly440587195","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंखे लाल या फिर गले में खराश तो भी कराएं कोरोना की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंखे लाल या फिर गले में खराश तो भी कराएं कोरोना की जांच
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पीलीभीत। संक्रमितों में कोरोना वायरस की सटीक पहचान के लिए दुनिया भर में चल रहे शोध के बावजूद अब तक ज्यादा पता नहीं लगाया जा सका है। अब जो स्ट्रेन मुंबई, पुणे और नागपुर में पहुंचा है उसकी पहचान सिर्फ सर्दी, बुखार या स्वाद पता न चलने से ही नहीं हो रही। चार नए लक्षण देख भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ संक्रमण का अंदेशा जता रहे हैं। जैैसे अगर आंखें लाल हैं या गले में खराश है तो ये भी कोरोना संक्रमण का लक्षण हो सकता हैं। चिकित्सकों ने अब ऐसे ही सात लक्षण दिखने पर जांच कराने की सलाह दी है।
चिकित्सकों के मुताबिक वायरस अब तक कई बार अपना स्वरूप बदल चुका है। अब विदेशों में जो स्ट्रेन निकलकर आया है, वह बेहद घातक है। हालांकि, भारत में अभी जो स्ट्रेन मिला है वह जानलेवा नहीं है। इसकी वजह यहां के लोगों की इम्युनिटी पावर बेहतर होना माना जा रहा है। महाराष्ट्र, पंजाब, केरल, तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने पर प्रदेश में शासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही बाहर राज्यों से आने वालों की सैंपलिंग कराई जा रही है। कोविड नोडल डॉ. सीएम चतुर्वेदी के मुताबिक विदेश में वायरस पर हुए शोध में पता चला कि संक्रमण रुख आंखों पर दिखाई दे रहा है। जो लोग विदेश से लौट रहे हैं, उनमें यह वायरस मिल सकता है। इसलिए सख्ती के साथ सैपलिंग कराई जा रही है। अब जो वायरस विदेश से आ रहा है, उसकी पहचान तीन नहीं बल्कि सात लक्षणों पर हो सकेगी। आंखों में वायरस लंबे समय तक जीवित रह सकता है। अगर आंखों में दर्द, जलन और पानी आने के साथ कई दिन आंखें लाल हो रही है और बुखार आए तो भी यह वायरस का प्रमुख लक्षण हो सकता है। कोरोना संक्रमण का खतरा हो सकता है।
शरीर में दर्द, गले में खराश, आंखों से पानी आना, सिरदर्द, डायरिया, त्वचा पर चकत्ते पड़ना, पैर, हाथ की उंगलियों का फीका पड़ना कोरोना के नए स्ट्रेन के मुख्य लक्षण हैं। अगर यह आशंका होती है। तो जांच जरूर कराएं। ओपीडी में आने वाले मरीजों की कोरोना की जांच कराने की सलाह दी जा रही है। - डॉ. रमाकांत सागर, वरिष्ठ फिजिशियन, जिला अस्पताल
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वायरल बीमारियों में आंखें लाल हो जाती हैं। इसमें कंजेक्टिवायटिस, पॉलीकुलर एलर्जी स्प्रिंगकटर आदि शामिल हैं। इसलिए ऐसी समस्या होने पर घबराएं नहीं, चिकित्सक की सलाह लें। लक्षण होने का मतलब यह नहीं है कि कोरोना संक्रमण है, मगर आंखों में वायरस लंबे समय तक जीवित रहकर किसी तरह मुंह या नाक में पहुंचा तो संक्रमित कर सकता है। कोरोना के लक्षण दिखने शुरू हों तो जांच जरूर कराएं। - डॉ. एन के बालियान, आंख विशेषज्ञ
कोरोना संक्रमण को लेकर टीमें सक्रिय कर दी गई है। बाहर से आने वालों की जांच कराई जा रही है। एयरपोर्ट से मिलने वाली सूची पर यात्रियों की जांच करते हैं। लोगों से अपील है कि कोरोना संक्रमण के प्रति लापरवाही न बरतें। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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चिकित्सकों के मुताबिक वायरस अब तक कई बार अपना स्वरूप बदल चुका है। अब विदेशों में जो स्ट्रेन निकलकर आया है, वह बेहद घातक है। हालांकि, भारत में अभी जो स्ट्रेन मिला है वह जानलेवा नहीं है। इसकी वजह यहां के लोगों की इम्युनिटी पावर बेहतर होना माना जा रहा है। महाराष्ट्र, पंजाब, केरल, तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने पर प्रदेश में शासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही बाहर राज्यों से आने वालों की सैंपलिंग कराई जा रही है। कोविड नोडल डॉ. सीएम चतुर्वेदी के मुताबिक विदेश में वायरस पर हुए शोध में पता चला कि संक्रमण रुख आंखों पर दिखाई दे रहा है। जो लोग विदेश से लौट रहे हैं, उनमें यह वायरस मिल सकता है। इसलिए सख्ती के साथ सैपलिंग कराई जा रही है। अब जो वायरस विदेश से आ रहा है, उसकी पहचान तीन नहीं बल्कि सात लक्षणों पर हो सकेगी। आंखों में वायरस लंबे समय तक जीवित रह सकता है। अगर आंखों में दर्द, जलन और पानी आने के साथ कई दिन आंखें लाल हो रही है और बुखार आए तो भी यह वायरस का प्रमुख लक्षण हो सकता है। कोरोना संक्रमण का खतरा हो सकता है।
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शरीर में दर्द, गले में खराश, आंखों से पानी आना, सिरदर्द, डायरिया, त्वचा पर चकत्ते पड़ना, पैर, हाथ की उंगलियों का फीका पड़ना कोरोना के नए स्ट्रेन के मुख्य लक्षण हैं। अगर यह आशंका होती है। तो जांच जरूर कराएं। ओपीडी में आने वाले मरीजों की कोरोना की जांच कराने की सलाह दी जा रही है। - डॉ. रमाकांत सागर, वरिष्ठ फिजिशियन, जिला अस्पताल
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वायरल बीमारियों में आंखें लाल हो जाती हैं। इसमें कंजेक्टिवायटिस, पॉलीकुलर एलर्जी स्प्रिंगकटर आदि शामिल हैं। इसलिए ऐसी समस्या होने पर घबराएं नहीं, चिकित्सक की सलाह लें। लक्षण होने का मतलब यह नहीं है कि कोरोना संक्रमण है, मगर आंखों में वायरस लंबे समय तक जीवित रहकर किसी तरह मुंह या नाक में पहुंचा तो संक्रमित कर सकता है। कोरोना के लक्षण दिखने शुरू हों तो जांच जरूर कराएं। - डॉ. एन के बालियान, आंख विशेषज्ञ
कोरोना संक्रमण को लेकर टीमें सक्रिय कर दी गई है। बाहर से आने वालों की जांच कराई जा रही है। एयरपोर्ट से मिलने वाली सूची पर यात्रियों की जांच करते हैं। लोगों से अपील है कि कोरोना संक्रमण के प्रति लापरवाही न बरतें। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ