फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   health issue

जिंदगी से खिलवाड़: जिला अस्पताल में एक्सपायर दवाओं से किया जा रहा है मरीजों का इलाज

Wed, 18 Nov 2020 01:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 18 Nov 2020 01:03 AM IST
विज्ञापन
health issue
जानकारी देता मरीज अकबर - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से चार मरीजों की जान पर बन आई है। तीमारदारों का आरोप है कि उनके मरीजों को 15 दिन से जो इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं वह एक्सपायर हो चुके हैं। मंगलवार को तीमारदारों ने इस बात को लेकर अस्पताल में काफी हंगामा किया, बाद में कुछ तीमारदारों ने अपने-अपने मरीज रेफर भी करा लिए। उधर, सीएमएस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। फिर बैच नंबर की दवा की सप्लाई अस्पताल में न होने की बात कहते हुए इसे साजिश करार दिया।
विज्ञापन

शहर के मोहल्ला खुुशीमल निवासी 50 वर्षीय अकबर लंबे समय से अस्थमा की बीमारी से जूझ रहे हैं। परिवार वालों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वार्ड नंबर पांच में भर्ती हैं, इलाज चल रहा है। इसी वार्ड में गजरौला के अंडरायन गांव निवासी खूबचंद पुत्र डालचंद, जगरौली आशा गांव निवासी आत्मराम पुत्र कोमिल प्रसाद और भगवानदास पुत्र उमराव लाल भी भर्ती हैं। सोमवार देर शाम मरीजों को दवा दी गई। मरीज खूबचंद के एक रिश्तेदार उन्हें देखने के लिए पहुंचे थे। बातचीत के दौरान जब उन्होंने अस्पताल की तरफ से दी गई दवा को चेक किया तो उनके होश उड़ गए।
विज्ञापन

डेक्सामेथासोन और इमीनोरम का इंजेक्शन सितंबर 2020 को एक्सपायर (कालातीत) हो चुका था। यह इंजेक्शन वर्ष 2018 में बना था। वार्ड में भर्ती चार अन्य मरीजों के पास रखी दवाइयां देखी गईं तो उनके पास भी एक्सपायर इंजेक्शन मिले। वार्ड में अफरातफरी मच गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

जानकारी मिलते ही सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन मौके पर पहुंचे। उन्होंने इंजेक्शन देखा तो वह एक्सपायर था। उन्होंने स्टोर खुलवाकर पड़ताल की। सीएमएस ने बताया कि इस बैच नंबर की दवा की सप्लाई उनके अस्पताल में नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दवा अस्पताल के स्टोर से नहीं आई है। उधर, एक्सपायर दवाएं लगाए जाने का शोर मचते ही आनन-फानन में तीमारदारों ने मरीजों को रेफर कराना शुरू कर दिया। मरीजों के परिवार वालों ने प्रशासनिक अधिकारियों से भी शिकायत की।
पर्चे में भी नहीं लिखा इन इंजेक्शनों का नाम
वार्ड में भर्ती मरीजों का चेकअप करने के लिए प्रतिदिन डॉक्टर पहुंचते हैं। चेकअप करने के दौरान उनके पर्चे पर दवा लिखते हैं। मगर इन एक्सपायरी इंजेक्शन का नाम पर्चों पर नहीं था। डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि डेक्सामेथासोन इंजेक्शन लिखा ही नहीं गया है। न ही इस बैच नंबर के इंजेक्शन की सप्लाई अस्पताल में आती है। अब अस्पताल प्रशासन असमंजस में है कि आखिर यह इंजेक्शन आए कहां से? मगर मरीजों का परिवार स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा यह दवाएं उन्हें उपलब्ध कराए जाने की बात कह रहे हैं।

जो इंजेक्शन एक्सपायर निकले हैं उस बैच की दवा की सप्लाई अस्पताल में नहीं हुई है। दवाओं का सारा स्टॉक चेक किया जा चुका है। किसी ने बदनाम करने के लिए साजिश रची है। इस इंजेक्शन के बैच नंबर से पता कराया जा रहा है कि इस इंजेक्शन की सप्लाई किस सरकारी अस्पताल को दी गई थी। साथ ही स्टाफ को चेतावनी दी गई है कि दवा देखने के बाद ही मरीज को दें। - डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, सीएमएस, जिला पुरुष अस्पताल

एक्सपायरी इंजेक्शन

एक्सपायरी इंजेक्शन- फोटो : PILIBHIT

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed