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ई-रिक्शा वितरण के नाम पर हुई सिर्फ घोषणा
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sun, 06 Nov 2016 11:10 PM IST
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ई-रिक्शा वितरण के नाम पर हुई सिर्फ घोषणा
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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कैबिनेट मंत्री आजम खां ने पिछले दिनों गांधी स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित कर 319 रिक्शा पोलरों को ई-रिक्शा वितरित किए थे, लेकिन उस दिन जिन रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा वितरण की बात कही गई थी, उन्हें अभी तक यह रिक्शा नहीं मिल सके हैं। कार्यक्रम के बाद से ही ये सभी ई-रिक्शा अभी भी गांधी स्टेडियम में ही खड़े हैं। बताया जाता है कि ऐसा इस लिए है क्योंकि आजम खां के निर्देश पर कंपनी ने ई-रिक्शे तो भेज दिए, लेकिन शासन से इसकी धनराशि न मिलने के कारण अभी तक इन्हें विभाग को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। इसी के चलते लाभार्थियों को यह रिक्शा हैंडओवर नहीं किए जा सके हैं।
नगरपालिका/नगर पंचायत में पंजीकृत रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा वितरण के लिए संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री मो. आजम खां 27 अक्तूबर को पीलीभीत आए थे। गांधी स्टेडियम में हुए कार्यक्रम में उन्होंने 319 रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा वितरण की घोषणा की थी। इसमें बीसलपुर के 197, पीलीभीत के 66, पूरनपुर के 38 और बिलसंडा नगर पंचायत के 18 रिक्शा चालक चयनित किया गया था। ई-रिक्शा मिलने की उम्मीद में रिक्शा चालक काफी खुश थे, लेकिन कैबिनेट मंत्री के जाने बाद सभी को खाली हाथ लौटा दिया गया। दरअसल कैबिनेट मंत्री द्वारा ई-रिक्शा वितरण का कार्यक्रम अचानक तय होने पर कंपनी से ई-रिक्शा तो उपलब्ध करा दिए गए, लेकिन न तो कंपनी का इसका भुगतान मिला और न ही कंपनी ने अभी तक इन्हें विभाग को हैंडओवर किया है। इससे 10 दिन बाद भी ई-रिक्शे गांधी स्टेडियम में ही शोपीस बने खड़े हुए हैं।
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नगरपालिका/नगर पंचायत में पंजीकृत रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा वितरण के लिए संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री मो. आजम खां 27 अक्तूबर को पीलीभीत आए थे। गांधी स्टेडियम में हुए कार्यक्रम में उन्होंने 319 रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा वितरण की घोषणा की थी। इसमें बीसलपुर के 197, पीलीभीत के 66, पूरनपुर के 38 और बिलसंडा नगर पंचायत के 18 रिक्शा चालक चयनित किया गया था। ई-रिक्शा मिलने की उम्मीद में रिक्शा चालक काफी खुश थे, लेकिन कैबिनेट मंत्री के जाने बाद सभी को खाली हाथ लौटा दिया गया। दरअसल कैबिनेट मंत्री द्वारा ई-रिक्शा वितरण का कार्यक्रम अचानक तय होने पर कंपनी से ई-रिक्शा तो उपलब्ध करा दिए गए, लेकिन न तो कंपनी का इसका भुगतान मिला और न ही कंपनी ने अभी तक इन्हें विभाग को हैंडओवर किया है। इससे 10 दिन बाद भी ई-रिक्शे गांधी स्टेडियम में ही शोपीस बने खड़े हुए हैं।
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