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छात्रा से दुष्कर्म का मामला: प्रोफेसर कामरान आलम के बरी होने के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी सरकार

Mon, 03 Apr 2023 02:57 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 03 Apr 2023 02:57 PM IST
सार

छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आए स्थानीय अदालत के फैसले के खिलाफ जिला शासकीय अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है। वहीं पीड़ित परिवार ने भी कहा कि वे हार नहीं मानेंगे। पुलिस की कमजोर पैरवी के कारण प्रोफेसर दोषमुक्त हुए हैं। 

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Government will go to High Court against the decision of acquittal Professor Kamran Alam Khan
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

पीलीभीत के महिला महाविद्यालय की छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आरोपी प्रोफेसर को बरी किए जाने के स्थानीय अदालत के फैसले के खिलाफ सरकार उच्च न्यायालय में अपील करेगी। पुलिस की कमजोर विवेचना और गवाहों के अदालत तक न पहुंचना प्रोफेसर के दोषमुक्त होने का बड़ा कारण रहा। जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) महेंद्र कुमार गंगवार का कहना है कि मुकदमे में जो खामियां रह गई होंगी, उन्हें उजागर करते हुए फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी। वहीं पीड़िता के परिजनों ने भी कहा है कि वे हार नहीं मानेंगे।

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मूलरूप से रामपुर निवासी प्रोफेसर कामरान आलम खान के खिलाफ महिला महाविद्यालय की छात्रा ने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए 21 नवंबर 2021 को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया था कि महाविद्यालय की कुछ अन्य लड़कियां भी रैकेट में शामिल हैं, वह प्रोफेसर के दबाव में हैं। सबको धमकी दी जाती थी।

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पुलिस की कमजोर पैरवी रही वजह 

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पीड़िता के परिवार पर काफी दबाव डाला गया लेकिन वह नहीं झुके। इसके बाद पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर कामरान आलम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अदालत ने पुलिस की कमजोर पैरवी की वजह से शनिवार को प्रोफेसर कामरान को दोषमुक्त करार दे दिया। 

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पुलिस ने पीड़िता के समर्थन में जिन लोगों के बयान दर्ज किए थे, उन्हें अदालत नहीं ला सकी। इसके अलावा कमजोर विवेचना का भी आरोपी को लाभ मिला। ऐसे में खुद पुलिस अपने साक्ष्यों को अदालत में साबित नहीं कर सकी। इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता का कहना है कि सरकार इस मामले में अब उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी।

पीड़िता का परिवार बोला- हार नहीं मानेंगे

फैसला आने के बाद पीड़ित छात्रा का परिवार गुमसुम है। थाने से लेकर कोर्ट कचहरी तक पीड़िता के साथ रहने वाली व उसे हिम्मत बंधाने वाली चाची ने कहा कि हम हार नहीं मानेंगे। पीड़िता इंसाफ के लिए थाने से लेकर कोर्ट कचहरी तक गई। 

उन पर समझौते के लिए दबाव बनाया गया, परेशान किया गया, लेकिन वे टूटे नहीं। परिवार ने अभी हिम्मत नहीं हारी है। परिवार भी मुकदमे में सजा न होने के पीछे पुलिस की कमजोर विवेचना को दोषी मान रहा है। उनका कहना है कि गवाहों को अदालत तक ले जाना व बयान करवाना पुलिस का काम है, मगर ऐसा नहीं हो सका।

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