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छात्राएं स्वस्थ रहकर ही हो पाएंगी कामयाब

Tue, 28 Dec 2021 01:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 28 Dec 2021 01:15 AM IST
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Girls will be successful only by staying healthy
बीसलपुर के सूरजभान डिग्री कालेज में आयेजित कार्यक्रम में बोलतीं डॉ. शृंखला मिश्रा। संवाद - फोटो : PILIBHIT
बीसलपुर। छात्राएं शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर ही अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगी। इसके बाद ही वह अपराजिता बन सकती हैं। यह कहना है सीएचसी की चिकित्सक शृंखला मिश्रा का।
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वह सोमवार को सूरजभान डिग्री कॉलेज में अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि छात्राओं को आगे चलकर कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं, इसलिए उनका शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। कॉलेज के डायरेक्टर ऋषभ खंडेलवाल ने बतौर विशिष्ट अतिथि कहा कि छात्राएं अपने को छात्रों से किसी भी मामले में कम न समझें। छात्राएं सही दिशा में आगे बढ़ते हुए अपने मकसद को प्राप्त कर सकती हैं। प्रधानाचार्य डॉ. अशुंभान भदौरिया ने अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं ने अहिल्याबाई, गार्गी, दुर्गावती और लक्ष्मीबाई के रूप में देश का नाम रोशन किया है। कॉलेज की छात्राएं भी आगे चलकर ऊंचे पदों पर पहुंचकर नाम रोशन कर सकती हैं। कार्यक्रम में कुछ छात्राओं ने डॉक्टर से स्वास्थ्य से संबंधित सवाल पूछे। डाक्टर ने उन सवालों का जवाब दिया। संचालन अरविंद मिश्रा ने किया। वहीं मुख्य अतिथि ने छात्राओं को नारी गरिमा को अक्षुण्य बनाए रखने की शपथ दिलाई। साथ ही कोरोनो से बचाव के लिए मास्क लगाने का भी संदेश दिया।
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छात्राओं ने पूछे ये सवाल
0 लगातार घट रहे वजन को कैसे रोकें।
0 स्वस्थ कैसे रहा जा सकता है।
0 अनीमिया कैसे दूर हो सकता है।
0 मॉस्क न लगाने से क्या नुकसान हो सकता है।
0 कोरोना की एक खुराक लेने के बाद क्या दूसरी खुराक जरूरी है।
कुछ परिवारों में बालक और बालिकाओं के मध्य भेदभाव किया जाता है, जो गलत है। बालिकाओं के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
- नूतन गंगवार, बीएससी तृतीय वर्ष
कुछ स्थानों पर छात्राओं को छात्रों से कम आंका जाता है। यह लोगों की गलतफहमी है। छात्राएं किसी भी मायने में छात्रों से कम नहीं है।
- रिया अग्रिहोत्री, बीएससी द्वितीय वर्ष।
भारतीय संविधान ने महिलाओं की सुरक्षा के काफी कानून बनाए हैं। छात्राएं और महिलाएं जरूरत पड़ने पर उन कानूनों का लाभ उठा सकती हैं। अंशु गंगवार, बीएससी द्वितीय वर्ष।
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महिलाएं सरल अवश्य होती है, लेकिन कमजोर नहीं होती। कुछ लोग महिलाओं को अज्ञानतावश कमजोर समझने लगते हैं, जो उनका भ्रम है। - छाया, बीएससी तृतीय वर्ष।
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