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Pilibhit News: विशेषज्ञ चिकित्सकों व स्टाफ की कमी से जूझ रहे गजरौला के तीन पीएचसी

Fri, 28 Aug 2026 01:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 01:20 AM IST
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Gajraula's three PHCs grappling with a shortage of specialist doctors and staff.
गजरौला/पीलीभीत। गजरौला क्षेत्र के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गांधीनगर, सुहास और गजरौला एमबीबीएस डॉक्टरों और फार्मासिस्ट की कमी से जूझ रहे हैं। इस कारण यहां पहुंचने वाले मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है।
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सबसे बड़ी चिंता यह है कि गजरौला से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूरनपुर और जिला मुख्यालय, दोनों ही अलग-अलग मार्गों पर करीब 20 किलोमीटर दूर हैं। ऐसे में किसी मरीज की हालत गंभीर होने या आपातकालीन स्थिति बनने पर उसे समय पर इलाज मिलना चुनौती बन जाता है। अगर इन पीएचसी पर नियमित डॉक्टरों की तैनाती हो जाए तो क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सकती है।
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गांधीनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किसी भी एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती नहीं है। यहां न्यूरिया से डॉ. रमेश केवल रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले में आते हैं। शेष दिनों में फार्मासिस्ट सुनील वर्मा स्वास्थ्य केंद्र का संचालन संभालते हैं। हालांकि यहां स्टाफ नर्स, एएनएम, लैब टेक्नीशियन, वार्ड बॉय और स्वीपर तैनात हैं। वहीं, सुहास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। यहां न तो एमबीबीएस डॉक्टर हैं और न ही स्थायी फार्मासिस्ट। एक संविदा नर्स, एएनएम, वार्ड बॉय और स्वीपर के भरोसे अस्पताल संचालित हो रहा है। रविवार को जन आरोग्य मेले के दौरान डॉ. विजय प्रकाश तिवारी मरीजों को देखते हैं। लैब टेक्नीशियन भी केवल उसी दिन उपलब्ध रहते हैं, जबकि दो प्रशिक्षु फार्मासिस्ट दवाओं की व्यवस्था संभाल रहे हैं।
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गजरौला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुछ समय पहले एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती हुई थी, लेकिन करीब एक माह पहले उन्हें सीएचसी न्यूरिया से संबद्ध कर दिया गया। इसके बाद यहां कोई नियमित डॉक्टर नहीं बचा। वर्तमान में संविदा चिकित्सक डॉ. निशा साना के भरोसे स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं। अस्पताल में आयुष फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, एएनएम, लैब टेक्नीशियन, वार्ड बॉय, चौकीदार, स्वीपर और अन्य स्टाफ उपलब्ध है, लेकिन एमबीबीएस डॉक्टर और एलोपैथिक फार्मासिस्ट की कमी अब भी बनी हुई है।
सीएमओ डॉ. बीसी पंत ने कहना है कि एमबीबीएस चिकित्सकों की समय-समय गजरौला में ड्यूटी लगाई जाती है, स्टाफ बढ़ाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद
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