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Pilibhit News: भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष, मझोला चेयरमैन समेत तीन पर धोखाधड़ी का आरोप

Tue, 09 Jun 2026 01:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2026 01:30 AM IST
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Former BJP district president, Majhola chairman and three others accused of fraud
महिला ने की फर्जी रसीदें तैयार कर पांच लाख रुपये हड़पने की शिकायत, कोर्ट ने सीओ सदर से 7 जुलाई तक मांगी जांच रिपोर्ट
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पीलीभीत। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, उनकी पत्नी भावना सिंह, राजीव प्रताप सिंह और मझोला नगर पंचायत चेयरमैन निशांत प्रताप सिंह पर भूमि खरीद के मामले में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले में न्यायालय ने पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) सदर को जांच कर 7 जुलाई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
न्यूरिया क्षेत्र की निवासी नंदरानी देवी का आरोप है कि वर्ष 2017 में ग्राम भिंडारा, मझोला स्थित गाटा संख्या 241 की 0.089 हेक्टेयर भूमि का सौदा आरोपियों से हुआ था। आरोप है कि 6 फरवरी 2017 को भूमि का बैनामा भावना सिंह के नाम 5.69 लाख रुपये में कराया गया, जिसमें 69 हजार रुपये नकद और पांच लाख रुपये का चेक दिए जाने का उल्लेख किया गया था।
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नंदरानी देवी का कहना है कि बैनामे के बाद भी उन्हें पांच लाख रुपये का भुगतान नहीं मिला। आरोप है कि बाद में चेक वापस ले लिया और न तो उसका भुगतान किया, न ही दूसरा चेक जारी किया। सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी में भारतीय स्टेट बैंक की ओर से संबंधित चेक का भुगतान कभी न होने की पुष्टि होने का दावा किया गया है। इसके बाद नंदरानी देवी ने बैनामा निरस्तीकरण का वाद न्यायालय में दायर किया। उनका आरोप है कि मुकदमे के दौरान विपक्षी पक्ष ने पांच लाख रुपये भुगतान दर्शाने के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये की दो रसीदें अदालत में प्रस्तुत कीं, जिन पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार रसीदों पर किए गए हस्ताक्षरों की जांच फोरेंसिक विशेषज्ञ से कराई गई। 21 अप्रैल 2026 को जारी रिपोर्ट में हस्ताक्षरों को फर्जी बताया गया। इसके आधार पर उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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इसके बाद नंदरानी देवी ने न्यायालय की शरण ली। संवाद
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