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Pilibhit News: सामान नहीं मिलने से बाढ़ बचाव कार्य सप्ताहभर से ठप
Sat, 24 May 2025 11:53 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 24 May 2025 11:53 PM IST
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गांव राहुलनगर के पास ठप पड़ा बाढ़ बचाव कार्य स्रोत :ग्रामीण
पूरनपुर। शारदा नदी की बाढ़ और कटान से बचाव के लिए गांव राहुलनगर के समीप चल रहा कार्य करीब एक सप्ताह से ठप पड़ा है। काम रुकने का कारण मैटेरियल (सामग्री) न मिलना बताया जा रहा है। अब तक 17 कटर में मात्र दो कटर बने हैं। परकोपाइन के जाल का काम भी शुरू नहीं किया गया है।
शारदा नदी हर साल क्षेत्र में तबाही मचाती है। पिछले साल क्षेत्र को बाढ़ और कटान से बचाने के लिए नौ करोड़ रुपये की लागत से नदी का चेनेलाइजेशन कराया गया था। इतनी ही लागत से गांव चंदिया हजारा के समीप डौला (तटबंध का रूप) बनाया गया, मगर पहली बाढ़ में ही डौला कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गया और नदी ने जमकर तबाही मचाई।
चंदिया हजारा के समीप तक बने डौला को क्षेत्र के लोग राहुलनगर के समीप तक बनाने की मांग कर रहे थे। बाढ़ और कटान से बचाव के लिए चंदिया हजारा, राहुलनगर के समीप कटर और परकोपाइन बनाने की स्वीकृति मिलने पर चंदिया हजारा के समीप कार्य शुरू किया गया था, जो 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
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राहुलनगर के समीप कार्य शुरू न होने से लोगों में रोष था। विधायक बाबूराम पासवान ने दोनों स्थानों पर बचाव कार्य का शुभारंभ 29 मार्च को कराया था। 12 मई को गांव राहुलनगर के समीप काम शुरू किया गया था, मगर सप्ताह भर पहले से काम ठप है। बचाव कार्य में 17 कटर बनाकर परकोपाइन बनाई जानी थी। अब तक मात्र दो कटर ही बन पाए है। वजह मैटेरियल न होना बताया जा रहा है। कब मैटेरियल आएगा और कब काम शुरू होगा। इसको लेकर क्षेत्र के लोग चिंतित है।
वर्जन
मैटेरियल न मिलने से काम रुका है। परकोपाइन में लगने वाली प्लास्टिक की रस्सी नहीं मिल रही है। प्रदेश में इसकी किल्लत होने से काम प्रभावित हो रहा है। सामग्र्री शीघ्र पहुंचे, इसकी कोशिश की जा रही है। मंगलवार तक मैटेरियल पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद तेजी से काम कराया जाएगा। आशुतोष कुमार, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
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शारदा नदी हर साल क्षेत्र में तबाही मचाती है। पिछले साल क्षेत्र को बाढ़ और कटान से बचाने के लिए नौ करोड़ रुपये की लागत से नदी का चेनेलाइजेशन कराया गया था। इतनी ही लागत से गांव चंदिया हजारा के समीप डौला (तटबंध का रूप) बनाया गया, मगर पहली बाढ़ में ही डौला कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गया और नदी ने जमकर तबाही मचाई।
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चंदिया हजारा के समीप तक बने डौला को क्षेत्र के लोग राहुलनगर के समीप तक बनाने की मांग कर रहे थे। बाढ़ और कटान से बचाव के लिए चंदिया हजारा, राहुलनगर के समीप कटर और परकोपाइन बनाने की स्वीकृति मिलने पर चंदिया हजारा के समीप कार्य शुरू किया गया था, जो 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
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राहुलनगर के समीप कार्य शुरू न होने से लोगों में रोष था। विधायक बाबूराम पासवान ने दोनों स्थानों पर बचाव कार्य का शुभारंभ 29 मार्च को कराया था। 12 मई को गांव राहुलनगर के समीप काम शुरू किया गया था, मगर सप्ताह भर पहले से काम ठप है। बचाव कार्य में 17 कटर बनाकर परकोपाइन बनाई जानी थी। अब तक मात्र दो कटर ही बन पाए है। वजह मैटेरियल न होना बताया जा रहा है। कब मैटेरियल आएगा और कब काम शुरू होगा। इसको लेकर क्षेत्र के लोग चिंतित है।
वर्जन
मैटेरियल न मिलने से काम रुका है। परकोपाइन में लगने वाली प्लास्टिक की रस्सी नहीं मिल रही है। प्रदेश में इसकी किल्लत होने से काम प्रभावित हो रहा है। सामग्र्री शीघ्र पहुंचे, इसकी कोशिश की जा रही है। मंगलवार तक मैटेरियल पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद तेजी से काम कराया जाएगा। आशुतोष कुमार, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड