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Pilibhit News: गैंगस्टर एक्ट में पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा

Wed, 07 Aug 2024 04:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 07 Aug 2024 04:59 AM IST
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Five years rigorous imprisonment under Gangster Act
पीलीभीत। गैंगस्टर के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने पांच वर्ष चार माह के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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थाना बरखेड़ा के थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने गश्त के दौरान पाया था कि भन्नू उर्फ शमशाद, तौफीक उर्फ गोदीवाले, शकील उर्फ गोदीवाले, पप्पू उर्फ वीरेंद्र पाल, मुकेश जाटव, राशिद, कमर, अकरम व कासिम गैंग बनाकर विभिन्न अपराध करते हैं। सभी आरोपियों की पत्रावली तैयार कर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के लिए डीएम कार्यालय भेजी।
डीएम के आदेश पर सभी आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया। बाद विवेचना आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। अभियुक्त कटकवारा निवासी मुकेश जाटव की पत्रावली को अलग करते हुए विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट/ पंचम) अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने उसे दोषी पाते हुए पांच वर्ष चार माह के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया।
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राजस्व का चूना लगाने पर दो लाख से अधिक की वसूली का आदेश
पीलीभीत। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने मां पदमावती रियल स्टेट कंपनी की निदेशक सुहानी अग्रवाल को राजस्व को चूना लगाने के मामले में दोषी ठहराते हुए दो लाख से अधिक की वसूली करने के आदेश दिए हैं।
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गाजियाबाद स्थित तकनीकी परीक्षण प्रकोष्ठ के निरीक्षण के बाद आई ऑडिट आपत्ति के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद योजित किया गया। जिसमें कहा गया कि वसुंधरा कॉलोनी निवासी निदेशक सुहानी अग्रवाल व सचिन अग्रवाल ने भूमि की कुल मालियत 26.95 लाख रुपये दिखाते हुए 1.89 लाख रुपये का स्टांप शुल्क एवं 26,950 रुपये का निबंधन शुल्क अदा किया है। जबकि भूमि की कुल कीमत 56.07 लाख रुपये है। इस अनुसार 2.03 लाख रुपये का कमी स्टांप और 29,120 रुपये का निबंधन शुल्क अदा करना चाहिए था। जिलाधिकारी ने सभी पत्रावली का अवलोकन करने के बाद कमी स्टांप शुल्क 2.03 लाख रुपये, निबंधन शुल्क 29,120 रुपये और 50 हजार रुपये का जुर्माना सहित कुल 2.82 लाख रुपये डेढ़ प्रतिशत ब्याज के साथ वसूलने के आदेश दिए हैं। संवाद
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