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पांच क्रय एजेंसी प्रबंधकों का जवाब तलब
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sun, 23 Oct 2016 12:39 AM IST
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क्रय एजेंसी प्रबंधकों का जवाब तलब
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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शासन के बाद भी जिले में धान खरीद ठीक से शुरू नहीं हो पा रही है। इस पर डीएम ने समीक्षा बैठक में लापरवाही बरतने वाले पांच क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। लेकिन डीएम की कार्रवाई के बाद भी खरीद शुरू नहीं हुई है।
धान की फसल की मंडी में आवक 25 सिंतबर से प्रारंभ हो गई थी जबकि सरकारी धान खरीद पहली अक्तूबर से होनी थी, लेकिन शासन की नीतियों में कमी और स्थानीय अव्यवस्थाओं के चलते जिले में अब तक नाममात्र की धान खरीद हुई है। धान खरीद को लेकर डीएम ने शुक्रवार को खरीद एजेंसी के प्रबंधकों के साथ बैठक कर समीक्षा की। समीक्षा में स्थिति संतोषजनक न मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। इसमें पीसीएफ और एनसीएफ की खरीद शून्य होने एवं एसएफसी, एग्रो व कर्मचारी कल्याण निगम की नाम मात्र की खरीद के बाद भी फीडिंग न होने पर नोटिस जारी कर जवाब तलब करने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर पांचों जिला प्रबंधकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि डीएम की कार्रवाई के बाद भी खरीद व्यवस्था में प्रगति नहीं आई है। मंडी सहित क्षेत्र में लगे क्रय केंद्र सूने पड़े हैं और कहीं भी खरीद या तौल नहीं हो रही है। कुछ क्रय केंद्रों पर अभिलेखों में खरीद दर्शाकर नाम किया जा रहा है।
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धान की फसल की मंडी में आवक 25 सिंतबर से प्रारंभ हो गई थी जबकि सरकारी धान खरीद पहली अक्तूबर से होनी थी, लेकिन शासन की नीतियों में कमी और स्थानीय अव्यवस्थाओं के चलते जिले में अब तक नाममात्र की धान खरीद हुई है। धान खरीद को लेकर डीएम ने शुक्रवार को खरीद एजेंसी के प्रबंधकों के साथ बैठक कर समीक्षा की। समीक्षा में स्थिति संतोषजनक न मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। इसमें पीसीएफ और एनसीएफ की खरीद शून्य होने एवं एसएफसी, एग्रो व कर्मचारी कल्याण निगम की नाम मात्र की खरीद के बाद भी फीडिंग न होने पर नोटिस जारी कर जवाब तलब करने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर पांचों जिला प्रबंधकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि डीएम की कार्रवाई के बाद भी खरीद व्यवस्था में प्रगति नहीं आई है। मंडी सहित क्षेत्र में लगे क्रय केंद्र सूने पड़े हैं और कहीं भी खरीद या तौल नहीं हो रही है। कुछ क्रय केंद्रों पर अभिलेखों में खरीद दर्शाकर नाम किया जा रहा है।
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