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Pilibhit News: ट्रॉली के नीचे गुजरती किसानों की रात, गन्ने की पत्ती भी ला रहे साथ
Tue, 07 Jan 2025 12:34 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 07 Jan 2025 12:34 AM IST
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बाबूराम।
- फोटो : संवाद
बरखेड़ा। बजाज चीनी मिल बरखेड़ा में गन्ना लेकर पहुंचे किसानों को सर्द मौसम में ट्राॅली के नीचे लेटकर रात गुजारनी पड़ रही है। बिछाने और हाथ सेंकने के लिए किसानों को गन्ने की पत्ती भी साथ ही लानी पड़ रही है। मिल के केन यार्ड में अलाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
चीनी मिलों के केन यार्ड में किसान ठिठुर रहे हैं। जबकि, जिम्मेदार बेहतर व्यवस्थाओं के दावे कर रहे हैं। जिला गन्ना अधिकारी का कहना है कि सभी जगह व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। रविवार की रात 9:30 बजे बजाज चीनी मिल बरखेड़ा की पड़ताल में कई किसान ट्राॅली के नीचे सोते नजर आए। किशुनपुर के किसान विपिन कुमार और कई अन्य लोग अपनी-अपनी ट्रॉली के नीचे सोते दिखे। थोड़ी दूर पर ट्रॉली के पास खड़े किसानों ने बताया कि ट्रॉली के नीचे सोना मजबूरी है। कड़ाके की सर्दी में कब तक खुले आसमान के नीचे रहें।
गन्ने की तौल कराने में छह से सात घंटे का समय लग जाता है। चीनी मिल की ओर से केन यार्ड में किसानों के लिए अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मजबूरी में घर से ही कंबल और अन्य इंतजाम करके लाने पड़ते हैं।
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- बाबूराम, किसान गाजना
रविवार की शाम पांच बजे से ट्रैक्टर-ट्राॅली लाइन में लगाकर खड़े हैं। सुबह करीब तीन बजे तक तौल हो पाएगी। ट्राॅली पर गन्ने की पत्तियों को लादकर लाते हैं। ठंड से बचने के लिए पत्तियों को जलाकर तापते हैं।- कुलदीप कुमार, कटिया
जब फैक्टरी चालू हुई थी, तब किसान विश्रामालय और किसान कैंटीन की सुविधा थी। मगर पावर प्लांट बनने से अधिकांश सुविधाएं खत्म हो गईं। अब कहने के लिए विश्रामालय बनाकर छोड़ दिया है। उसमें कोई सुविधा नही है।
- विकास कुमार, ग्राम पैनिया हिम्मत
चीनी मिल के केन यार्ड और गन्ना खरीद केंद्रोंं पर अलाव की व्यवस्था कराई गई है। किसानों के बैठने को बेंच आदि रखवाने के निर्देश भी हैं। बरखेड़ा चीनी मिल के केन यार्ड और केंद्रों की जांच की जाएगी। व्यवस्थाएं कराई जाएंगी।- खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी
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चीनी मिलों के केन यार्ड में किसान ठिठुर रहे हैं। जबकि, जिम्मेदार बेहतर व्यवस्थाओं के दावे कर रहे हैं। जिला गन्ना अधिकारी का कहना है कि सभी जगह व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। रविवार की रात 9:30 बजे बजाज चीनी मिल बरखेड़ा की पड़ताल में कई किसान ट्राॅली के नीचे सोते नजर आए। किशुनपुर के किसान विपिन कुमार और कई अन्य लोग अपनी-अपनी ट्रॉली के नीचे सोते दिखे। थोड़ी दूर पर ट्रॉली के पास खड़े किसानों ने बताया कि ट्रॉली के नीचे सोना मजबूरी है। कड़ाके की सर्दी में कब तक खुले आसमान के नीचे रहें।
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गन्ने की तौल कराने में छह से सात घंटे का समय लग जाता है। चीनी मिल की ओर से केन यार्ड में किसानों के लिए अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मजबूरी में घर से ही कंबल और अन्य इंतजाम करके लाने पड़ते हैं।
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- बाबूराम, किसान गाजना
रविवार की शाम पांच बजे से ट्रैक्टर-ट्राॅली लाइन में लगाकर खड़े हैं। सुबह करीब तीन बजे तक तौल हो पाएगी। ट्राॅली पर गन्ने की पत्तियों को लादकर लाते हैं। ठंड से बचने के लिए पत्तियों को जलाकर तापते हैं।- कुलदीप कुमार, कटिया
जब फैक्टरी चालू हुई थी, तब किसान विश्रामालय और किसान कैंटीन की सुविधा थी। मगर पावर प्लांट बनने से अधिकांश सुविधाएं खत्म हो गईं। अब कहने के लिए विश्रामालय बनाकर छोड़ दिया है। उसमें कोई सुविधा नही है।
- विकास कुमार, ग्राम पैनिया हिम्मत
चीनी मिल के केन यार्ड और गन्ना खरीद केंद्रोंं पर अलाव की व्यवस्था कराई गई है। किसानों के बैठने को बेंच आदि रखवाने के निर्देश भी हैं। बरखेड़ा चीनी मिल के केन यार्ड और केंद्रों की जांच की जाएगी। व्यवस्थाएं कराई जाएंगी।- खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी

बाबूराम।- फोटो : संवाद

बाबूराम।- फोटो : संवाद

बाबूराम।- फोटो : संवाद

बाबूराम।- फोटो : संवाद