{"_id":"5e9f1ad78ebc3e90b57aa490","slug":"farmer-s-dead-body-found-pilibhit-news-bly4033968148","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापता किसान का शव माला नदी से सटे खेत में मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापता किसान का शव माला नदी से सटे खेत में मिला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरखेड़ा (पीलीभीत)। चार दिन से लापता चल रहे बुजुर्ग का क्षतविक्षत शव माला नदी किनारे एक खेत पर पड़ा मिला। ग्रामीणों से सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। परिवारवालों ने हत्या की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
थाना क्षेत्र के गंगापुरी गांव के रहने वाले 56 वर्षीय जानकी प्रसाद खेती करते थे। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे वह दवा लेने के लिए पीलीभीत जाने की बात कहकर घर से पैदल निकले थे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं लगा। परिवारवालों ने पड़ताल की तो सामने आया कि जानकी प्रसाद डॉक्टर के पास भी नहीं गए। इसके बाद बेटे श्रीपाल ने पुलिस को तहरीर दी। गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। चार दिन बाद मंगलवार सुबह किसान का शव गहलुइया गांव के पास माला नदी से सटे खेत में मिला। शव काफी क्षतविक्षत हालत में था, इसलिए उसे देखकर मौत का कोई अनुमान नहीं लगाया जा सका।
ग्रामीणों ने शव मिलने की सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिवारवालों को भी बुला लिया गया। छोटे बेटे विनोद ने शव की शिनाख्त पिता जानकी प्रसाद के रुप में की गई। बेटे ने अपने पिता की हत्या की आशंका जताई। हालांकि उसने किसी तरह की रंजिश से भी साफ इनकार किया है। परिवारवालों का कहना है कि जानकी प्रसाद पीलीभीत जाने के लिए घर से निकले थे। मगर गहलुइया गांव के पास शव मिलने की बात गले नहीं उतर रही है। इसका जवाब पुलिस भी तलाशती रही, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल सकी है। एसएसआई आशुतोष रघुवंशी का कहना है कि हो सकता है कि जानवरों ने शव क्षतविक्षत किया हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के गंगापुरी गांव के रहने वाले 56 वर्षीय जानकी प्रसाद खेती करते थे। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे वह दवा लेने के लिए पीलीभीत जाने की बात कहकर घर से पैदल निकले थे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं लगा। परिवारवालों ने पड़ताल की तो सामने आया कि जानकी प्रसाद डॉक्टर के पास भी नहीं गए। इसके बाद बेटे श्रीपाल ने पुलिस को तहरीर दी। गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। चार दिन बाद मंगलवार सुबह किसान का शव गहलुइया गांव के पास माला नदी से सटे खेत में मिला। शव काफी क्षतविक्षत हालत में था, इसलिए उसे देखकर मौत का कोई अनुमान नहीं लगाया जा सका।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने शव मिलने की सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिवारवालों को भी बुला लिया गया। छोटे बेटे विनोद ने शव की शिनाख्त पिता जानकी प्रसाद के रुप में की गई। बेटे ने अपने पिता की हत्या की आशंका जताई। हालांकि उसने किसी तरह की रंजिश से भी साफ इनकार किया है। परिवारवालों का कहना है कि जानकी प्रसाद पीलीभीत जाने के लिए घर से निकले थे। मगर गहलुइया गांव के पास शव मिलने की बात गले नहीं उतर रही है। इसका जवाब पुलिस भी तलाशती रही, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल सकी है। एसएसआई आशुतोष रघुवंशी का कहना है कि हो सकता है कि जानवरों ने शव क्षतविक्षत किया हो।
विज्ञापन