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Pilibhit News: पांच साल बाद भी बाईपास अधूरा, दिवाली पर जाम में फंसेंगे लोग
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पीलीभीत। शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए असम हाईवे से खटीमा रोड के लिए बाईपास का निर्माण कार्य वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। पूर्वाेत्तर रेलवे लाइन के दोनों ओर काम पूरा हो चुका है। रेल ट्रैक के ऊपर काम अभी अधूरा है। इसके चलते पांच साल बाद भी लोगों को एक बार फिर दिवाली समेत अन्य त्योहारों पर लंबे जाम में फंसना होगा।
शहर में जाम की समस्या को देखते हुए शासन ने साल 2019 में पीलीभीत बाईपास पर ओवरब्रिज निर्माण की मंजूरी दी थी। इसके लिए 26.80 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ था। दो साल तक ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अटका रहा। इसके बाद काम शुरू हुआ तो सेतु निगम ने अपने हिस्से का काम तय समय से पहले ही पूरा कर लिया, लेकिन रेलवे अपने हिस्से का काम कराने में शुरू से ही पिछड़ा रहा।
रेलवे लाइन के ऊपर काम होना बाकी रह गया था। रेलवे की ओर से तीन गर्डर रखे जाने थे। करीब छह माह पहले रेलवे की ओर से गर्डर आ गए थे। इनको जोड़ भी दिया गया था। जोड़ने के बाद पुल पर गर्डर लगा दिए गए। इसके बाद काम रुक गया। यह काम अब भी शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते बाईपास से लोगों की फर्राटा भरने की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। लोगों का कहना है कि इस दिवाली भी उन्हें जाम में फंसना पड़ेगा। (संवाद)
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लखनऊ आने-जाने वाले वाहनों का रास्ता होगा सुगम
लखनऊ की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को टनकपुर, खटीमा और उत्तराखंड के अन्य जिलों में जाने के लिए शहर के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस मार्ग पर दिनभर जाम की स्थिति रहती है। हादसे भी होते रहते हैं। यहां बता दें कि शहर के बीच से रोजाना करीब 15 से 20 हजार वाहनों का आना-जाना रहता है। इससे आए दिन जाम की समस्या रहती है।
रेलवे को काम पूरा करने में लग सकते हैं तीन माह
पीलीभीत-पूरनपुर रेलवे लाइन के ऊपर पुल का निर्माण पूरा होने में करीब तीन माह का वक्त लग सकता है। वहीं टनकपुर रेलवे लाइन के ऊपर काम एक माह में पूरा होने की बात कही जा रही है। बताया जाता है कि गर्डर पुल के ऊपर रख दिए गए हैं। ऐसे में अब पक्का फर्श पड़ना ही शेष है।
पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से गर्डर आने के बाद उनको रखवा दिया गया है। काम चल रहा था। बारिश होेने के कारण काम बीच में रोकना पड़ गया था। नीचे पानी भर जाने के कारण मशीन नहीं जा रही थी। अब सब ठीक होने के बाद काम को तेज किया जाएगा। करीब तीन माह में काम पूरा कर दिया जाएगा। -बिजेंद्र मौर्य, सहायक अभियंता, सेतु निगम
इसका निर्माण उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉर्पोरेशन की ओर से कराया जा रहा है। इससे पूर्वोत्तर रेलवे का कोई लेना देना नहीं। रेलवे लाइन के ऊपर भी कार्य उन्हीं को कराना है। - राजेंद्र कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे, इज्जतनगर मंडल
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शहर में जाम की समस्या को देखते हुए शासन ने साल 2019 में पीलीभीत बाईपास पर ओवरब्रिज निर्माण की मंजूरी दी थी। इसके लिए 26.80 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ था। दो साल तक ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अटका रहा। इसके बाद काम शुरू हुआ तो सेतु निगम ने अपने हिस्से का काम तय समय से पहले ही पूरा कर लिया, लेकिन रेलवे अपने हिस्से का काम कराने में शुरू से ही पिछड़ा रहा।
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रेलवे लाइन के ऊपर काम होना बाकी रह गया था। रेलवे की ओर से तीन गर्डर रखे जाने थे। करीब छह माह पहले रेलवे की ओर से गर्डर आ गए थे। इनको जोड़ भी दिया गया था। जोड़ने के बाद पुल पर गर्डर लगा दिए गए। इसके बाद काम रुक गया। यह काम अब भी शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते बाईपास से लोगों की फर्राटा भरने की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। लोगों का कहना है कि इस दिवाली भी उन्हें जाम में फंसना पड़ेगा। (संवाद)
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लखनऊ आने-जाने वाले वाहनों का रास्ता होगा सुगम
लखनऊ की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को टनकपुर, खटीमा और उत्तराखंड के अन्य जिलों में जाने के लिए शहर के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस मार्ग पर दिनभर जाम की स्थिति रहती है। हादसे भी होते रहते हैं। यहां बता दें कि शहर के बीच से रोजाना करीब 15 से 20 हजार वाहनों का आना-जाना रहता है। इससे आए दिन जाम की समस्या रहती है।
रेलवे को काम पूरा करने में लग सकते हैं तीन माह
पीलीभीत-पूरनपुर रेलवे लाइन के ऊपर पुल का निर्माण पूरा होने में करीब तीन माह का वक्त लग सकता है। वहीं टनकपुर रेलवे लाइन के ऊपर काम एक माह में पूरा होने की बात कही जा रही है। बताया जाता है कि गर्डर पुल के ऊपर रख दिए गए हैं। ऐसे में अब पक्का फर्श पड़ना ही शेष है।
पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से गर्डर आने के बाद उनको रखवा दिया गया है। काम चल रहा था। बारिश होेने के कारण काम बीच में रोकना पड़ गया था। नीचे पानी भर जाने के कारण मशीन नहीं जा रही थी। अब सब ठीक होने के बाद काम को तेज किया जाएगा। करीब तीन माह में काम पूरा कर दिया जाएगा। -बिजेंद्र मौर्य, सहायक अभियंता, सेतु निगम
इसका निर्माण उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉर्पोरेशन की ओर से कराया जा रहा है। इससे पूर्वोत्तर रेलवे का कोई लेना देना नहीं। रेलवे लाइन के ऊपर भी कार्य उन्हीं को कराना है। - राजेंद्र कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे, इज्जतनगर मंडल