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Pilibhit News: लर्निंग रूट पर दौड़ाए जा रहे इंजन
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पीलीभीत से शाहगढ़ तक सीआरएस निरीक्षण के बाद परखा जा रहा ट्रैक
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। पीलीभीत-शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेनों के संचालन की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ट्रेनों के संचालन से पहले इस रेलखंड पर प्रतिदिन इंजन दौड़ाकर एलआर (लर्निंग रूट) कराया जा रहा है। इंजन चलाने वाले पायलट को प्रमाणपत्र भी दिया जा रहा है।
पीलीभीत- शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच सीआरएस निरीक्षण 30 और 31 मार्च को किया गया था। इसे सफल भी माना जा रहा है। जल्द ही ट्रेनों के चलने की अनुमति मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। सीआरएस निरीक्षण के बाद पीलीभीत से रोजाना शाहगढ़ तक लर्निंग रूट (एलआर) प्रक्रिया के तहत इंजनों को दौड़ाया जा रहा है।
नए पायलट ही ट्रेनें लेकर जा रहे है। बृहस्पतिवार को पहली बार इस रूट से मैलानी से मथुरा के बीच मालगाड़ी को भेजा गया। यह मालगाड़ी भी सही से गुजर गई। इससे ट्रैक के ठीक होने की पुष्टि हो गई। अब इसी तरह अन्य मालगाड़ियों को पास कराने की बात कही जा रही है।
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सेक्शन प्रभारी कृष्ण मोहन विश्वकर्मा ने बताया एलआर के बाद पायलट को प्रमाणपत्र भी दिया जा रहा है। नए रूट पर एलआर कराना जरूरी होता है। संभावना है कि अब ट्रेनों के संचालन को लेकर जल्द ही घोषणा हो सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। पीलीभीत-शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेनों के संचालन की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ट्रेनों के संचालन से पहले इस रेलखंड पर प्रतिदिन इंजन दौड़ाकर एलआर (लर्निंग रूट) कराया जा रहा है। इंजन चलाने वाले पायलट को प्रमाणपत्र भी दिया जा रहा है।
पीलीभीत- शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच सीआरएस निरीक्षण 30 और 31 मार्च को किया गया था। इसे सफल भी माना जा रहा है। जल्द ही ट्रेनों के चलने की अनुमति मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। सीआरएस निरीक्षण के बाद पीलीभीत से रोजाना शाहगढ़ तक लर्निंग रूट (एलआर) प्रक्रिया के तहत इंजनों को दौड़ाया जा रहा है।
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नए पायलट ही ट्रेनें लेकर जा रहे है। बृहस्पतिवार को पहली बार इस रूट से मैलानी से मथुरा के बीच मालगाड़ी को भेजा गया। यह मालगाड़ी भी सही से गुजर गई। इससे ट्रैक के ठीक होने की पुष्टि हो गई। अब इसी तरह अन्य मालगाड़ियों को पास कराने की बात कही जा रही है।
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सेक्शन प्रभारी कृष्ण मोहन विश्वकर्मा ने बताया एलआर के बाद पायलट को प्रमाणपत्र भी दिया जा रहा है। नए रूट पर एलआर कराना जरूरी होता है। संभावना है कि अब ट्रेनों के संचालन को लेकर जल्द ही घोषणा हो सकती है।