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तबादलों से खफा कर्मचारियों ने शुरू किया कार्यबहिष्कार
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Fri, 01 Sep 2017 11:07 PM IST
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प्रदश्ाऱ्र्शन करते कमऱ्र्मचारी
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बीएसए व कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद अब तूल पकड़ने लगा है। बीएसए पर देख लेने की धमकी देने व गलत तरीके से तबादले करने का आरोप लगाते हुए लिपिकों समेत अन्य कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। आक्रोशित कर्मचारियों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया। साथ ही तबादला आदेश निरस्त न होने व संविदा कर्मियों का नवीनीकरण न होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की चेतावनी दी।
करीब दो माह पूर्व स्थानांतरित होकर बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति की कार्यशैली को लेकर जिले भर लिपिकों ने 26 अगस्त को ही लामबंद होना शुरू कर दिया था। आरोप था कि बीएसए द्वारा कई लिपिकों के स्थानांतरण कर दिए गए। जब लिपिक बीएसए से मिले तो उन्होंने स्थानांतरण में संशोधन के बदले बाजार से खरीदे गए घरेलू सामान के बकाया बिल थमा दिए। इसको लेकर लिपिकों ने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की। इधर बृहस्पतिवार शाम कर्मचारियों की बैठक हुई। कहा गया कि संज्ञान में आया है कि बीएसए द्वारा उच्चाधिकारियों को गुमराह कर सभी विकासखंड व नगरक्षेत्र के लिपिकों के विकासखंड पर परिवर्तन किया गया है। शिकायत से नाराज होकर बीएसए द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से लिपिकों के विकासखंड में परिवर्तन किया गया। कहा गया कि संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर आपरेटरों व लेखाकार की पत्रावली संबंधित लिपिक द्वारा बार-बार प्रस्तुत करने के बाद भी बीएसए द्वारा आदेश का अंकन नहीं किया। जब पत्रावली पुन: बीएसए के सामने रखी गई तो उन्होंने लिपिक से उल्टे देरी का स्पष्टीकरण तलब किया। आरोप है कि जब शाम को बीएसए से वार्ता की गई तो उन्होंने शिकायत को वापस लेने व पूरे स्टाफ को देख लेने की धमकी दी। बैठक में तय हुआ कि यदि स्थानांतरित किए गए लिपिकों के आदेश निरस्त व संविदा कर्मियों के नवीनीकरण नहीं किया तो कार्यबहिष्कार कर आंदोलन किया जाएगा।
इधर शुक्रवार सुबह कार्यालय पहुंचे लिपिकों व कर्मचारियों में बीएसए द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर गुस्सा देखा गया। बीएसए के पहुंचते ही कर्मचारियों ने शोर शराबा करना शुरू कर दिया। इस पर बीएसए कार्यालय से चले गए। आक्रोशित कर्मचारियों ने कामकाज बंद कर कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने बीएसए कार्यालय परिसर में ही बीएसए के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और तबादला आदेश निरस्त व संविदा कर्मचारियों का नवीनीकरण न होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की चेतावनी दी। कार्य बहिष्कार व प्रदर्शन करने वाले प्रधान सहायक संजय सिंह, तिलकराम, गिरीशचंद्र श्रीवास्तव, सौरभ सक्सेना, नजाकत खां, राजेश कुमार, नवीनचंद्र कांडपाल, भगवान सिंह, भारत भूषण, विक्रम सिंह, रामप्रताप, राकेश पटेल, मनीष श्रीवास्तव, पंकज शाक्य, चंद्रभान यादव, पवन अग्रवाल, नवल कपूर, इंद्रदेव, राजीव रतन, जतिन, मुकेश कुमार आदि शामिल रहे।
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करीब दो माह पूर्व स्थानांतरित होकर बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति की कार्यशैली को लेकर जिले भर लिपिकों ने 26 अगस्त को ही लामबंद होना शुरू कर दिया था। आरोप था कि बीएसए द्वारा कई लिपिकों के स्थानांतरण कर दिए गए। जब लिपिक बीएसए से मिले तो उन्होंने स्थानांतरण में संशोधन के बदले बाजार से खरीदे गए घरेलू सामान के बकाया बिल थमा दिए। इसको लेकर लिपिकों ने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की। इधर बृहस्पतिवार शाम कर्मचारियों की बैठक हुई। कहा गया कि संज्ञान में आया है कि बीएसए द्वारा उच्चाधिकारियों को गुमराह कर सभी विकासखंड व नगरक्षेत्र के लिपिकों के विकासखंड पर परिवर्तन किया गया है। शिकायत से नाराज होकर बीएसए द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से लिपिकों के विकासखंड में परिवर्तन किया गया। कहा गया कि संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर आपरेटरों व लेखाकार की पत्रावली संबंधित लिपिक द्वारा बार-बार प्रस्तुत करने के बाद भी बीएसए द्वारा आदेश का अंकन नहीं किया। जब पत्रावली पुन: बीएसए के सामने रखी गई तो उन्होंने लिपिक से उल्टे देरी का स्पष्टीकरण तलब किया। आरोप है कि जब शाम को बीएसए से वार्ता की गई तो उन्होंने शिकायत को वापस लेने व पूरे स्टाफ को देख लेने की धमकी दी। बैठक में तय हुआ कि यदि स्थानांतरित किए गए लिपिकों के आदेश निरस्त व संविदा कर्मियों के नवीनीकरण नहीं किया तो कार्यबहिष्कार कर आंदोलन किया जाएगा।
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इधर शुक्रवार सुबह कार्यालय पहुंचे लिपिकों व कर्मचारियों में बीएसए द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर गुस्सा देखा गया। बीएसए के पहुंचते ही कर्मचारियों ने शोर शराबा करना शुरू कर दिया। इस पर बीएसए कार्यालय से चले गए। आक्रोशित कर्मचारियों ने कामकाज बंद कर कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने बीएसए कार्यालय परिसर में ही बीएसए के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और तबादला आदेश निरस्त व संविदा कर्मचारियों का नवीनीकरण न होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की चेतावनी दी। कार्य बहिष्कार व प्रदर्शन करने वाले प्रधान सहायक संजय सिंह, तिलकराम, गिरीशचंद्र श्रीवास्तव, सौरभ सक्सेना, नजाकत खां, राजेश कुमार, नवीनचंद्र कांडपाल, भगवान सिंह, भारत भूषण, विक्रम सिंह, रामप्रताप, राकेश पटेल, मनीष श्रीवास्तव, पंकज शाक्य, चंद्रभान यादव, पवन अग्रवाल, नवल कपूर, इंद्रदेव, राजीव रतन, जतिन, मुकेश कुमार आदि शामिल रहे।
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