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दोबारा जिलाध्यक्ष चुने गए धर्मपाल, महामंत्री बने रामसेवक वाल्मीकि
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पीलीभीत। जिले में शुक्रवार को हुए मतदान में उत्तर प्रदेश पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के धर्मपाल दोबारा से जिलाध्यक्ष चुने गए। इन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को 497 वोटों से पराजित किया। इसके अलावा महामंत्री रामसेवक वाल्मीकि और कोषाध्यक्ष पद पर दीनानाथ विजयी हुए। तीनों विजयी पदाधिकारियों को फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया।
उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के लिए जिलाध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष के पद पर चुनाव कराया गया। इसमें जिलाध्यक्ष पद पर धर्मपाल और मदनलाल खड़े हुए थे। इसके अलावा महामंत्री पद के लिए रामसेवक वाल्मीकि, वीरेंद्र कुमार और भद्रसेन गंगवार और कोषाध्यक्ष के लिए देवेश राठौर और मोहम्मद नाजिम ने चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई। इन्हें चुनने के लिए 1290 सफाई कर्मचारियों को मतदान करना था। मतदान प्रक्रिया को सुबह आठ से तीन बजे तक मरौरी ब्लॉक में कराया गया। इसमें जिले के सफाई कर्मचारियों ने अपने मत का प्रयोग किया। जहां 1079 कर्मचारियों ने मत डाला। इसके लिए दो बूथ बनाए गए थे। चुनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स भी ड्यूटी लगाई गई थी। सुबह से ही ब्लॉक पर भीड़ उमड़ रही। मतदान के बाद देर शाम मतगणना की गई। जिसमें जिलाध्यक्ष धर्मपाल ने 497 वोट से मदनलाल को हराया। जबकि मदनपाल को 293 में ही संतोष करना पड़ा। इसी जिला महामंत्री पद भद्रसेन, रामसेवक वाल्मीकि और वीरेंद्र कुमार की बीच लड़ाई थी। इसमें सर्वाधिक रामसेवक वाल्मीकि को 620 मत पाकर विजयी हुई। वहीं कोषाध्यक्ष पद पर दीनानाथ को 726 और नाजिम को 280 मत मिले। इस प्रकार दीनानाथ विजयी हुई। तीनों विजयी पदाधिकारियों को माला पहनाकर बधाई दी। जीत के बाद उनके समर्थकों ने मिठाइयां बांटीं।
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उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के लिए जिलाध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष के पद पर चुनाव कराया गया। इसमें जिलाध्यक्ष पद पर धर्मपाल और मदनलाल खड़े हुए थे। इसके अलावा महामंत्री पद के लिए रामसेवक वाल्मीकि, वीरेंद्र कुमार और भद्रसेन गंगवार और कोषाध्यक्ष के लिए देवेश राठौर और मोहम्मद नाजिम ने चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई। इन्हें चुनने के लिए 1290 सफाई कर्मचारियों को मतदान करना था। मतदान प्रक्रिया को सुबह आठ से तीन बजे तक मरौरी ब्लॉक में कराया गया। इसमें जिले के सफाई कर्मचारियों ने अपने मत का प्रयोग किया। जहां 1079 कर्मचारियों ने मत डाला। इसके लिए दो बूथ बनाए गए थे। चुनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स भी ड्यूटी लगाई गई थी। सुबह से ही ब्लॉक पर भीड़ उमड़ रही। मतदान के बाद देर शाम मतगणना की गई। जिसमें जिलाध्यक्ष धर्मपाल ने 497 वोट से मदनलाल को हराया। जबकि मदनपाल को 293 में ही संतोष करना पड़ा। इसी जिला महामंत्री पद भद्रसेन, रामसेवक वाल्मीकि और वीरेंद्र कुमार की बीच लड़ाई थी। इसमें सर्वाधिक रामसेवक वाल्मीकि को 620 मत पाकर विजयी हुई। वहीं कोषाध्यक्ष पद पर दीनानाथ को 726 और नाजिम को 280 मत मिले। इस प्रकार दीनानाथ विजयी हुई। तीनों विजयी पदाधिकारियों को माला पहनाकर बधाई दी। जीत के बाद उनके समर्थकों ने मिठाइयां बांटीं।
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