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आठ हजार वोट पाकर विधायक बन गए थे निरंजन सिंह
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Sat, 07 Jan 2017 10:57 PM IST
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यूपी इलेक्शन
- फोटो : अमर उजाला
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फ्लैश बैक: जिले में पहला विधानसभा चुनाव- 1951
पीलीभीत वेस्ट सीट से जीते मकसूद आलम खां थे जिले के पहले मुस्लिम विधायक
सबसे बड़ी जीत
7196 वोटों से एजाज को हराकर मकसूद आलम ने हासिल किया था यह श्रेय
कांटे की लड़ाई
724 वोटों के सबसे कम अंतर से बीसलपुर सेंट्रल में जीते थे हरिप्रसाद
पहली जंग के योद्धा
027 प्रत्याशी शामिल हुए थे जिले की चारों सीटों पर हुए पहले चुनाव में
जिले में विधानसभा का पहला चुनाव 1951 में हुआ था। तब भी जिले में चार विधानसभा क्षेत्र थे लेकिन उनके नाम ये नहीं थे जो अब हैं। पहले चुनाव में पीलीभीत में दो विधानसभा क्षेत्र बनाए गए थे जिनका नाम 25-पीलीभीत वेस्ट और 26-पीलीभीत ईस्ट कम बीसलपुर था। पीलीभीत ईस्ट कम बीसलपुर सीट पर इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार निरंजन सिंह ने सिर्फ 8048 वोट हासिल कर चुनाव जीता था, वहीं पीलीभीत वेस्ट से मकसूद आलम खां विजयी हुए थे जिन्हें इस चुनाव में 12496 वोट मिले थे। उनके निकटतम प्रत्याशी मोहम्मद एजाज थे जिन्हें उन्होंने 7196 वोटों से हराया था। पहले चुनाव में जिले में यह सबसे बड़ी जीत थी।
1951 के चुनाव में पीलीभीत जिले के दो अन्य विधानसभा क्षेत्र 27-पूरनपुर कम बीसलपुर ईस्ट और 28-बीसलपुर सेंट्रल थे। पीलीभीत वेस्ट सीट पर जीतकर जिले के पहले मुस्लिम विधायक बनने वाले मकसूद आलम इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी थे। उनका मुकाबला किसान मजदूर प्रजा पार्टी को मोहम्मद एजाज से हुआ था जिन्हें इस चुनाव में 5300 वोट मिले थे। इस चुनाव के दौरान इस क्षेत्र में कुल 66541 मतदाता थे जिनमें से 28856 ने मतदान किया था। चुनाव मैदान में सात उम्मीदवारों ने भाग्य आजमाया था।
पीलीभीत ईस्ट कम बीसलपुर सीट से नौ प्रत्याशियों ने पहला चुनाव लड़ा था। इस क्षेत्र में कुल मतदाता 61922 थे जिनमें से 22042 मतदाताओं ने ही मतदान किया था। इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी निरंजन सिंह के निकटतम प्रतिद्वंद्वी किसान मजदूर प्रजा पार्टी के एनएन मित्रा को 3880 मत मिले थे और जीत का अंतर 4168 मत रहा था। पूरनपुर कम बीसलपुर ईस्ट सीट से छह प्रत्याशी मैदान में थे जिनके चुनाव के लिए कुल 63498 मतदाताओं में से 24487 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें सोशलिस्ट पार्टी के मुनींद्र पाल सिंह को 10007 और आईएनसी के राममूर्ति लाल को 8578 मत मिले। इस प्रकार 1429 मतों के अंतर से मुनींद्र पाल सिंह विधायक बने।
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बीसलपुर सेंट्रल सीट से 1951 के चुनाव में मात्र पांच उम्मीदवार ही मैदान में उतरे थे। इस विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या 62427 थी जिनमें से 28452 ने ही वोट डाले थे। चुनाव में सोशलिस्ट पार्टी के हरीप्रसाद को सर्वाधिक 9455 और आईएनसी के भगवान सिंह को 8731 मत हासिल हुए। मात्र 724 मतों के अंतर से हरीप्रसाद निर्वाचित हुए जो पहली विधानसभा में सबसे कम अंतर की जीत थी।
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पीलीभीत वेस्ट सीट से जीते मकसूद आलम खां थे जिले के पहले मुस्लिम विधायक
सबसे बड़ी जीत
7196 वोटों से एजाज को हराकर मकसूद आलम ने हासिल किया था यह श्रेय
कांटे की लड़ाई
724 वोटों के सबसे कम अंतर से बीसलपुर सेंट्रल में जीते थे हरिप्रसाद
पहली जंग के योद्धा
027 प्रत्याशी शामिल हुए थे जिले की चारों सीटों पर हुए पहले चुनाव में
जिले में विधानसभा का पहला चुनाव 1951 में हुआ था। तब भी जिले में चार विधानसभा क्षेत्र थे लेकिन उनके नाम ये नहीं थे जो अब हैं। पहले चुनाव में पीलीभीत में दो विधानसभा क्षेत्र बनाए गए थे जिनका नाम 25-पीलीभीत वेस्ट और 26-पीलीभीत ईस्ट कम बीसलपुर था। पीलीभीत ईस्ट कम बीसलपुर सीट पर इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार निरंजन सिंह ने सिर्फ 8048 वोट हासिल कर चुनाव जीता था, वहीं पीलीभीत वेस्ट से मकसूद आलम खां विजयी हुए थे जिन्हें इस चुनाव में 12496 वोट मिले थे। उनके निकटतम प्रत्याशी मोहम्मद एजाज थे जिन्हें उन्होंने 7196 वोटों से हराया था। पहले चुनाव में जिले में यह सबसे बड़ी जीत थी।
1951 के चुनाव में पीलीभीत जिले के दो अन्य विधानसभा क्षेत्र 27-पूरनपुर कम बीसलपुर ईस्ट और 28-बीसलपुर सेंट्रल थे। पीलीभीत वेस्ट सीट पर जीतकर जिले के पहले मुस्लिम विधायक बनने वाले मकसूद आलम इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी थे। उनका मुकाबला किसान मजदूर प्रजा पार्टी को मोहम्मद एजाज से हुआ था जिन्हें इस चुनाव में 5300 वोट मिले थे। इस चुनाव के दौरान इस क्षेत्र में कुल 66541 मतदाता थे जिनमें से 28856 ने मतदान किया था। चुनाव मैदान में सात उम्मीदवारों ने भाग्य आजमाया था।
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पीलीभीत ईस्ट कम बीसलपुर सीट से नौ प्रत्याशियों ने पहला चुनाव लड़ा था। इस क्षेत्र में कुल मतदाता 61922 थे जिनमें से 22042 मतदाताओं ने ही मतदान किया था। इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी निरंजन सिंह के निकटतम प्रतिद्वंद्वी किसान मजदूर प्रजा पार्टी के एनएन मित्रा को 3880 मत मिले थे और जीत का अंतर 4168 मत रहा था। पूरनपुर कम बीसलपुर ईस्ट सीट से छह प्रत्याशी मैदान में थे जिनके चुनाव के लिए कुल 63498 मतदाताओं में से 24487 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें सोशलिस्ट पार्टी के मुनींद्र पाल सिंह को 10007 और आईएनसी के राममूर्ति लाल को 8578 मत मिले। इस प्रकार 1429 मतों के अंतर से मुनींद्र पाल सिंह विधायक बने।
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बीसलपुर सेंट्रल सीट से 1951 के चुनाव में मात्र पांच उम्मीदवार ही मैदान में उतरे थे। इस विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या 62427 थी जिनमें से 28452 ने ही वोट डाले थे। चुनाव में सोशलिस्ट पार्टी के हरीप्रसाद को सर्वाधिक 9455 और आईएनसी के भगवान सिंह को 8731 मत हासिल हुए। मात्र 724 मतों के अंतर से हरीप्रसाद निर्वाचित हुए जो पहली विधानसभा में सबसे कम अंतर की जीत थी।