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स्कूल पहुंचे विद्यार्थी, ताली बजाकर किया गया स्वागत
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पीलीभीत। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बाद सोमवार को पहली बार कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल खुले। स्कूलों में विद्यार्थियों का ताली बजाकर स्वागत किया। अभी आधी क्षमता के साथ विद्यार्थी स्कूल बुलाए गए। मास्क की अनिवार्यता रही, हाथों को सैनिटाइज और तापमान चेक के बाद उन्हें स्कूल में प्रवेश दिया गया। हालांकि कुछ स्कूलों में कोविड नियमों को पालन ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया। दो पालियों में कक्षाएं लगाकर पढ़ाई कराई गईं।
कोरोना के कारण करीब पांच महीने से पूरे स्कूल बंद थे। शासन ने कोरोना की रफ्तार हल्की पड़ने के बाद 16 अगस्त यानी सोमवार से स्कूल खोलने के निर्देश दिए थे। सोमवार को शहर के ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, सनातन धर्म बांके बिहारी राम इंटर कॉलेज, एसएन इंटर कॉलेज, चिरौजी लाल वीरेंद्र पाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, अंगूरी देवी बालिका इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज समेत जिले के समस्त वित्तविहीन और माध्यमिक के स्कूल खोले गए। जहां सबसे पहले गेट पर ही विद्यार्थियों का प्रवेश पत्र देखने के साथ हाथों को सैनिटाइज कराया गया। इसके बाद कक्षाओं में जाने के बाद उन्हें एक मीटर की दूरी पर बैठाया गया। जहां पहली पाली सुबह आठ बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चली। कोरोना के चलते स्कूलों में भोजन अवकाश नहीं कराया गया। पहली पाली में सिर्फ 50 फीसदी ही विद्यार्थी बुलाए गए थे, लेकिन स्कूलों में 50 फीसदी से भी कम बच्चे पहुंचे। दूसरी पाली का दोपहर 12:30 से शाम 04:30 बजे तक संचालन किया गया। इधर, बीसलपुर में कोविड नियमों का पालन करते हुए स्कूलों में क्षमता के 50 फीसदी विद्यार्थी बुलाए गए। हालांकि पहले दिन वहां भी संख्या कम रही।
अमरिया। कस्बा अमरिया के दि ग्रेट इंटर कॉलेज में 9 से 12 के 1304 छात्र-छात्राओं में से मात्र 37 ही छात्र छात्राएं उपस्थित हुए। गुरु तेग बहादुर इंटर कॉलेज बढ़ापुरा में में 350 छात्र-छात्राओं में से 102 छात्र छात्राएं पहुंचे। गुरुनानक इंटर कॉलेज चठिया भैंसहा में कक्षा 9 से 12 के 400 छात्र छात्राओं में से मात्र 11 छात्र -छात्राएं ही स्कूल पहुंचीं।
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गुरु तेग बहादुर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य गुरमीत सिंह विर्क ने बताया कि सभी छात्र छात्राओं को फेस मास्क व सैनिटाइजर लाने को कहा गया था। अधिकांश छात्र सैनिटाइजर अपने साथ लाए। अभिभावकों से अनुमति प्रमाणपत्र लिए गए हैं। सभी की स्क्रीनिंग करने के बाद ही उन्हें कक्षाओं में प्रवेश दिया गया।
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कोरोना के कारण करीब पांच महीने से पूरे स्कूल बंद थे। शासन ने कोरोना की रफ्तार हल्की पड़ने के बाद 16 अगस्त यानी सोमवार से स्कूल खोलने के निर्देश दिए थे। सोमवार को शहर के ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, सनातन धर्म बांके बिहारी राम इंटर कॉलेज, एसएन इंटर कॉलेज, चिरौजी लाल वीरेंद्र पाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, अंगूरी देवी बालिका इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज समेत जिले के समस्त वित्तविहीन और माध्यमिक के स्कूल खोले गए। जहां सबसे पहले गेट पर ही विद्यार्थियों का प्रवेश पत्र देखने के साथ हाथों को सैनिटाइज कराया गया। इसके बाद कक्षाओं में जाने के बाद उन्हें एक मीटर की दूरी पर बैठाया गया। जहां पहली पाली सुबह आठ बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चली। कोरोना के चलते स्कूलों में भोजन अवकाश नहीं कराया गया। पहली पाली में सिर्फ 50 फीसदी ही विद्यार्थी बुलाए गए थे, लेकिन स्कूलों में 50 फीसदी से भी कम बच्चे पहुंचे। दूसरी पाली का दोपहर 12:30 से शाम 04:30 बजे तक संचालन किया गया। इधर, बीसलपुर में कोविड नियमों का पालन करते हुए स्कूलों में क्षमता के 50 फीसदी विद्यार्थी बुलाए गए। हालांकि पहले दिन वहां भी संख्या कम रही।
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अमरिया। कस्बा अमरिया के दि ग्रेट इंटर कॉलेज में 9 से 12 के 1304 छात्र-छात्राओं में से मात्र 37 ही छात्र छात्राएं उपस्थित हुए। गुरु तेग बहादुर इंटर कॉलेज बढ़ापुरा में में 350 छात्र-छात्राओं में से 102 छात्र छात्राएं पहुंचे। गुरुनानक इंटर कॉलेज चठिया भैंसहा में कक्षा 9 से 12 के 400 छात्र छात्राओं में से मात्र 11 छात्र -छात्राएं ही स्कूल पहुंचीं।
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गुरु तेग बहादुर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य गुरमीत सिंह विर्क ने बताया कि सभी छात्र छात्राओं को फेस मास्क व सैनिटाइजर लाने को कहा गया था। अधिकांश छात्र सैनिटाइजर अपने साथ लाए। अभिभावकों से अनुमति प्रमाणपत्र लिए गए हैं। सभी की स्क्रीनिंग करने के बाद ही उन्हें कक्षाओं में प्रवेश दिया गया।