{"_id":"31b536e50eb0b3ddd4a220e7b0c041f1","slug":"district-hospital-electric-load-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकारियों की उपेक्षा से जिला अस्पताल पर बिजली का बोझ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकारियों की उपेक्षा से जिला अस्पताल पर बिजली का बोझ
पीलीभीत।
Updated Wed, 24 Jun 2015 11:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन के आदेशों को अधिकारी किस कदर नजरदांज करते हैं, इसकी बानगी जिला अस्पताल में देखने को मिली। शासन ने आवसीय भवनों व जिला संयुक्त चिकित्सालय के बिजली कनेक्शनों को अलग-अलग करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन एक साल गुजरने के बाद भी बिजली कनेक्शनों का अलग नहीं किया गया।
जिला संयुक्त चिकित्यालय के समीप ही डॉक्टरों और कर्मचारियों की आवसीय कालोनी है। इस कॉलोनी में वन, टू और फोर टाइप के करीब 119 आवास बने हुए हैं। इन आवासों को जिला अस्पताल के बिजली कनेक्शन से ही बिजली सप्लाई दी जा रही है। बिजली का चार्ज डॉक्टरों और कर्मचारियों के वेतन से एक फिक्स रेट के तहत वसूला जाता है।
बताते हैं कि फिक्स रेट वसूले जाने से आवसीय कॉलोनी में बेतहाशा बिजली खर्च की जा रही है। बढ़ते बिजली व्यय को देखते हुए करीब साल भर पूर्व महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने जिला अस्पताल और आवासीय कॉलोनी का बिजली कनेक्शन अलग-अलग करने के निर्देश दिए थे। मामले में लिखापढ़ी भी की गई, लेकिन अब तक बिजली कनेक्शन अलग नहीं किए जा सके। यह स्थिति तब है, जब शासन ने पृथक बिजली कनेक्शन न होने पर अस्पताल पर होने वाले बिजली व्यय के बजट को जारी न करने की चेतावनी दी थी।
विज्ञापन
इस संबंध में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरसी शर्मा ने बताया कि पृथक कनेक्शन को लेकर बिजली विभाग द्वारा स्टीमेट बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही अलग-अलग कनेक्शन करा दिए जाएंगे।
विज्ञापन
जिला संयुक्त चिकित्यालय के समीप ही डॉक्टरों और कर्मचारियों की आवसीय कालोनी है। इस कॉलोनी में वन, टू और फोर टाइप के करीब 119 आवास बने हुए हैं। इन आवासों को जिला अस्पताल के बिजली कनेक्शन से ही बिजली सप्लाई दी जा रही है। बिजली का चार्ज डॉक्टरों और कर्मचारियों के वेतन से एक फिक्स रेट के तहत वसूला जाता है।
विज्ञापन
बताते हैं कि फिक्स रेट वसूले जाने से आवसीय कॉलोनी में बेतहाशा बिजली खर्च की जा रही है। बढ़ते बिजली व्यय को देखते हुए करीब साल भर पूर्व महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने जिला अस्पताल और आवासीय कॉलोनी का बिजली कनेक्शन अलग-अलग करने के निर्देश दिए थे। मामले में लिखापढ़ी भी की गई, लेकिन अब तक बिजली कनेक्शन अलग नहीं किए जा सके। यह स्थिति तब है, जब शासन ने पृथक बिजली कनेक्शन न होने पर अस्पताल पर होने वाले बिजली व्यय के बजट को जारी न करने की चेतावनी दी थी।
विज्ञापन
इस संबंध में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरसी शर्मा ने बताया कि पृथक कनेक्शन को लेकर बिजली विभाग द्वारा स्टीमेट बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही अलग-अलग कनेक्शन करा दिए जाएंगे।