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टाइगर रिजर्व के डीएफओ रहेंगे कैलाश प्रकाश
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Thu, 15 Sep 2016 10:51 PM IST
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डिप्टी रेंजर और ट्रक चालक के बीच हुए विवाद के मुख्यालय संबद्ध किए गए डीएफओ कैलाश प्रकाश को पुन: टाइगर रिजर्व में तैनाती दी गई है। बृहस्पतिवार देरशाम शासन ने उसकी संबद्धता समाप्त कर दी है। शुक्रवार को वह यहां पुन: ज्वाइन करेंगे।
टाइगर रिजर्व की माला रेंज के डिप्टी रेंज का माधोटांडा मार्ग निर्माण को गिट्टी लेकर आ रहे ट्रक चालक से रात 12 बजे जंगल क्षेत्र में घुसने को लेकर विवाद हो गया था। ठेकेदार की ऊंची पकड़ होने के कारण मामला शासन तक पहुंचा और बिना कोई नोटिस अथवा पूछताछ के सत्ता के इशारे पर डीएफओ कैलाश प्रकाश को जो घटना के दिन जिले में मौजूद भी नहीं थे को लखनऊ स्थित जाइका निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया था। चार दिन बाद संबद्धीकरण आदेश मिलने पर वह तत्कालीन वनसंरक्षक वीके चौपड़ा को चार्ज देकर लखनऊ रवाना हो गए थे। लेकिन उनके स्थान पर किसी अन्य डीएफओ की तैनाती न होने के चलते उनके वापसी के कयास लगाए जा रहे थे जो बृहस्पतिवार को सही साबित हुए। शासन ने उनका संबद्धीकरण समाप्त कर पुन: टाइगर रिजर्व का डीएफओ नियुक्त किया है। स्वयं डीएफओ ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि वह शुक्रवार सुबह पीलीभीत पहुंचकर ज्वाइन करेंगे।
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टाइगर रिजर्व की माला रेंज के डिप्टी रेंज का माधोटांडा मार्ग निर्माण को गिट्टी लेकर आ रहे ट्रक चालक से रात 12 बजे जंगल क्षेत्र में घुसने को लेकर विवाद हो गया था। ठेकेदार की ऊंची पकड़ होने के कारण मामला शासन तक पहुंचा और बिना कोई नोटिस अथवा पूछताछ के सत्ता के इशारे पर डीएफओ कैलाश प्रकाश को जो घटना के दिन जिले में मौजूद भी नहीं थे को लखनऊ स्थित जाइका निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया था। चार दिन बाद संबद्धीकरण आदेश मिलने पर वह तत्कालीन वनसंरक्षक वीके चौपड़ा को चार्ज देकर लखनऊ रवाना हो गए थे। लेकिन उनके स्थान पर किसी अन्य डीएफओ की तैनाती न होने के चलते उनके वापसी के कयास लगाए जा रहे थे जो बृहस्पतिवार को सही साबित हुए। शासन ने उनका संबद्धीकरण समाप्त कर पुन: टाइगर रिजर्व का डीएफओ नियुक्त किया है। स्वयं डीएफओ ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि वह शुक्रवार सुबह पीलीभीत पहुंचकर ज्वाइन करेंगे।
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